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शहीदों के स्मारक के आसपास बना दिए हैं पब्लिक वॉशरूम और कचरा घर

शहीद स्मारक जयस्तंभ के पीछे मौजूद कचराघर। 1957 में बनाया गया था शहीद स्मारक जयस्तंभ जय स्तंभ का निर्माण सन 1957...

Danik Bhaskar | Jul 13, 2018, 04:35 AM IST
शहीद स्मारक जयस्तंभ के पीछे मौजूद कचराघर।

1957 में बनाया गया था शहीद स्मारक जयस्तंभ

जय स्तंभ का निर्माण सन 1957 में नगरपालिका परिषद ने करवाया था। उस दौरान सन 1857 के प्रथम भारतीय संग्राम 100 साल पूरे होने पर पूरे प्रदेश में जय स्तंभ बनाकर शहीदों को सम्मान दिया था। स्थानीय स्तर पर जय स्तंभ से ही सभी राष्ट्रीय पर्वों की शुरुआत होती है।

सभी इंतजाम किए जाएंगे


कोई कर्मचारी नहीं, नैतिक दायित्व मानकर काम करता है राजेंद्र

बड़ी बात यह है कि जय स्तंभ परिसर की देख रेख के लिए शासन स्तर से किसी कर्मचारी की नियुक्ति नहीं है। एक स्थानीय निवासी राजेंद्र मेहर ने इसे अपना नैतिक दायित्व मान रखा है और वही इसकी देखरेख करता है। इसीलिए जय स्तंभ के ताले की चाबी भी उसी के पास रहती है। राजेंद्र की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। इसके बाद भी उसने परिसर में सफाई, क्यारी आदि बनाने के लिए अपनी जेब से राशि खर्च करके काम करवाया। इसका भुगतान आज तक उसे नहीं मिला है। इसके अलावा जयस्तंभ की दीवारों पर 3 साल पहले तत्कालीन एसडीएम प्रतिभा पाल ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महानायकों पर आधारित कलात्मक म्यूरल बनवाकर लगवाए थे। इनकी भी सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। जिस दीवार पर म्यूरल लगे हुए हैं उस पर से बारिश के पानी का रिसाव होता है। साथ ही सभी म्यूरल को हवा और धूल भी नुकसान पहुंचा रही है।