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गांवों को जोड़ने के लिए बनने वाली सड़कें अधूरी

शासन ने गांवों को पक्की सड़कों से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क सहित कई विभागों की योजनाओं के...

Danik Bhaskar | May 18, 2018, 04:50 AM IST
शासन ने गांवों को पक्की सड़कों से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क सहित कई विभागों की योजनाओं के तहत सड़कें स्वीकृत की हैं। इनमें से अधिकांश मार्गों के निर्माण कार्य भी शुरू होकर अधर में लटके हुए हैं। इस कारण अभी भी लोगों को ऊबड़-खाबड़ रास्तों से होकर गुजरना पड़ रहा है। वहीं आगामी बारिश में फिर से दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

शहर से गांवों को जोड़ने के लिए केंद्र व राज्य सरकार कच्चे मार्गों को मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री सड़क योजना में शामिल कर लोगों को राहत प्रदान करते हुए निर्माण की स्वीकृति दी गई थी। जबकि दूसरी तरफ हालत यह हैं कि जहां पर सड़कें स्वीकृत हो चुकी हैं, लेकिन वहां भी निर्माण एजेंसियों ने निर्माण कार्य को अधर में छोड़कर काम को बंद कर दिया है। इस तरह के मामले करीब 8 के करीब हैं जहां पर निर्माण कार्य अधूरा पड़ा हुआ है। कई गांवों में सालों बाद भी सड़कें आज भी अधूरी पड़ी हुई हैं। लोगों का कहना है कि विभाग ओर ठेकेदार की मिली भगत से निर्माण कार्यों में लापरवाही बरती जा रही है। इसका खामियाजा गांवों के लोगों को उठाना पड़ रहा है। कई बार ग्रामीणों ने जन प्रतिनिधियों से लेकर अधिकारियों तक गुहार लगा चुके हैं। इसके बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है। सड़क विहीन गांवों में सड़कें बनना शुरू हुई थीं, लेकिन कुछ समय के बाद निर्माण एजेंसी ने काम बंद कर दिया। इनमें जावर, भाटीखेडा, गउखेड़ा से कुरावर , परोलिया से टोलका खेड़ा तक, बमुलिया से छायन खुर्द तक बनने वाली सड़कों का काम बंद है।