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मध्यप्रदेश / पूरे प्रदेश में बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, बड़े बांधों के गेट खुलने से नदियां उफान पर



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  • नर्मदा, ताप्ती और बेतवा में उफान के बाद प्रशासन ने घोषित किया अलर्ट
  • पूरे प्रदेश में अधिकांश स्थानों पर आवागमन हुआ बंद, नदियों में आया उफान

Dainik Bhaskar

Aug 26, 2019, 10:22 AM IST

भोपाल। बारिश अब परेशानी का सबब बन गई है। बड़े बांधों से छोड़े जा रहे पानी से नदियां उफान पर आ गई हैं। नर्मदा, ताप्ती और बेतवा खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। आवागमन के रास्ते बंद हो गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों का शहरी क्षेत्रों से सड़क संपर्क कट गया है। राजधानी भोपाल में बारिश का सिलसिला रुक-रुककर दिनभर जारी रहा। भदभदा और कलियासोत डैम के गेट एक बार फिर से खोल दिए गए हैं। 

 

होशंगाबाद जिले में हो रही बारिश से नर्मदा का जलस्तर बढ़ रहा है। वहीं तवा बांध के 13 गेट 14 फीट तक खुलने और 3 लाख क्यूसिक पानी छोड़े जाने से नर्मदा का जलस्तर और बढ़ेगा। जलस्तर में बढ़ोतरी जारी है। 964 फीट पर खतरे का निशान है। प्रशासन ने निचली बस्तियों में मुनादी करा दी। सीजन में पहली बार नर्मदा जलस्तर 957 फीट पर पहुंचा है।

 

पारस डोह के सभी गेट खोले : ताप्ती नदी पर बने पारसडोह बांध के छह गेट खोल दिये है। 375 क्यूबिक मीटर पानी प्रति सेकंड ताप्ती नदी में छोड़ा जा रहा है। अधिक जल भराव के कारण मुलताई डिवीजन के सिचाई विभाग ने रविवार की सुबह से डेम के छह गेट खोल दिये है। वही ताप्ती नदी पर बने चन्दोरा बांध के भी छह गेट खोलकर 50क्यूबिक मीटर पानी प्रति सेकेंड ताप्ती नदी में छोड़ा जा रहा । मुलताई एसडीएम सीएल चनाप ने बताया कि शनिवार शाम को ताप्ती नदी किनारे के गांवों में सूचना दे दी है । तेज बारिश के चलते चन्दोरा और पारसडोह  बांध के रविवार को सुबह से गेट खोले गए है। बैतूल में चन्दौरा और पारस डैम के बुरहानपुर में बाढ़ जैसे हालत हो गए हैं। यहां अलर्ट घोषित कर दिया गया है। 

 

सिंध में पानी बढ़ा तो खोले गए मड़ीखेड़ा बांध के गेट : शिवपुरी में मड़ीखेड़ा बांध परियोजना के एसडीओ मनोहर बोराटे ने बताया कि देर शाम तक बांध का जल स्तर 345.70 मीटर पर रहा, जबकि बांध की भराव क्षमता 346.25 मीटर है। सिंध नदी में इस महीने में दूसरी बार उफान आया है और इस वजह से बांध जल्द भर गया है। इससे पहले 16 अगस्त को आठ गेट खोले गए थे। सिंध नदी के उफान को देखते हुए रविवार को भी गेट खुले रहने की संभावना है। 

 

छिंदवाड़ा नागपुर मार्ग हुआ बंद : सौसर में निर्माणाधीन रामा कोना के गहरा नाला पुलिया के ऊपर से बाढ़ आने से नागपुर छिंदवाड़ा महामार्ग बंद हो गया है। सौसर के आसपास के नदी एवं नालों में में बाढ़ की स्थिति निर्मित हो गई है। नदी के दोनों छोर की ओर गाड़ियों की लंबी लंबी कतारें लग चुकी है।

 

बैतूल में पहाड़ से आया सैलाब: जिले के भोपाली छोटा महादेव तीर्थ स्थल की पहाड़ी पर लगातार हो रही तेज बारिश की वजह से बाढ़ का तूफानी सैलाब देखने को मिल रहा है। पानी का बहाव इतना तेज है कि पानी अपने साथ पहाड़ की छोटी चट्टानों को भी बहाकर ले जा रहा था। छोटा महादेव की पहाड़ी पर बाढ़ के ऐसे सैलाब का नजारा पहली बार देखने हो मिला। पानी की रफ्तार बढ़ते देख वीडियो बनाने वाले ग्रामीणों ने भी भागकर अपनी जान बचाई अगर ये लोग थोड़ी देर ओर वहां खड़े रहते तो बाढ़ की चपेट में आ जाते।

 

खरैह पुलिया पर कमर तक पानी : कोलारस अनुविभाग के रन्नौद क्षेत्र में भी शनिवार को दिन में ज्यादा बारिश हो गई है। खरैह गांव के पास पुलिया पर पानी कमर तक पहुंच गया है जिससे देहरदा-रन्नौद मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है। 14 से ज्यादा गांवों का रन्नौद कस्बे से संपर्क टूट गया है जिसमें खरैह से राजापुर, मूढरी, श्रीनगर, अकोदा, खौराना, सीतानगर, ढकरौरा, रानीपुरा, वरवाया, घुमेरपुरा, खासखेड़ा, विजयपुरा, सिद्धपुरा, छाबरा आदि शामिल हैं। 

 

शिवपुरी-अशोकनगर मार्ग बंद : सिंध नदी में 16 अगस्त के बाद 24 अगस्त को दूसरी बार उफान आया है। शनिवार की शाम 5 बजे सिंध नदी पचावली पुल के ऊपर से बहने लगी जिससे देहरदा-ईसागढ़ मार्ग बंद हो गया। हालांकि पिछली बार 5 फीट से ऊपर बह गई थी। इस बार एक से दो फीट पानी बह रहा है।

 

भारी बरसात की चेतावनी

तीन मानसूनी सिस्टम के सक्रिय होने के साथ ही बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आ रही हवाओं का मप्र के ऊपर टकराव (संविलन) हो रहा है। इस वजह से शुक्रवार रात से पूरे प्रदेश में झमाझम बारिश हो रही है। मौसम विज्ञानियों ने रविवार-सोमवार को भोपाल, उज्जैन, इंदौर, होशंगाबाद संभाग और हरदा जिले में भारी बारिश की चेतावनी दी है। इसके अलावा ग्वालियर, जबलपुर, नरसिंहपुर, सतना, रीवा, सिंगरौली में तेज बौछारें पड़ने की संभावना जताई है।

 

मौसम को प्रभावित करने वाले कारक

  • वर्तमान में ओडिशा कोस्ट पर एक कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इस सिस्टम में पिछले दिनों विदर्भ पर सक्रिय ऊपरी हवा का चक्रवात भी शामिल (मर्ज) हो गया है।
  • मानसून ट्रफ रीवा से होकर बंगाल की खाड़ी तक जा रहा है। इसके अतिरिक्त गुजरात के दक्षिणी भाग पर एक ऊपरी हवा का चक्रवात बना हुआ है। इस सिस्टम के कारण अरब सागर से बड़े पैमाने पर नमी के आने का सिलसिला जारी है।
  • ओडिशा कोस्ट पर बने सिस्टम और गुजरात पर बने चक्रवात के कारण बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आ रही हवाओं का मप्र के ऊपर टकराव हो रहा है। इस तरह की स्थिति अभी 2-3 दिन तक बनी रह सकती है। इस दौरान कहीं-कहीं भारी बारिश होने की भी आशंका है।
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