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मेडिकेटेड मच्छरदानी... न जांच के िलए सैंपल भेजे, न ही बनाया बांटने का प्लान

3 वर्ष पहले
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मच्छर जनित बीमारियों के संक्रमण को रोकने स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा भेजी गई मेडिकेटेड मच्छरदानियां पीडितों को अगले साल ही मिलेंगी। इसकी वजह स्वास्थ्य संचालनालय के अफसरों द्वारा मलेरिया पीड़ित मरीजों के लिए भेजी गई मेडिकेटेड मच्छरदानियों की गुणवत्ता जांचने की प्रक्रिया शुरू नहीं करना है। जबकि दो हफ्ते पहले स्वास्थ्य संचालक डॉ. बीएन चौहान ने वेक्टर बोर्न डिसीज कंट्रोल की रिव्यू बैठक के बाद भोपाल में एक सप्ताह बाद मेडिकेटेड मच्छरदानी मच्छर जनित बीमारियों के प्रभावित क्षेत्रों में बंटवाने का दावा किया था। इसके चलते स्टेट वेक्टर बोर्न डिसीज कंट्रोल प्रोग्राम के तहत जीका, डेंगू-चिकनगुनिया के संक्रमण को रोकने की मंशा पर सवाल उठने लगे हैं।

स्टेट वेक्टर बोर्न डिसीज कंट्रोल प्रोग्राम के अफसरों ने बताया कि भोपाल में इस साल डेंगू बुखार के 809 व चिकनगुनिया के 105 मरीज मिले हैं। जबकि एक की मौत डेंगू से हुई है। बीमारी के संक्रमण को रोकने एंटी लार्वा सर्वे करने के बाद भी डेंगू बुखार का संक्रमण कम नहीं हो रहा है। इसकी वजह पूरे शहर में डेंगू, चिकनगुनिया और जीका बुखार फैलाने वाले मच्छर और उनके लार्वा बड़े पैमाने में मिल रहे हैं। प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकेटेड मच्छरदानी बांटकर तीनों ही बीमारियों के संक्रमण को नियंत्रित किया जा सकता है। लेकिन, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा भोपाल संभाग के लिए भेजी गई मच्छरदानियों की गुणवत्ता जांच नहीं हो पाई है।

िचंता इसलिए... डेंगू के 809 व चिकनगुनिया के 105 मरीज आ चुके सामने
शहर की 15 कॉलोनियों में पहले चरण में बंटना है मच्छरदानी
स्वास्थ्य संचालनालय के अफसरों ने बताया कि मेडिकेटेड मच्छरदानी जिले के गांधी नगर, बैरसिया, अमरावद खुर्द और भोपाल शहरी क्षेत्र की 15 कॉलोनियों में पहले चरण में बांटी जाना है। इसकी वजह इन क्षेत्रों में 3 साल पहले मलेरिया बुखार का आउटब्रेक होना है। अफसरों के मुताबिक मेडिकेटेड मच्छरदानी मलेरिया प्रभावित क्षेत्रों में बांटने का प्रावधान है। लेकिन, भोपाल में मच्छर जनित बीमारियों के संक्रमण को काबू करने डेंगू, जीका और चिकनगुनिया मरीजों को भी मेडिकेटेड मच्छरदानी देने का प्रस्ताव तैयार किया गया है, जिस पर जांच रिपोर्ट नहीं मिलने के कारण अमल नहीं हो सका है।

4 जिलों की ही सप्लाई पूरी हुई …
एनएचएम मध्यप्रदेश डायरेक्टर डॉ. बीएन चौहान ने बताया कि राज्य के 9 जिलों के लिए मेडिकेटेड मच्छरदानी बांटी जाना हैं। केंद्र ने अभी केवल गुना, बैतूल, धार और रतलाम में ही मच्छरदानी की सप्लाई पूरी की है। शेष पांच जिलों में मच्छरदानी की सप्लाई पूरी होने और लैब से गुणवत्ता जांचने की रिपोर्ट आने के बाद , यह मच्छरदानी प्रभावित क्षेत्रों में बांटी जाएंगी।

डेंगू के 16 पॉजिटिव मरीज और मिले
डेंगू बुखार के संक्रमण को गुरुवार को लार्वा सर्वे टीम ने 3 हजार से ज्यादा घरों की जांच की। इसमें से 225 घरों में डेंगू के मच्छर का लार्वा मिला। जबकि 5 हजार बर्तनों की जांच के बाद 500 बर्तनों में लार्वा मिला। बुधवार को डेंगू बुखार के 50 संदिग्ध मरीजों के ब्लड सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे। गुरुवार को आई रिपोर्ट में 16 मरीजों को डेंगू पॉजिटिव आया है। जबकि 34 मरीजों की रिपोर्ट नेगेटिव आई है।

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