--Advertisement--

बच्चे ही बड़ों को कर सकते हैं प्रेरित इसलिए सिखा रही हैं मिट्‌टी की गणेश प्रतिमा बनाना

बच्चों की गणेश प्रतिमाएं शनिवार को पूरी तरह से तैयार हो जाएंगी। इन्हें ईको फ्रेंडली फ्रेबिक रंगों से रंगा जाएगा

Danik Bhaskar | Sep 08, 2018, 02:25 PM IST
बच्चों को मिट्‌टी के गणपति बना बच्चों को मिट्‌टी के गणपति बना

ग्वालियर। बच्चे ही बड़ों को प्रतिमा बनाने के लिए प्रेरित कर सकते हैं इसलिए विशर्स फाउंडेशन की सचिव कृतिका सक्सेना फाइन आर्ट कॉलेज के मूर्तिकला विभाग के छात्र रोहित सिंह के साथ मिलकर स्कूली बच्चों को मिट्टी के गणेश प्रतिमा बनाना सिखा रही हैं। फिलहाल कृतिका और रोहित से 40 बच्चे मिट्टी के गणेश जी की प्रतिमाएं बनाना सीख रहे हैं।

नदी-तालाबों को पीओपी की प्रतिमा से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए हनुमान चौराहे पर रहने वाली कृतिका ने दो साल से अभियान चला रखा है। दो साल पहले तक वे खुद भी पीओपी की गणेश प्रतिमा की घर पर लाकर पूजा करती थीं। कृतिका के बच्चों ने उन्हें पीओपी की प्रतिमा से होने वाले नुकसान के बारे में बार-बार टोका तो उन्होंने यू-ट्यूब की मदद से गणेश प्रतिमा बनाना सीखा। काम में बारीकी लाने के लिए उन्होंने पति कौशल के नई सड़क पर रहने वाले मूर्तिकार दोस्त से मूर्तिकला का प्रशिक्षण लिया। इसके बाद से उन्होंने विशर्स फाउंडेशन के माध्यम से गणेश चतुर्थी से पहले स्कूली बच्चों को मिट्टी की प्रतिमा बनाने का प्रशिक्षण देना शुरू किया।


40 बच्चे ले रहे हैं प्रशिक्षण: कृतिका और रोहित से चेतकपुरी स्थित ब्राइट कॉन्वेंट स्कूल के 7वीं, 8वीं और 9वीं क्लास के बच्चे गणेश प्रतिमा बनाने का प्रशिक्षण ले रहे हैं। इन बच्चों के लिए रोहित तैयार मिट्टी लेकर आते हैं। इन बच्चों की गणेश प्रतिमाएं शनिवार को पूरी तरह से तैयार हो जाएंगी। इन्हें ईको फ्रेंडली फ्रेबिक रंगों से रंगा जाएगा।

नदी व तालाबों को दूषित न करें


- मेरे बच्चों ने मुझे मिट्टी के गणेश जी बनाने के लिए प्रेरित किया था। बच्चे ही बड़ों को प्रेरित कर सकते हैं इसलिए स्कूलों में मिट्टी के गणेश जी बनाने का प्रशिक्षण देना दो साल पहले शुरू किया था। गणेश प्रतिमा बनाने के साथ ही बच्चों को गणपति का विसर्जन घर में करने के लिए कहते हैं, जिससे नदी और तालाबों का पानी दूषित न हो सके।

कृतिका सक्सेना, सचिव विशर्स फाउंडेशन

कलेक्टर ने दिए निर्देश

नदी और तालाबों के पानी को प्रदूषित करने वाली पीओपी की प्रतिमाओं को बनाने और बेचने पर कलेक्टर अशोक कुमार वर्मा ने प्रतिबंध लगा दिया है। पीओपी की प्रतिमाओं को बनाने और बेचने वालों के खिलाफ जांच अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए प्रशासन और नगर निगम की टीम गठित कर कार्रवाई की जाएगी। पर्यावरण संरक्षण को लेकर जनजागरूकता लाने के लिए शुक्रवार को एक निजी होटल में कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में कलेक्टर अशोक कुमार वर्मा, नगर निगम आयुक्त विनोद शर्मा, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के कार्यपालन अधिकारी एमपी सिंह, जीवाजी विश्वविद्यालय के प्रो. डॉ. हरीश शर्मा, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के विशेषज्ञ डॉ. एके सक्सेना आदि उपस्थित थे। कलेक्टर श्री वर्मा ने कहा कि शहर को प्रदूषण से मुक्त करने के लिए सामाजिक संस्थाओं और शहर के लोगों को आगे आना होगा। प्रदूषण को लेकर शहर की स्थिति गंभीर है। शहर को स्वच्छ, सुंदर और प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए निरंतर काम करना होगा।