मप्र / बारिश के लिए करना होगा इंतजार, तापमान में होगा इजाफा, टोने-टोटके हुए शूरू



latest weather news mp
X
latest weather news mp

  • बंगाल की खाड़ी में कोई सिस्टम सक्रिय नहीं
  • बारिश के लिए करना पड़ सकता है हफ्ते भर इंतजार

Dainik Bhaskar

Jul 15, 2019, 10:42 AM IST

भोपाल। बारिश थमते ही लोग गर्मी और उमस से परेशान हैं। बारिश का अगला दौर कब शुरू होगा फिलहाल कुछ कहा नहीं जा सकता। मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार 19 जुलाई के बाद प्रदेश में एक बार फिर बारिश होने की संभावना है। प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश के लिए टोने-टोटके का दौर शुरू हो गया है। 

 

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बारिश थमने के बाद हवा में नमी कम हाने की वजह से तापमान में बढ़ोतरी हो रही है। अगले कुछ दिनों में तापमान में 2-3 डिग्री का इजाफा और हो सकता है। 

 

इन वजहों से बढ़ेगा तापमान 

  1. मानसून की ट्रफ लाइन हिमालय की तराई में चली गई है। 
  2. आसपास कोई मानसूनी सिस्टम नहीं है, जिससे बारिश हो सके।
  3. अभी पश्चिमी व उत्तर पश्चिमी सूखी हवा चल रही है।

अभी कोई सिस्टम नहीं: बारिश थमने के बाद दिन का तापमान सामान्य से ज्यादा बना हुआ है। मौसम वैज्ञानिक एके शुक्ला ने बताया कि बारिश नहीं होने से नमी भी कम होती जा रही है। इसी वजह से तापमान में बढ़ोतरी हो रही है। मौसम विशेषज्ञ एसके नायक का कहना है कि अभी मानसून सक्रिय नहीं है। जब तक बंगाल की खाड़ी में कोई सिस्टम नहीं बनेगा, तब तक यहां बारिश होने की संभावना भी नहीं है।

 

किसानों को होगा नुकसान: बारिश की यही स्थिति रही तो किसानों को इससे सबसे ज्यादा नुकसान होगा, जून में ठीक से बारिश न होने से पहले ही बुआई में विलंब हुआ है। पहले से ही यहां के किसान मानसून पूर्व बारिश में आई कमी का सामना कर रहे हैं, इसका असर फसल पैदावार पर भी पड़ेगा। मौसम विभाग के अनुसार देश के कई हिस्सों में मानसून से पहले होने वाली बारिश में पिछले दो महीनों की तुलना में भी 30 फीसदी से अधिक की कमी देखी गई है। मौसम बदलाव का असर स्वास्थ्य पर भी देखा जा रही है।

 

होने लगी मेंढक-मेंढकी की शादी: बारिश नहीं होने से प्रदेश के कई ग्रामीण क्षेत्रों में टोने-टोटके का दौर शुरू हो गया है। मेंढक और मेंढकी की शादी कराई जा रही है। शादी से पहले गांव के बच्चे गली गली घूम-घूम कर खाने का सामान मांगते हैं। सिववी में रविवार को ऐसा ही नजारी देखने मिला। 

मान्यता है,कि मूसर में मेंढक-मेंढकी को बांधकर उनकी शादी कराने से मूसलाधार बारिश होती है। मेंढक-मेंढकी को मूसर में बांधने से जहां वह अधिक तड़पता है। वहीं उसे देखकर भगवान इंद्रदेव मूसलाधार बारिश करते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम में यह परपंरा सदियों से चली आ रही है। जब भी भी बारिश नहीं होती है,उस वर्ष इस तरह का आयोजन किया जाता है। जिससे मूसलाधार बारिश हो जाती है।

 

घर के सामने गाते हैं ये पंक्तियां
मेंढक रानी पानी दे..

धान..कोदो पकन दे..

मेंढक रानी पानी दे..

पानी दे.. गुड़धानी दे..

COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना