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ट्रांसफर के बाद भी नहीं गए डीन को हटाया आठ डॉक्टरों पर हो सकती है कार्रवाई

मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) जल्द ही खंडवा, रतलाम और विदिशा मेडिकल कॉलेज का दौरा कर सकता है। चूंकि फैकल्टी कुछ...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jul 13, 2018, 04:10 AM IST

मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) जल्द ही खंडवा, रतलाम और विदिशा मेडिकल कॉलेज का दौरा कर सकता है। चूंकि फैकल्टी कुछ कम है, इसलिए छिंदवाड़ा मेडिकल कॉलेज के प्रभारी व डीन समेत आठ डॉक्टरों का ट्रांसफर खंडवा और रतलाम किया गया, लेकिन न तो डीन और न ही डॉक्टरों ने ज्वाइनिंग दी। इसे देखते हुए चिकित्सा शिक्षा विभाग ने छिंदवाड़ा मेडिकल कॉलेज के प्रभारी व डीन डॉ. एचकेटी रजा से छिंदवाड़ा का प्रभार वापस लेने के साथ-साथ उन्हें जबलपुर मेडिकल कॉलेज से हटाकर खंडवा भेज दिया है। साथ ही यह भी साफ कर दिया है कि डीन व आठ डॉक्टरों में से यदि किसी ने ज्वाइन नहीं किया तो निलंबन की कार्यवाही तक की जा सकती है।

बताया जा रहा है कि ट्रांसफर होने के बाद भी डीन डॉ. रजा ने डॉक्टरों को छिंदवाड़ा मेडिकल कॉलेज में रोक रखा था। शासन तक यह बात पहुंची तो बुधवार को उन्हें निलंबित करने की कवायद शुरू हुई। बाद में हटाए जाने का आदेश जारी हुआ। डॉ. रजा जबलपुर मेडिकल कॉलेज में अस्थि रोग विभाग के प्रमुख हैं, उनके पास छिंदवाड़ा मेडिकल कॉलेज का प्रभार था। बताया जा रहा है कि छिंदवाड़ा मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों की नियुक्ति तो हो गई थी, लेकिन छिंदवाड़ा समेत शहडोल, शिवपुरी को इस वर्ष 2018-19 के लिए एमसीआई की मान्यता नहीं है। चूंकि खंडवा, रतलाम और विदिशा मेडिकल कॉलेज में इसी शिक्षण सत्र से काम होना है, इसलिए छिंदवाड़ा की फैकल्टी को खंडवा व रतलाम भेजा गया। आठ डॉक्टरों में शैलेंद्र कुमार सैय्याम व अश्विनी कुमार पटेल काे रतलाम भेजा गया। जबकि विवेकानंद वाघमारे, महेंद्र सिंह गौड़, मनिक श्रीकांत सिरपुरकर, प्रमिला वर्मा, शिपिंग जैन और भूपेंद्र कुमार जैन का ट्रांसफर खंडवा किया गया। विभाग के सूत्रों का कहना है कि खंडवा, रतलाम और विदिशा को एमसीआई की मान्यता दतिया मेडिकल कॉलेज के साथ मिलनी थी, लेकिन एमसीआई ने कुछ कमियां बताकर मान्यता नहीं दी।



इसे लेकर मप्र सरकार पहले केंद्र सरकार के पास गई और बाद में सुप्रीम कोर्ट। बाद में यह तय हुआ कि फैकल्टी पूरी हो जाए तो एमसीआई दोबारा दौरा करेगी। इसी कवायद के बीच छिंदवाड़ा मेडिकल कॉलेज की फैकल्टी को वहां भेजा गया।

फायदा : सीटें बढ़ेंगी

चिकित्सा शिक्षा विभाग के कमिश्नर शिवशेखर शुक्ला का कहना है कि खंडवा, रतलाम और विदिशा मेडिकल कॉलेज को मान्यता मिलने की पूरी उम्मीद है। इसीलिए सारे प्रयास कर रहे हैं। काउंसलिंग चल रही है, इसलिए छात्राओं को पहले ही बता दिया है कि वे अपग्रेडेशन में इन तीनों मेडिकल कॉलेज का विकल्प रख सकते हैं। मान्यता मिलने की बाद मप्र में सीटें बढ़ेंगी तो फायदा मप्र को ही होगी।

सतना में भूमिपूजन 18 को

बताया जा रहा है कि सतना में भी मेडिकल कॉलेज को मंजूरी मिल गई है। इसका भूमि पूजन 18 जुलाई को होने जा रहा है। विभाग कोशिश कर रहा है कि तेजी से इसका भी काम शुरू हो जाए ताकि आने वाले कुछ सालों में मप्र में मेडिकल की सीटों की संख्या ज्यादा हो जाए। यूजी और पीजी के लिए ये प्रयास हो रहे हैं।

सीएम ने नड्डा से कहा- केंद्र मदद करे

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात कर बताया कि रतलाम, विदिशा और खंडवा में मेडिकल कॉलेज तैयार हैं, परंतु एमसीआई की आपत्ति के कारण शुरू नहीं हो पा रहे। इसलिए आपत्तियों का शीघ्र निराकरण कर कॉलेजों को शुरू करने में मदद करें। चौहान ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि राज्य में 300 जागरूकता स्वास्थ्य केन्द्र अगस्त माह के अंत तक प्रारंभ किए जाएंगे।

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