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पहले सेहत से खिलवाड़, अब नहीं मिल रहीं जांच रिपोर्ट, उपभोक्ता फोरम में 735 प्रकरण अटके

जांच रिपोर्ट नहीं मिलने से फोरम दोनों बेंच में 735 प्रकरण लंबित है।

dainikbhaskar.com | Last Modified - Jun 14, 2018, 02:16 PM IST

पहले सेहत से खिलवाड़, अब नहीं मिल रहीं जांच रिपोर्ट, उपभोक्ता फोरम में 735 प्रकरण अटके

भोपाल। पहले बाजार से खराब खाद्य पदार्थ मिला। सेहत से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ जब उपभोक्ता ने फोरम में शिकायत की तो खाद्य सामग्री को जांच के लिए भेजा लेकिन जांच रिपोर्ट नहीं मिलने से फोरम में खाद्य सामग्री से संबंधित मामले अटक गए। फोरम की बेंच के आदेश पर अब तक कर्मचारी खाद्य एवं औषधि प्रशासन कई पत्र लिख चुके हैं। जांच रिपोर्ट नहीं मिलने से फोरम दोनों बेंच में 735 प्रकरण लंबित है। एक मामले की रिपोर्ट दस साल बाद भी नहीं मिली।

सबसे ज्यादा मामले कोल्ड ड्रिंक के

- उपभोक्ता फोरम में वर्ष 2017 में पैक्ड खाद्य सामग्री की गड़बड़ी से संबंधित 75 मामले पहुंचे थे। इसमें सबसे ज्यादा मामले अखाद्य कोल्ड ड्रिंक के हैं।
- एडवोकेट विभा बघेल ने बताया कि एक उपभोक्ता ने पेप्सी कोल्ड ड्रिंक की एक बॉटल खरीदी थी। जिसमें कचरा था। इसके संबंध में फोरम में परिवाद दायर किया। जिसमें बॉटल को खाद्य एवं औषधि प्रशासन भेज दिया।
- वे जांच रिपोर्ट के लिए कई बार खाद्य एवं औषधि प्रशासन जा चुकी है। फोरम ने भी रिपोर्ट जल्दी देने के संबंध में पत्र लिखा, लेकिन रिपोर्ट नहीं मिली।
- फोरम के कर्मचारियों का कहना है कि फोरम की दोनों बेंचों में खाद्य सामग्री से संबंधित प्रकरणों का निराकरण जांच रिपोर्ट नहीं आने की वजह से नहीं हो पा रहा है।

सबसे पुराना मामला वर्ष 2008 का है

केस- 1उपभोक्ता फोरम में डॉ. सयैद अबदल हुसैन ने वर्ष 2008 में पेप्सी की बोतल में कचरा मिलने के संबंध में परिवाद दायर किया था। जिसमें फोरम ने बोतल को सील करके जांच करने के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन को भेज दी थी दस साल बाद भी प्रशासन जांच करके रिपोर्ट फोरम को नहीं भेज सका।

- उपभोक्ता हुसैन की वकील सपना नागवंशी का कहना है कि वे रिपोर्ट के लिए कई चक्कर लगा चुकी है, लेकिन कर्मचारी रिपोर्ट के संबंध में कोई जानकारी नहीं दे रहे हैं। उनका कहना है कि वे कई बार प्रशासन के अधिकारियों को प्रकरण क्रमांक, सेंपल देने की तारीख तक दे चुकी हैं। कर्मचारी आज-कल करके टाल देते हैं।

केस-2 वर्ष 2017 में हरीश सातलकर ने भोपाल रेलवे स्टेशन के बाहर श्रीम नाम की दुकान से पानी की बॉटल खरीदी थी। हरीश बोतल खोलते उन्हें कीड़ा दिखाई दिया।

- इस मामले में उन्होंने श्रीम दुकान के संचालक कुंजीलाल और बेरी नीर के खिलाफ फोरम में परिवाद दायर किया।

लिस्ट दे दे फोरम

- खाद्य एवं औषधि प्रशासन के खाद्य विश्लेषक संदीप विक्टर का कहना है कि उनका प्रयास रहता है कि फोरम के प्रकरणों की जांच जल्दी से जल्दी करके दे दे।

- फोरम के द्वारा भेजे गए पुराने सैंपलों की रिपोर्ट भेज दी गई है। यदि फोरम कह रहा है कि उनके द्वारा भेजे गए सैंपलों की रिपोर्ट नहीं मिली।

- फोरम उन प्रकरणों की लिस्ट व सेंपल देने की तारीख दे दे, तो सभी रिपोर्ट भेज दी जाएगी। उनका कहना है कि नए प्रकरणों के संबंध में जांच की जा रही है। फिलहाल उनके पास कोई भी पेंडिंग केस नहीं है।

क्या कहते हैं अधिकारी

- खाद्य एवं औषधि प्रशासन में फोरम के माध्यम से सेंपल भेजे जाते हैं। कई मामलों में रिपोर्ट नहीं मिली हैं, जिसकी वजह से प्रकरण लंबित है। पुराने मामले फोरम की बेंच दो में और नए मामले बेंच एक लंबित है। इसके संबंध में कई पत्र लिखे जा चुके हैं।
सुनील श्रीवास्तव, सदस्य उपभोक्ता फोरम भोपाल

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