भोपाल / आईपीएस पर एक महीने से पिता का शव घर में रखने का आरोप, पुलिस अधिकारी करेंगे घर की जांच



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  • 14 जनवरी को बंसल अस्पताल में हुई थी आईपीएस के पिता की मौत
  • डीजीपी वीके सिंह ने एडीजी रैंक के अधिकारियों की एक  टीम जांच के लिए गठित की 

Dainik Bhaskar

Feb 14, 2019, 05:53 PM IST

भोपाल. प्रदेश के एक सीनियर पुलिस अधिकारी आईपीएस राजेंद्र कुमार मिश्रा पर एक महीने से घर में पिता का शव रखने का आरोप लगा है। बताया जा रहा है कि पिता की मौत एक महीने पहले हो चुकी है। निजी अस्पताल ने उनका मृत्यु प्रमाणपत्र भी जारी कर दिया। इधर, डीजीपी वीके सिंह ने एडीजी रैंक के अधिकारियों की एक टीम बनाई है। यह मिश्रा के बंगले पर पहुंचकर जांच करेगी। इसके बाद पुलिस मुख्यालय इस मामले पर कोई फैसला लेगा।

 

सूत्रों ने बताया कि अफसर के घर में शव रखे होने की सूचना के बाद गुरुवार दोपहर पुलिस महकमे के एक अफसर उनके घर गए थे। बताया जा रहा है कि मिश्रा की बहन डॉक्टर हैं, उनके पिता की नब्ज चल रही है और वे उनका इलाज कर रही हैं। वहीं बदबूं आने जैसी किसी बात से पड़ोसियों ने इनकार किया। इस मामले में गृहमंत्री बाला बच्चन का कहना है कि वो इस मामले में मुख्यमंत्री से बात कर आगे की कार्रवाई करेंगे। 


क्या है पूरा मामला: जानकारी के अनुसार राजेंद्र कुमार मिश्रा पीएचक्यू में पदस्थ हैं। भोपाल में 74 बंगला इलाके में डी-7 में रहते हैं। 13 जनवरी को उनके 84 वर्षीय पिता कालूमणी मिश्रा को गंभीर हालत में बंसल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 14 जनवरी को उनकी इलाज के दौरान मौत हो गई। अस्पताल ने उनका मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करते हुए शव परिजनों को सौंप दिया। आईपीएस अफसर भी पिता का शव लेकर बंगले आ गए और अंतिम संस्कार की तैयारी करने लगे। 


ऐसे सामने आया पूरा मामला: इसी बीच परिजनों को कालूमणी मिश्रा के शव में कुछ हरकत दिखाई दी। इसके बाद राजेंद्र मिश्रा ने शव वाहन को यह कहकर वापस भेज दिया कि पिता के प्राण वापस आ गए। अफसर के दबाव में बंगले पर ड्यूटी करने वाले एसएएफ के दो सुरक्षाकर्मी उनकी देखरेख में लगे थे। दोनों बीमार हो गए तब मामले की हकीकत सामने आई। बंगले पर आयुर्वेदिक डॉक्टरों के साथ दूर-दराज से तांत्रिक भी झाड़-फूंक करने आ रहे हैं।

 

क्या कहते हैं आईपीएस अफसर: पिता की लाश घर में रखने के सवाल पर राजेंद्र मिश्रा का कहना है कि 13 जनवरी को पिताजी को हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। उन्हें लंग्स इंफेक्शन था। 14 जनवरी की शाम डॉक्टरों ने हाथ खड़े कर दिए। इसके बाद पिता को घर ले आए। पिता जीवित हैं, उनका आयुर्वेदिक उपचार चल रहा है। हालत सीरियस है, इसलिए उन्हें दिल्ली-मुंबई किसी बड़े हॉस्पिटल में ले जाने में असमर्थ हूं।

 

आईपीएस राजेंद्र कुमार मिश्रा 13 जनवरी को पिता को लेकर बंसल हॉस्पिटल आए थे। 14 जनवरी की शाम उनकी मौत हो गई। जिसका हमने डेथ सर्टिफिकेट भी जारी किया है।

लोकेश झा, प्रबंधक बंसल हॉस्पिटल

 

अस्पताल लाने के अगले दिन 14 जनवरी को कालूमणी मिश्रा की डेथ हो गई थी। उन्हें मल्टीपल कॉम्प्लीकेशन थे। उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था।

डॉक्टर अश्वनी मल्होत्रा
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