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  • Kamal Nath Said In The Meeting Of The Legislature Party We Also Saw That Phase Of 1977, When Indira Gandhi Lost The Election, The Congress Was Still In Trouble, But The Party Stood Again

कमलनाथ ने कहा- हमने 1977 का वो दौर भी देखा, जब इंदिरा गांधी चुनाव हारी थीं, तब भी कांग्रेस पर संकट था, लेकिन पार्टी फिर खड़ी हुई

एक वर्ष पहले
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कांग्रेस विधायक दल की बैठक में मुख्यमंत्री कमलनाथ और अन्य नेताओं के चेहरे पर निराशा साफ दिख रही थी। - Dainik Bhaskar
कांग्रेस विधायक दल की बैठक में मुख्यमंत्री कमलनाथ और अन्य नेताओं के चेहरे पर निराशा साफ दिख रही थी।
  • कमलनाथ बोले- प्रदेश में भाजपा जिस तरह लोकतांत्रिक मूल्यों की हत्या कर रही, हम उसका करारा जवाब देंगे
  • कमलनाथ ने कहा- चिंता की कोई बात नहीं है, कांग्रेस सरकार चलेगी, हम बहुमत साबित करेंगे

भोपाल. कांग्रेस विधायक दल की बैठक के बाद मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि भाजपा लोकतांत्रिक मूल्यों की हत्या कर रही है। हम उसका करारा जवाब देंगे। विधायक दल की बैठक में विधायकों से कमलनाथ ने कहा, " साथियों, आज हम निराश बिलकुल नहीं हैं, क्योंकि हमने तो 1977 का वो दौर भी देखा है, जिस समय इंदिरा गांधी जी भी चुनाव हार गई थीं। उस समय भी कांग्रेस पर संकट का दौर था। ऐसा लगता था कांग्रेस दोबारा वापस खड़ी नहीं हो पाएगी, लेकिन कांग्रेस और मजबूती के साथ दोबारा खड़ी हुई। हमने वो दौर भी देखा, जब संजय गांधी को जेल में डाल दिया गया। कांग्रेस के उस संकट के दौर में भी हम इसलिए खड़े रहे कि हमारी कांग्रेस के प्रति निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण की भावना थी।" मंगलवार की शाम कांग्रेस विधायक दल की बैठक हुई, जिसमें 94 विधायक उपस्थित रहे, इसमें चार विधायक निर्दलीय हैं। 

मुख्यमंत्री ने कहा- हम मजबूत स्थित में, असफल नहीं हुए
कमलनाथ ने कहा, "आज निराशा का वैसा दौर तो नहीं है। हम मजबूत स्थिति में हैं, हम असफल भी नहीं हुए हैं। भाजपा पहले दिन से ही हमारी सरकार को अस्थिर करने में लगी हुई थी। उसने  14 माह में सरकार को अस्थिर करने के कई असफल प्रयास किए और हर बार मुंह की खाई। माफियाओं के खिलाफ चलाए गए अभियान के दौरान मेरे ऊपर कई दबाव आए, लेकिन मैं माफियामुक्त प्रदेश बनाने के संकल्प के साथ अपने फैसले पर अडिग रहा। भाजपा को यह सब सहन नहीं हुआ और वह माफियाओं के साथ मिलकर तरह-तरह की साजिश रचती रही।
मीडिया से बातचीत में कमलनाथ ने कहा- सरकार पर कोई संकट नहीं। हम बहुमत साबित करेंगे। हमारे विधायकों को बेंगलुरु में कैद कर रखा गया है, वो मेरे संपर्क में हैं। यदि वे स्वतंत्र हैं तो उन्हें बेंगलुरु में क्यों रखा है? उन्हें भोपाल लाएं। सरकार चलेगी, चिंता की कोई बात नहीं है।

कांग्रेस विधायक दल की बैठक में 94 विधायक मौजूद रहे। इनमें 4 निर्दलीय विधायक थे।
कांग्रेस विधायक दल की बैठक में 94 विधायक मौजूद रहे। इनमें 4 निर्दलीय विधायक थे।

कमलनाथ बोले- आज हमें अपनों ने ही धोखा दिया
कमलनाथ ने कहा- आज हमें अपनों ने ही धोखा दिया, लेकिन मैं उस राजनीति में जाना नहीं चाहता। सच्चाई सभी जानते हैं। मैं तो आज यह सोच रहा हूं कि जिन लोगों को बड़े-बड़े सपने दिखाकर भाजपा वाले साथ ले गए, उनको वे कैसे संतुष्ट करेंगे? यह सच्चाई भी सामने आ रही है कि कुछ लोगों को झूठ बोलकर व गुमराह कर साथ ले जाया गया है, उसमें से कई कांग्रेस के साथ धोखा नहीं करना चाहते थे। वह इस सच्चाई को आज स्वीकार रहे हैं। थोड़ा इंतजार कीजिए, सारी स्थिति और सच सामने आ जाएगा। एक तरफ भाजपा के कार्यकर्ता हैं और पद लेने के लिए दूसरे आ गए। 

बैठक में निंदा प्रस्ताव पास किया गया
कांग्रेस विधायक दल की बैठक में प्रस्ताव पास कर भाजपा द्वारा कांग्रेस की चुनी हुई सरकार को अस्थिर करने के प्रयासों की घोर निंदा की गई। प्रस्ताव में कहा गया- भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने पहले कुछ कांग्रेस के और निर्दलीय विधायकों को प्रलोभन दिया। उन्हें निजी विमान से दिल्ली और बेंगलुरु ले जाकर मध्यप्रदेश की कांग्रेस सरकार के खिलाफ साजिश रची। जब वे इसमें सफल नहीं हुए तो उन्होंने दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया की व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं का तुष्टिकरण करते हुए प्रजातंत्र के सारे नैतिक मूल्यों को ताक में रख दिया और कांग्रेस सरकार को मिले जनादेश को अपमानित और कलंकित करने की कुचेष्टा की। इसकी कांग्रेस विधायक दल घोर भर्त्सना करता है।

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