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फर्जी ऋण पुस्तिकाओं से पांच साल में 250 बदमाशों को दिलाई जमानत, 10 गिरफ्तार

भोपाल और जबलपुर समेत आस-पास की जिला अदालतों में फर्जी जमानतदारों के दो बड़े रैकेट ऑपरेट हो रहे हैं। फर्जी ऋण...

Dainik Bhaskar

Jul 13, 2018, 04:10 AM IST
फर्जी ऋण पुस्तिकाओं से पांच साल में 250 बदमाशों को दिलाई जमानत, 10 गिरफ्तार
भोपाल और जबलपुर समेत आस-पास की जिला अदालतों में फर्जी जमानतदारों के दो बड़े रैकेट ऑपरेट हो रहे हैं। फर्जी ऋण पुस्तिका को अदालत में पेश कर मारपीट से लेकर हत्या तक के मामलों में जमानत भरने में उन्हें कोई परेशानी नहीं आती। इस बात पर उस वक्त मुहर लग गई, जब एमपी नगर पुलिस ने ऐसे ही दो गिरोह के दस सदस्यों को गिरफ्तार किया। ये गिरोह पांच साल से इस गोरखधंधे में लिप्त होकर अब तक 250 से ज्यादा बदमाशों की जमानतें ले चुका है। पुलिस को शक है कि कुछ वकीलों की मदद के बगैर ये गिरोह संचालित करना मुमकिन नहीं, जो इन्हें ‘न्यायमित्र’ कहकर बुलाते हैं।

डीआईजी धर्मेंद्र चौधरी ने बताया कि एमपी नगर पुलिस फर्जी जमानतदार के सात अलग-अलग मामलों की विवेचना कर रही थी। इस दौरान सामने आया कि जहांगीराबाद थाने का निगरानी बदमाश बबलू चिकना उर्फ इमरान इस गड़बड़ी में शामिल है। उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की तो फर्जी जमानतदारों के दो गिरोहों का खुलासा हुआ। उसकी निशानदेही पर जबलपुर में फर्जी बहियां (ऋण पुस्तिका) बनाने वाले गिरोह के 50 वर्षीय सदस्य सफिया को पकड़ा गया।

पुलिस का शक: बिना कुछ वकीलों की मदद के गिरोह संचालित करना मुमकिन नहीं

गोरखधंधे में हर किसी ‘न्यायमित्र’ की अलग जिम्मेदारी

बबलू और सफिया की निशानदेही पर जबलपुर के अशरफ उर्फ बबुआ, कृष्ण कुमार गुप्ता और नकी अंसारी को भी गिरफ्तार किया गया। अशरफ फर्जी बही बनाकर देता था। उसके कब्जे से 42 जिलों और अफसरों की सील समेत 28 फर्जी बहियां जब्त की गईं। कृष्ण कुमार से नकली बही के मुख्य पृष्ठ की पांच फोटो कॉपी और बही के अंदर के पन्नों की 69 प्रतियां बरामद की गईं। वह बही के पन्नों की फोटो कॉपी कर इन आरोपियों को नकली बही बनाने के लिए कच्चा माल उपलब्ध करवाता था। नकी अंसारी की जिम्मेदारी बहियों की बाइंडिंग और नंबरिंग कर असली जैसी बही तैयार करना है।

जमावड़ा..... अदालतों के बाहर जमा रहते हैं फर्जी जमानतदार

ये गिरोह पांच साल से इस धंधे में है। वह अब तक 250 से ज्यादा फर्जी जमानतें दिलवा चुका है। पुलिस का अंदाजा है कि उन्होंने इससे कहीं ज्यादा जमानतें करवाई होंगी। एसपी साउथ राहुल लोढा के मुताबिक जमानत की रकम का 20-25 फीसदी लेकर ये गिरोह जमानतें भरवाता है। भोपाल और जबलपुर जिला अदालतों के बाहर फर्जी जमानतदारों का जमावड़ा लगता है।

पुलिस का दावा..... जज के सामने खड़े होने की भी रिहर्सल

पुलिस का दावा है कि दोनों गिरोह जमानत भरने वाले को आरोपी के बारे में हर जानकारी मुहैया करवाते थे। ये जानकारी वही होती थीं, जिन्हें लेकर अमूमन अदालत में जज सवाल करते हैं। इसके बाद जमानतदार को जज द्वारा पूछे जाने वाले सवालों पर रिहर्सल भी करवाई जाती थी, ताकि अदालत में कोई गड़बड़ी न हो जाए।

भोपाल के लिए अलग गिरोह

बबलू चिकना ने भोपाल जिला अदालत में भी सक्रिय गिरोह का खुलासा किया, जो सफिया से नकली कोरी बहियां लेकर फर्जी जमानतें करवाते हैं। इस गिरोह को अंबेडकर नगर निवासी सुधाकर बागड़े संचालित करता है। पुलिस ने सुधाकर के कब्जे से तीन बहियां, प्रधानमंत्री आवास योजना के फाॅर्म, राशन कार्ड, नगर निगम के पट्टों के कार्ड, फर्जी आधार कार्ड और वोटर आईडी जब्त किए। सुधाकर के जरिए पुलिस ने फर्जी जमानतदार भवानी सिंह, सैय्यद मसीहउद्दीन, तरुण घोष और लल्लू उर्फ राजेश लाल को गिरफ्तार किया। सभी के पास फर्जी जमानत करवाने के दस्तावेज मिले हैं।

एसपी बोले..... निरस्त होंगी सभी आरोपियों की जमानतें

एसपी के मुताबिक आरोपियों के पास से जब्त की गई ऋण पुस्तिका के आधार पर अदालत से जानकारी मांगी गई है। इससे ये पता चल जाएगा कि आरोपियों ने किन-किन अपराधों में किस-किस आरोपी की जमानत ली है। इस जानकारी के आधार पर पुलिस उन आरोपियों की जमानतें निरस्त करवाएगी।

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