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मध्य प्रदेश / कभी एक रहे डॉ. सीतासरन और सरताज के बदले सुर



mp assembly election, sartaj singh and sitasaran sharma
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mp assembly election, sartaj singh and sitasaran sharma

Dainik Bhaskar

Nov 09, 2018, 06:05 PM IST

होशंगाबाद/भोपाल। होशंगाबाद सीट पर अब प्रदेश भर की नजरें रहेंगी। सरताज सिंह और सीतासरन शर्मा कभी भाजपा में एक साथ रहे। सरताज सिंह 1985-90 के बीच डॉ. सीतासरन शर्मा को राजनीति में लेकर आए। अब पार्टी बदलने से दोनों खुलकर आमने-सामने आ गए हैं। 

 

डॉ. सीतासरन शर्मा  सरताज सिंह 
मुझे अफसोस है कि सरताज सिंह जैसे नेता ने टिकट नहीं मिलने पर सिद्धांत बदल लिए। सरताज ने मेरा भी टिकट 2003 में कटवाया था, लेकिन मैंने पार्टी नहीं छोड़ी। आज उनका टिकट कटा तो वे भाजपा से बगावत करके चले गए। भाजपा प्रत्याशियों की जब जमानतें जब्त होती थी तब से मैंने पार्टी के लिए रात दिन एक किए हैं। मैंने अर्जुन सिंह, हजारी लाल रघुवंशी जैसे दिग्गजों को हराया लेकिन पार्टी ने मेरी घोर उपेक्षा की। टिकट नहीं दी और कारण भी नहीं बताया। मैं अपने स्वाभिमान के लिए लड़ा। 
ताकत:अभी तक कोई विस चुनाव नहीं हारे। युवाओं की मजबूत टीम, क्षेत्र में गहरी पैठ। विकास कार्य। राजनीति और कुशल चुनाव प्रबंधन। राज्य में भाजपा की सरकार।  ताकत: इटारसी के निवासी, विस क्षेत्र में स्थानीय नेता। कांग्रेस में विरोध नहीं, सभी विंग का समर्थन। असंतुष्ट भाजपाइयों का समर्थन। साफ छवि, विकास कार्य। 
कमजोरी: अभी तक कांग्रेस के कमजोर प्रत्याशी से सामना, भीतरघात का फायदा। लगातार जीत से ज्यादा उत्साहित 
 
कमजोरी:इटारसी-होशंगाबाद के शहरी वोटरों से 10 साल से दूरी। 78 साल की उम्र का तकाजा। रुखा व्यवहार। 
चुनौती: जीत को बरकरार रखना। चुनौती: कांग्रेस का खाता खोलना।

 

राजनीति की बिसात पहले से बिछ रही थी... 
सरताज सिंह ने एक दम से कांग्रेस का दामन नहीं थामा। मंत्री पद छिनने के बाद से ही वे छटपटा रहे थे। तभी से कांग्रेस के बड़े नेताओं के संपर्क में थे। करीब 3 माह पहले कांग्रेस के पूर्व मंत्री विजय दुबे काकू भाई के यहां शादी समारोह में सरताज सिंह ने पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह से मुलाकात की थी। इसके अलावा सुरेश पचौरी, ज्योतिरादित्य सिंधिया के भी संपर्क में थे। 

 

कार्यकर्ताओं का किया अपमान : भाजपा के जिलाध्यक्ष हरिशंकर जायसवाल ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता कमल निशान के लिए काम करता है। सरताज सिंह के पहले कई दिग्गज पार्टी से चले गए लेकिन पार्टी को कोई फर्क नहीं पड़ा। सरताज सिंह ने भाजपा कार्यकर्ताओं को अपमान किया है। ये कार्यकर्ता भाजपा प्रत्याशी को बड़े अंतर से जीत दिलाकर अपने अपमान का बदला लेंगे। 

 

कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जीत का उत्साह : कांग्रेस जिलाध्यक्ष कपिल फौजदार ने कहा सरताज सिंह ने हमारा आग्रह माना और कांग्रेस ज्वाइन की। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें विस का प्रत्याशी घोषित किया। पिछले कई सालों से कांग्रेस होशंगाबाद विस में पिछड़ी अब उसकी पूर्ति होगी। सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह है मिलकर चुनावों में कांग्रेस को विजय बनाएंगे। 

 

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