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भोपाल. मध्य प्रदेश में जारी सियासी घमासान के बीच मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शुक्रवार सुबह 11 बजे राज्यपाल लालजी टंडन से मिलने पहुंचे। दोनों ने करीब एक घंटे चर्चा की। कमलनाथ ने राज्यपाल को एक चिट्ठी भी सौंपी। इसमें उन्होंने भाजपा पर विधायकों की खरीद-फरोख्त के आरोप लगाए। साथ ही राज्यपाल से मांग की है कि वे गृह मंत्री अमित शाह से बेंगलुरु में बंधक विधायकों को मुक्त कराने के लिए कहें। मुलाकात के बाद कमलनाथ ने कहा कि मैं फ्लोर टेस्ट के लिए तैयार हूं। लेकिन आप 22 विधायकों को कैद कर लें और कहें कि अब फ्लोर टेस्ट कराएं। क्या ये सही है? कमलनाथ की राज्यपाल से मुलाकात के करीब पांच घंटे बाद शाम 4 बजे ज्योतिरादित्य सिंधिया और शिवराज सिंह चौहान राजभवन पहुंचे। बताया जा रहा है कि दोनों नेताओं ने राज्यपाल से विधानसभा में फ्लोर टेस्ट लेकर चर्चा की। इन्होंने राज्यपाल को जानकारी दी कि कांग्रेस के 22 विधायक इस्तीफा दे चुके हैं, ऐसे में कमलनाथ सरकार अल्पमत में है।
इस बीच, प्रदेश के संसदीय कार्यमंत्री डॉक्टर गोविंद सिंह ने कोरोनावायरस के खतरे को देखते हुए बजट सत्र स्थगित करने के लिए विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति को पत्र लिखा है। सत्र की शुरुआत 16 मार्च से होनी है। कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने बेंगलुरु से लौटने वाले सिंधिया गुट के विधायकों के कोरोनावायरस से संक्रमण की आशंका जताई और उनके टेस्ट कराने की मांग की।

आगे कांग्रेस की क्या रणनीति होगी?
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