लोकसभा चुनाव / भोपाल से दिग्विजय के सामने प्रज्ञा का नाम, कांग्रेस ने इंदौर से संघवी को उतारा



mp bjp and congress candidate list for madhya pradesh loksabha elections 2019
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mp bjp and congress candidate list for madhya pradesh loksabha elections 2019

  • भाजपा के केपी यादव गुना में देंगे ज्योतिरादित्य सिंधिया को चुनौती 
  • भाजपा मप्र में 24 उम्मीदवार घोषित कर चुकी है, पांच घोषणा बाकी 

Dainik Bhaskar

Apr 17, 2019, 10:25 AM IST

भोपाल। मालेगांव ब्लास्ट के बाद सुर्खियों आई और लंबी कानूनी प्रक्रिया से गुजर चुकीं साध्वी प्रज्ञा ठाकुर भोपाल लोकसभा सीट से भाजपा की उम्मीदवार होंगी। हाईकमान से लेकर प्रदेश स्तर तक इस पर सहमति बन गई। भोपाल के स्थानीय नेताओं को भी सूचना दे दी गई है। प्रज्ञा ठाकुर के नाम की घोषणा आज हो सकती है। इस फैसले से साफ है कि मप्र की हॉट सीट बन चुकी भोपाल में कांग्रेस उम्मीदवार व पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के सामने पहली बार साध्वी चुनाव मैदान में होंगी। 

 

इधर, कांग्रेस ने प्रदेश की इकलौती बची हाई प्रोफाइल इंदौर लोकसभा सीट से पंकज संघवी को प्रत्याशी घोषित किया है। इंदौर से प्रत्याशी घोषित होने के साथ ही कांग्रेस ने सभी 29 सीटों पर प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। कांग्रेस का गढ़ रही गुना संसदीय सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार ज्योतिरादित्य सिंधिया को भाजपा के केपी यादव टक्कर दे सकते हैं। यादव के नाम पर भी तकरीबन मुहर लग गई है। भोपाल सीट पर वोटिंग 12 मई को वोटिंग है, इस लिहाज से प्रज्ञा ठाकुर को प्रचार के लिए काफी कम वक्त मिलेगा। 


शिवराज सहित कई नामों पर चर्चा लेकिन संघ ने प्रज्ञा का नाम बढ़ाया: बताया जा रहा है कि प्रज्ञा के नाम पर सहमति बनाने में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने अहम भूमिका निभाई। यह उनका पहला चुनाव होगा। इस सीट से पूर्व में नरेंद्र सिंह तोमर, शिवराज सिंह चौहान, महापौर आलोक शर्मा और वीडी शर्मा के नाम पर पार्टी स्तर पर खासी मशक्कत हुई, लेकिन संघ ने प्रज्ञा का नाम बढ़ा दिया। इस पर अब जाकर सहमति बनी। 

 
इंदौर पर पेंच : ललवानी, शेखावत या नेमा में हो सकता है कोई एक 
इंदौर के मामले में प्रदेश संगठन एक बार लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन से बात करेगा। यहां शंकर ललवानी, भंवर सिंह शेखावत और गोपीकृष्ण नेमा से एक तय होना है। शंकर ललवानी की संभावना ज्यादा है। 75 साल से ज्यादा उम्र होने के कारण सुमित्रा महाजन को पार्टी ने टिकट नहीं दिया है। कयास लगाए जा रहे हैं उनके ही किसी समर्थक को पार्टी मैदान में उतार सकती है। 


सागर में खींचतान खत्म राजेंद्र सिंह पर मुहर : सागर संसदीय सीट की खींचतान भी लगभग समाप्त हो गई। यहां पार्टी ने पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह के करीबी पूर्व मंडी अध्यक्ष व कांग्रेस से 2008 में भाजपा में शामिल हुए राजेंद्र सिंह मोकलपुर को उम्मीदवार बनाया जाना तय कर लिया है। यहां राजेंद्र सिंह के साथ राज बहादुर सिंह और पूर्व मंत्री जयंत मलैया का नाम चर्चा में था। 


विदिशा में शिवराज के करीबी रमाकांत पर सहमति : सुषमा स्वराज के पीछे हटने के बाद विदिशा संसदीय सीट पर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की पत्नी साधना ने अपना दावा पेश किया था। उनके नाम पर सहमति नहीं बनी तो पूर्व मंत्री रामपाल सिंह समेत तोरण सिंह दांगी और रमाकांत भार्गव का नाम सामने आया। इन सभी को शिवराज सिंह का करीबी माना जाता है। बताया जा रहा है कि पार्टी रमाकांत के नाम पर सहमत हो गई है। 

 

1998 में महाजन से सिर्फ 49 हजार वोटों से हारे थे संघवी : पंकज संघवी को सीएम कमलनाथ का समर्थक माना जाता है। वे गुजराती समाज के अध्यक्ष हैं। इंदौर में गुजराती समाज के डेढ़ लाख से ज्यादा वोट हैं। संघवी ने 1998 में इंदौर लोकसभा से चुनाव लड़ा था, तब वे सुमित्रा महाजन (ताई) से 49 हजार वोटों से हार गए थे। इसके बाद उन्होंने 2009 में महापौर का चुनाव लड़ा तब भाजपा के कद्दावर नेता कृष्ण मुरारी मोघे से महज 3200 वोटों से हारे। संघवी ने 2013 में इंदौर पांच नंबर विधानसभा से चुनाव लड़ा, इस चुनाव में वे महेंद्र हार्डिया से 11 हजार वोटों से हारे। 

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