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नालों में समाई सड़कें, जनता परेशान... इधर, मेयर और पीडब्ल्यूडी अफसर एक-दूसरे पर डालते रहे जिम्मेदारी

इंफ्रास्ट्रक्चर रिपोर्टर | भोपाल गुरुवार तड़के 4 बजे से सुबह करीब 9 बजे तक तेज बारिश का दौर चला। इस दौरान शहर के कई...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jul 13, 2018, 04:15 AM IST

इंफ्रास्ट्रक्चर रिपोर्टर | भोपाल

गुरुवार तड़के 4 बजे से सुबह करीब 9 बजे तक तेज बारिश का दौर चला। इस दौरान शहर के कई इलाकों में नालों का पानी सड़कों पर जमा हो गया। जनता परेशान होती रही। वजह, सिर्फ एक, मानसून के पहले न तो ठीक से नालों की सफाई की और न ही अतिक्रमण हटाया। अब जब सड़कों से लेकर घरों तक नालों का पानी भर गया तो महापौर आलोक शर्मा जलमग्न सैफिया कॉलेज रोड पर कुर्सी लगा कर बैठ गए। उनका कहना था कि यहां पानी भरने के लिए नगर निगम नहीं, पीडब्ल्यूडी जिम्मेदार है। वहीं पीडब्ल्यूडी के अफसरों की दलील थी कि नालों की सफाई और अतिक्रमण हटाने का काम नगर निगम का है। महापौर ने संभागायुक्त कवींद्र कियावत और कलेक्टर सुदाम खाडे से फोन पर चर्चा की। दोनों अफसर पहुंचे और महापौर उनके साथ संभागायुक्त कार्यालय चले गए। इस बीच महापौर की नाराजगी की जानकारी मिलने पर पहुंचे पीडब्ल्यूडी और नगर निगम अमले ने छह स्थानों पर चैंबर साफ किए और पानी निकल गया।

दिनभर में 75 शिकायतें

नगर निगम के कंट्रोल रूम(0755-2542222) पर दिनभर में 75 शिकायतें दर्ज हुई। इनमें 15 पेड़ गिरने की, 55 घरों में जलभराव और 5 सीवेज से संबंधित थीं।

हकीकत...सैफिया कॉलेज रोड के 6 चैंबर साफ किए तो निकल गया पूरा पानी

महापौर जी, अतिक्रमण और नाले पहले साफ हो जाते तो यह तस्वीर बनती ही नहीं...

सैफिया कॉलेज रोड पर नाले का पानी जमा हुआ तो महापौर वहीं कुर्सी जमाकर अफसरों को फोन लगाते रहे।

क्या मंत्री की भी नहीं सुनेंगे पीडब्ल्यूडी के अफसर

क्या पीडब्ल्यूडी के अधिकारी अपने विभाग के मंत्री की बात भी नहीं सुनेंगे? 24 अगस्त 2016 को पीडब्ल्यूडी मंत्री रामपाल सिंह की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग, सांसद आलोक संजर, विधायक रामेश्वर शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे। इस बैठक में निर्णय लिया गया था कि सैफिया कॉलेज रोड और नाले का निर्माण पीडब्ल्यूडी करेगा। लेकिन इस पर आज तक अमल नहीं हुआ।- आलोक शर्मा, महापौर

जानबूझकर नहीं कराई नालों की सफाई, ताकि नेतागीरी का मौका मिले

महापौर ने जानबूझकर नालों की सफाई नहीं कराई ताकि शहर में पानी जमा हो तो नेतागीरी का मौका मिले। नगर निगम के भ्रष्ट अधिकारियों को साथ लेकर महापौर चुनावी वर्ष में जनता की सहानुभूति बटोरने के लिए अपनी ही सरकार के खिलाफ धरने पर बैठ गए। इससे तो बेहतर है वो इस्तीफा दे दें। - मो सगीर, नेता प्रतिपक्ष, निगम परिषद



पीडब्ल्यूडी ने तीन साल पहले जो सड़क और नाला बनाया है, वह आज भी बरकरार है। महापौर को लगता है कि यह छोटा बनाया गया है। लेकिन यहां अतिक्रमण और नाले चोक होने के कारण पानी जमा होता है। नाले नगर निगम की संपत्ति हैं। पीडब्ल्यूडी कभी नालों की सफाई नहीं करता। जब 6 चैंबरों की सफाई हुई तो पानी निकलना शुरू हो गया। - एसके खांडे, एसई, पीडब्ल्यूडी

नालों की सफाई पीडब्ल्यूडी का काम नहीं

...और इधर, अपर आयुक्त एमपी सिंह नाली में गिर पड़े।

कहां-क्या परेशानी

ई-3 अरेरा कॉलोनी के पास बनी कॉलोनी नुपूर कुंज में बंगलों के बाहर खड़ी हुई कारें डूब गईं। शाहपुरा में सड़कों पर पानी जमा हो गया।

वार्ड 84 के ग्राम गुराड़ी घाट में बारिश का पानी घरों में घुस गया। गुस्साए रहवासी ट्रैक्टर और ट्रॉलियों में भर कर कलेक्टोरेट पहुंच गए।

बावड़ियाकलां की मैन रोड पर पानी जमा हो गया। इससे काफी मकानों में जलभराव की समस्या हुई।

बारिश के कारण पेबल बे कॉलोनी में पानी जमा हो गया। रहवासियों का आरोप है कि निजी मेडिकल कॉलेज संचालक द्वारा नाले को पूर कर ब्रिज बना देने से घरों में पानी जमा हो गया।

आरटीओ का ऑनलाइन कार्य करने वाली स्मार्ट चिप कंपनी के सर्वर रूम में बारिश का पानी भर गया। इससे रजिस्ट्रेशन कार्ड संबंधी काम ठप हो गए है। अब सोमवार से ही यहां काम शुरू हो पाएगा।

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