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सत्संग से ही राम की कृपा होती है : पं. दिव्यांशु

पुरुषोत्तम मास के अवसर पर श्री जानकीनाथ मंदिर और माहेश्वरी समाज द्वारा श्री रामकथा कराई जा रही है। कथा का वाचन...

Danik Bhaskar | May 18, 2018, 03:45 AM IST
पुरुषोत्तम मास के अवसर पर श्री जानकीनाथ मंदिर और माहेश्वरी समाज द्वारा श्री रामकथा कराई जा रही है। कथा का वाचन अयोध्या से आए पं. दिव्यांशु महाराज द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एक होती है कृपा और एक होती हरि कृपा। हमारी इच्छाओं के अनुसार अच्छा मकान हो, अच्छी दुकान हो, अच्छा परिवार हो, अच्छे स्वास्थ्य के अनुकूलता रहे। यह सभी कार्य हमारे अनुकूल होते हैं। उन्होंने अति हरि कृपा के बारे में बताते हुए कहा कि जब हमारे मन में इच्छा हो कथा सुनने की ओर भगवान कथा सुनने के अनुकूल परिस्थिति बना दे। सत्संग बिना भगवान राम जी की कृपा नहीं होती। विवेक के बिना सत्संग नहीं होती है। तीन दुर्लभ हैं जो पुरुषार्थ से प्राप्त नहीं कर सकते।

मनुष्यत्व : मानव शरीर पुरुषार्थ से प्राप्त नहीं हुआ भगवान की कृपा से प्राप्त हुआ है, स्वर्ग को पुरुषार्थ से प्राप्त कर सकते हैं, देवों को पुरुषार्थ से प्राप्त कर सकते है। पर मनुष्यत्व को पुरुषार्थ से प्राप्त नहीं कर सकते।

मुमुक्त : मानव शरीर मिल भी गया है तो कितनों की इच्छा जागी। हम तो संसार सागर से बंधे हैं कारागार रूपी शरीर से मुक्ति जब होती है जब राम की कृपा होती है।

संत महात्माओं का दर्शन : यह सब तब है जब परमात्मा की कृपा होती है। बगैर परमात्मा के कुछ नहीं होता है, भगवान को प्राप्त करना दुर्लभ है पर ज्ञान नहीं, ज्ञान का जगना दुर्लभ है, भगवान दुर्लभ नहीं मुक्ति दुर्लभ है ज्ञान दुर्लभ है। उन्होंने कहा कि श्री रामचरित्र ग्रंथ साधारण नहीं है भगवान का ग्रह है।

धर्म

पुरुषोत्तम मास में चल रही रामकथा सुनने बड़ी संख्या में आ रहे श्रद्धालु

संगीतमय श्रीराम कथा सुनते श्रद्धालु।