मप्र / मीरा ब्राह्मण परिवार में पांचों वक्त नमाज पढ़ती रही, तुलसी विवाह के बाद आदिल और एशा ने की आतिशबाजी



Meera continued to offer Namaz for five times in the Brahmin family
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Meera continued to offer Namaz for five times in the Brahmin family
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  • विदिशा एसएटीआई में आयोजित बाल आनंद महाेत्सव में बिखरे प्यार के रंग

Dainik Bhaskar

Nov 10, 2019, 10:12 AM IST

योगेश पाण्डे/ गिरिजाशंकर तिवारी | भोपाल/विदिशा . अयोध्या पर फैसले के बाद जब सुरक्षा के नाम पर बाजारों में सन्नाटा पसरा था, तब विदिशा के एसएटीआई में अायाेजित बाल आनंद महोत्सव में शामिल होने केरल से आईं मीरा अजीम ब्राह्मण परिवार में ठहरकर पांचों वक्त की नमाज अदा करती रही। नमाज के साथ वह शाम को भगवान की आरती में भी शामिल हुई। ऐसे ही जैन परिवार में ठहरे आदिल ने भी तुलसी विवाह के बाद आतिशबाजी का लुत्फ उठाया। शनिवार को फैसला अाने के बाद भी बच्चे साथ बैठकर टेलीविजन देखते रहे।

 

उन्होंने तय किया था कि फैसला जाे भी हाे, रिश्तों में फासला नहीं होना चाहिए। सदभावना की इस पहल का श्रेय गांधीवादी विचारक और समाजसेवी डॉ. एसएन सुब्बाराव को है। उन्होंने ही तय किया था कि अन्य राज्यों से आए बच्चों को हॉस्टल के बजाय विदिशा के अलग-अलग घरों में ठहराया जाए, ताकि वे एक दूसरे की संस्कृति में रच बस सकें। 11 नवंबर तक चलने वाले महोत्सव के लिए 10 राज्यों से 500 बच्चे आए हैं। सुब्बाराव कहते हैं कि देश की उम्मीद अब सिर्फ इन्हीं बच्चों पर टिकी है। इनसे जुड़ने का भाव सीखिए।

 

डॉ. सुब्बाराव की पहल... अलग परिवेश के बच्चों के बीच नजदीकियां बढ़ाने की कोशिश

मीरा नमाज पढ़ती है तो साथ में बैठ जाती है मोनिष्का
सांची रोड निवासी सीमा शर्मा की बेटी मोनिष्का शर्मा साकेत एमजीएम स्कूल में कक्षा 6 में पढ़ती है। मोनिष्का के साथ केरल के मलप्पुरम जिले से आई आठवीं की छात्रा मीरा अजीम रह रही है। मोनिष्का बताती हैं कि मीरा बहुत धार्मिक है। पांचों वक्त की नमाज पढ़ती है लेकिन वह यहां के रीति-रिवाज भी सीखना चाहती है। सीमा शर्मा ने बताया कि मीरा नमाज पढ़ती है तो हमारी बेटी भी साथ बैठ जाती है।

 

एशा से तन्वी सीख रही है इस्लाम से जुड़ी बातें, ग्यारस साथ मनाई

नंदवाना निवासी रीतेश सोनी की बेटी तन्वी के साथ केरल से आई एशा रुकी है। तन्वी इस्लाम से जुड़ी बातें एशा से सीख रही है। वहीं एशा भी हिंदू रीति-रिवाजों से परिचत हो रही है। देव उठनी ग्यारस पर शुक्रवार को दोनों ने आतिशबाजी की। रीतेश बताते हैं कि पांच दिन में दोनों बच्चे बहुत घुल-मिल गए हैं। जब तक एशा कुछ नहीं खाती, तन्वी भी नहीं खाती।

 

आदिल ने कहा- फैसले से फासला नहीं बढ़ेगा 
विदिशा की उदयगिरी कॉलोनी के अमित जैन का बेटा अर्थ ट्रिनिटी कांवेंट स्कूल में छठी का छात्र है। अर्थ के साथ केरल से आया आदिल ठहरा है। दोनों ने राममंदिर से जुड़ा फैसला देखा। आदिल ने अर्थ से कहा कि हम लोग पूरी जिंदगी ऐसे ही साथ रहेंगे। आदिल के लौटने के बाद अर्थ भी केरल घूमने जाएगा। अर्थ का कहना है कि आदिल मेरा बेस्ट फ्रेंड बन गया है। इसलिए मैं पापा-मम्मी के साथ आदिल के घर जरूर जाऊंगा। तुलसी पूजा के बाद अादिल ने अातिशबाजी भी की। 

 

 समाज में फैले पाखंड और आडंबर के बीच बच्चों के व्यवहार की यह तस्वीर एक मजबूत भारत की उम्मीद जगाती है -जेएस चाैहान, डायरेक्टर एसएटीआई

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