Hindi News »Madhya Pradesh »Bhopal »News» LNCT Student Harassed By Ragging Hanging In Betul

एमबीबीएस के छात्र ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, रैगिंग को लेकर परेशान था

भोपाल के लक्ष्मी नारायण मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस सेकेंड ईयर का छात्र है।

विनोद पातरिया | Last Modified - Jun 14, 2018, 07:53 PM IST

    • एलएन मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे छात्र यश पाठे ने फांसी लगाई।

      भोपाल/बैतूल. भोपाल के लक्ष्मीनारायन मेडिकल कॉलेज (एलएनसीटी ग्रुप) के छात्र यश पाठे ने बैतूल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिवार का आरोप है कि छात्र रैंगिंग से परेशान था। उसके साथ फर्स्ट ईयर में रैंगिंग हुई थी। इसकी शिकायत उसने कालेज प्रबंधन के साथ ऑनलाइन एंटी रैगिंग स्क्वॉयड से भी की थी। पुलिस ने छात्र की डेड बॉडी का पोस्टमार्टम कराकर बॉडी परिजनों को सौंप दी है। इसके साथ ही पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

      - जानकारी के अनुसार, बैतूल के सिंदूरजना निवासी यश पाठे पिता प्रह्लाद पाठे एमबीबीएस सेकेंड ईयर का छात्र है। उसकी पिछले साल रैगिंग हुई थी। इसकी उसने कॉलेज प्रबंधन से शिकायत करने के साथ ही ऑनलाइन भी शिकायत की थी।

      - सालभर बाद उस पर इस बात का दबाव था कि वह रैगिंग की शिकायत वापस ले ले, लेकिन छात्रों का दूसरा गुट इससे नाराज था। उन्होंने ही यश पर दबाव डालकर रैगिंग की शिकायत कराई थी। यहां बता दें कि यश के पिता प्रह्लाद पाठे सिंदूरजना में प्राइवेट डॉक्टर हैं और प्राइवेट प्रैक्टिस करते हैं।

      शिकायत वापस लेने की बात पर बेल्टों से की पिटाई
      - जब शिकायत वापस लेने की बात आई तो 11 जून को छात्रों के दूसरे गुट ने उसके साथ मारपीट की। उसे बेल्टों से जमकर मारा। जिसके निशान यश की पीठ पर देखे जा सकते हैं। इससे डरकर यश 12 जून को अपनी मौसी के बेटे विजय पवार के घर बैतूल आ गया।

      मौसेरे भाई विजय ने बताया कि 13 जून को परीक्षा देने के लिए होशंगाबाद गया था, जब रात को 11 बजे के बाद वह बैतूल घर लौटा तो घर के दरवाजे बंद थे, घर में पीछे से घुसा तो देखा यश फांसी पर लटका हुआ।

      10 की जगह 15 हजार रुपए ले लो, लेकिन मेरे बेटे को कुछ मत करना

      - मां संगीता पाठे ने बताया दो दिन पहले भोपाल से यश की सीनियर छात्रा श्रुति शर्मा का कॉल आया था, जो कह रही थी कि आपके बेटे ने मेरे पर्स से 10 हजार रुपए निकाल लिए हैं। उसने बैंक एकाउंट नंबर दिया और पैसे डालने के लिए कहा। मंगलवार को फिर से सीनियर छात्रा श्रुति शर्मा का कॉल आया, वह बोली अब तक पैसे नहीं डाले। इस पर मैंने कहा बेटी 10 की जगह 15 हजार रुपए ले लो पर मेरे बेटे को कुछ मत करना।

      - परिजनों ने इसको लेकर बेटे यश से बात की तो उसने बताया श्रुति शर्मा और उसके दोस्त मुझे रैंगिंग की शिकायत वापस नहीं लेने को कह रहे थे, जब मैं नहीं माना तो मेरे साथ मारपीट की। यश मारपीट से बहुत आहत था और जिसके कारण उसने फांसी लगाकर आत्महत्या की।

      बेटे ने बताया श्रुति और उसके दोस्त ने दबाव बनाया

      - पिता का कहना है कि उसके बाद मैंने यश से बात की तो उसका कहना था श्रुति शर्मा और उसके दोस्त मुझे रैगिंग की शिकायत वापस ना लेने को कह रहे थे, जब मैं नहीं माना और मुझे अपने चार दोस्तों के साथ चार घंटे तक मारपीट किया गया। यश मारपीट से बहुत आहत था और बैतुल आकर उसने अपने भाई के रूम में आकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

      बेटे को डॉक्टर बनाना चाहते थे पिता

      - मृतक छात्र यश के पिता प्रहलाद पाठे डॉक्टर है। वह गांव में ही अपना क्लीनिक चलाते है। कई वर्षो से क्लीनिक चला रहे है। वह यश को एक अच्छा डॉक्टर बनाना चाहते थे। इसके लिए 2016 में भोपाल के एलएन मेडिकल कॉलेज में प्रवेश दिलाया था।


      प्रत्येक बिंदु पर जांच की जा रही
      - मेडिकल के छात्र ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। परिजनों ने सीनियर छात्रों पर रैगिंग का आरोप लगाया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रत्येक बिंदुओं पर जांच की जा रही है। - डीआर तेनीवार,एसपी बैतूल

    • एमबीबीएस के छात्र ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, रैगिंग को लेकर परेशान था
      +3और स्लाइड देखें
      रैगिंग की शिकायत वापस लेने पर छात्रों ने की थी छात्र की पिटाई।
    • एमबीबीएस के छात्र ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, रैगिंग को लेकर परेशान था
      +3और स्लाइड देखें
      यश के परिजन बैतूल पहुंच गए हैं।
    • एमबीबीएस के छात्र ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, रैगिंग को लेकर परेशान था
      +3और स्लाइड देखें
      मेडिकल के छात्र की मौत के बाद घरवालों का बुरा हाल।
    आगे की स्लाइड्स देखने के लिए क्लिक करें
    दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

    More From News

      Trending

      Live Hindi News

      0

      कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
      Allow पर क्लिक करें।

      ×