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जलसंकट पर होनी थी विशेष बैठक, महापौर ने आश्वासन भी दिया था लेकिन अब तक नहीं हुई

इंफ्रास्ट्रक्चर रिपोर्टर | भोपाल शहर में जलसंकट के हालात हैं। बड़े तालाब से हो रही कटौती के कारण पुराने शहर के...

Danik Bhaskar | May 18, 2018, 03:35 AM IST
इंफ्रास्ट्रक्चर रिपोर्टर | भोपाल

शहर में जलसंकट के हालात हैं। बड़े तालाब से हो रही कटौती के कारण पुराने शहर के कई हिस्सों में तीन- चार दिन पानी नहीं आ रहा है। महापौर आलोक शर्मा ने फरवरी में परिषद बैठक में आश्वासन दिया था कि पानी की समस्या पर विचार के लिए परिषद की विशेष बैठक बुलाई जाएगी। लेकिन यह बैठक नहीं हुई। और तो और अफसरों की गलती से हमारी पार्षद निधि डूब गई।

यह सब बातें गुरुवार को परिषद अध्यक्ष सुरजीत सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई भाजपा पार्षद दल की बैठक में पार्षदों ने कही। पार्षद दल के महासचिव रवींद्र यती ने बैठक का संचालन किया। भाजपा के 55 में से 45 पार्षद इस बैठक में मौजूद थे। 10 में से छह एमआईसी सदस्य केवल मिश्रा, दिनेश यादव, शंकर मकोरिया, सुरेंद्र बाडिका, महेश मकवाना और भूपेंद्र माली भी बैठक में मौजूद थे। एमआईसी मेंबर दिनेश यादव ने जलसंकट का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि शहर में पानी की कमी नहीं है, लेकिन इंजीनियर पर्याप्त पानी सप्लाई में नाकाम साबित हो रहे हैं। केवल मिश्रा ने कहा कि महापौर आलोक शर्मा के निर्देश के बाद भी इंजीनियरों ने पार्षदों के साथ दौरे नहीं किए। वार्ड 20 के पार्षद संजीव गुप्ता स्वच्छता रैली की तैयारियों के कारण बैठक में नहीं आ सके लेकिन उन्होंने चौहान से फोन पर यही बात कही।

अफसरों ने लायबिलिटी फंड ही नहीं रखा

शंकर मकोरिया, राजेश खटीक और भूपेंद्र माली ने कहा कि अधिकारियों ने बजट ऐसा बनाया कि पार्षद निधि में लायबिलिटी फंड नहीं रखा। नतीजा पिछले साल के शेष कार्यों के भुगतान में इस साल की पार्षद निधि खत्म हो जाएगी। नतीजा हम नए विकास कार्य नहीं करा पाएंगे और यदि नए कार्य कराना चाहें तो पिछले साल के वर्क ऑर्डर निरस्त करना पड़ेंगे। चुनावी वर्ष में यह स्थिति खतरनाक है।