मध्य प्रदेश में कौन बनेगा मुख्यमंत्री: कमलनाथ का अनुभव ज्योतिरादित्य सिंधिया पर पड़ सकता है भारी / मध्य प्रदेश में कौन बनेगा मुख्यमंत्री: कमलनाथ का अनुभव ज्योतिरादित्य सिंधिया पर पड़ सकता है भारी

मध्य प्रदेश के अगले मुख्यमंत्री का नाम अभी तय नहीं हो सका है। दो नाम रेस में हैं, कमलनाथ और ज्योतिरादित्य|

DainikBhaskar.com

Dec 13, 2018, 01:15 PM IST
Madhya Pradesh New Chief Minister Madhya Pradesh New Chief Minister

भोपाल/नई दिल्ली. छिंदवाड़ा से सांसद कमलनाथ (72) ही मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री होंगे। कांग्रेस आलाकमान ने उनके नाम पर मुहर लगा दी। वे सोमवार को भाेपाल के लाल परेड ग्राउंड पर शपथ लेंगे। विधानसभा चुनाव से करीब छह महीने पहले कमलनाथ ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का जिम्मा संभाला था। कांग्रेस ने इस फैसले के साथ यह भी साफ कर दिया कि राज्य में कोई उप-मुख्यमंत्री नहीं होगा। पहले यह माना जा रहा था कि कमलनाथ के सीएम बनने की स्थिति में सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया को डिप्टी सीएम बनाया जा सकता है। कमलनाथ कब शपथ लेंगे, यह शुक्रवार को तय होगा।

अकाली दल ने जताया विरोध

वही कमलनाथ को राज्य का मुख्यमंत्री नामित किए जाने का अकाली दल विरोध जता रहा है। फैसले से पहले भी अकाली दल ने ये कहा था कि अगर कमलनाथ को सीएम बनाया जाता है तो इसका कड़ा विरोध किया जाएगा। ऐसा ही हुआ। आज लुधियाना में यूथ अकाली दल ने इस फैसले का विरोध जताया।

<

72 साल के कमलनाथ का जन्म यूपी के कानपुर में हुआ। देहरादून के मशहूर दून स्कूल में स्कूली शिक्षा हासिल की। इसके बाद कोलकाता के सेंट जेवियर कॉलेज से बीकॉम किया। अर्थशास्त्र के छात्र रहे कमलनाथ की पहचान एक बड़े कारोबारी की भी है। सियासत उनकी मध्य प्रदेश से शुरू होती है। यहां कि छिंदवाड़ा सीट से वो अब तक 9 लोकसभा चुनाव जीत चुके हैं। सबसे पहले 1980 में जीते। 1991 में पहली बार केंद्र में मंत्री बने। फिर 1995-96 में कपड़ा मंत्रालय संभाला। कांग्रेस महासचिव भी रहे। 2004 में यूपीए की पहली सरकार में वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय की अहम जिम्मेदारी संभाली। यूपीए 2 में वो सड़क परिवहन मंत्री बने। हालांकि, 2011 में उन्हें अर्बन डेवलपमेंट मिनिस्ट्री दी गई। इसके साथ ही 2012 में उन्हें संसदीय कार्यमंत्री की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी मनमोहन सिंह ने सौंप दी। वाणिज्य और व्यापार क्षेत्रों में उनके ज्ञान का विरोधी भी सम्मान करते हैं। हालांकि, एक प्लस प्वॉइंट उनका गांधी परिवार के करीबी होना भी है। वो संजय गांधी के करीबी दोस्तों में से एक रहे हैं।

ज्योतिरादित्य सिंधिया - एक परिचय (know about Jyotiraditya scindia)
देश और मध्य प्रदेश की सियासत में सिंधिया परिवार किसी परिचय का मोहताज नहीं है। ज्योतिरादित्य सिंधिया शाही परिवार से आते हैं और ग्वालियर में उनका महल जयविलास पैलेस देश ही नहीं दुनिया के सबसे बेहतरीन महलों में से एक है। राजस्थान की पूर्व सीएम वसुंधरा राजे सिंधिया उनकी बुआ हैं। मध्य प्रदेश की पूर्व मंत्री यशोधरा राजे भी बुआ हैं। उनके पिता माधवराव सिंधिया गांधी परिवार के सबसे करीबी लोगों में से एक थे। वो 9 बार कांग्रेस सांसद रहे। खास बात ये है कि ज्योतिरादित्य की दादी विजया राजे भाजपा में रहीं। पिता के निधन के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया राजनीति में उतरे। 2002 में गुना से सांसद बने। 2004 में भी इसी सीट से जीते। 2007 में पहली बार केंद्रीय मंत्री बने। कमलनाथ की तरह ही ज्योतिरादित्य सिंधिया भी दून स्कूल से पढ़े लेकिन बाद में अमेरिका से कॉलेज की पढ़ाई पूरी की। उन्होंने स्टैनफोर्ड स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से एमबीए किया है।

X
Madhya Pradesh New Chief MinisterMadhya Pradesh New Chief Minister
COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना