लोकसभा चुनाव / रायसेन-विदिशा संसदीय क्षेत्र से निर्दलीय पर्चा भरने जा रहे कांग्रेस नेता को खींचकर बाहर लाए मंत्री जीतू पटवारी

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  • रायसेन विदिशा संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस से टिकट मांग रहे थे राजकुमार पटेल
  • कमलनाथ के फोन के बाद राजकुमार पटेल के पीछे-पीछे रायसेन पहुंचे जीतू पटवारी

Apr 22, 2019, 06:16 PM IST

रायसेन. संसदीय क्षेत्र रायसेन-विदिशा के निर्वाचन कार्यालय में चुनाव के दौरान आज पहली बार एक अलग तरह का नजारा देखने को मिला। कांग्रेस से टिकट नहीं मिलने से नाराज राजकुमार पटेल निर्दलीय नामांकन करने रायसेन स्थित कलेक्ट्रेट पहुंच गए। यह जानकारी जैसे ही प्रदेश सरकार में मंत्री जीतू पटवारी को मिली। वे भी वहां पहुंच गए और करीब 20 मिनट तक मान-मनोव्वल का दौर चला और फिर जीतू पटवारी, पटेल को निर्वाचन कार्यालय से बाहर लेकर आ गए।

 

 

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कांग्रेस ने विदिशा संसदीय क्षेत्र से शैलेंद्र पटेल को उम्मीदवार बनाया है। राजकुमार पटेल इस क्षेत्र से टिकट की दावेदारी कर रहे थे। लेकिन कांग्रेस ने उन्हें मौका नहीं दिया। इससे राजकुमार नाराज हो गए और निर्दलीय पर्चा दाखिल करने का ऐलान कर दिया था।

 

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कमलनाथ ने किया फोन: बताते हैं कि जैसे ही राजकुमार पटेल के निर्दलीय पर्चा दाखिल होने की जानकारी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को मिली। उन्होंने मुख्यमंत्री कमलनाथ को इसकी जानकारी दी। कमलनाथ ने जीतू पटवारी को राजकुमार पटेल से बात करने और उन्हें वापस लाने का जिम्मा सौंपा। बताया जा रहा है कि कमलनाथ का फोन आते ही जीतू पटवारी ने राजकुमार पटेल को फोन लगाकर उनसे बात की। राजकुमार ने उन्हें बताया कि वे रायसेन के लिए निकल चुके हैं। 

 

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20 मिनट बाद पहुंचे जीतू

पटेल के इतना कहते ही जीतू पटवारी भी भोपाल से रायसेन के लिए निकले। बताया जा रहा है कि रास्ते में उनकी कई बार पटेल से बात हुई। लेकिन, वह तैयार को तैयार नहीं हुए। इधर, राजकुमार जिला निर्वाचन कार्यालय पहुंचे। इसके करीब 20 मिनट बाद ही जीतू पटवारी भी वहां पहुंच गए। निर्वाचन अधिकारी के समक्ष जाने से पहले जीतू पटवारी, पटेल के सामने खड़े हो गए और उन्हें अंदर जाने से रोक दिया। इस समय दोपहर के ढाई बजे थे। और नामांकन करने का समय तीन बजे तक निर्धारित था। 

 

समय निकला तो बाहर आए: कई बार राजकुमार पटेल जीतू पटवारी को हटाते हुए अंदर जाने की कोशिश करते रहे। लेकिन, जीतू पटवारी उनके गले लग कान में कुछ कहते रहे और उन्हें अंदर जाने रोकते रहे। निर्वाचन अधिकारी के कक्ष के बाहर इस तरह का नजारा करीब आधे घंटे तक चलता रहा। जब तक तीन नहीं बज गए। जीतू, राजकुमार पटेल के गले लगे उन्हें रोके रहे और कान में कुछ कहते रहे। निर्वाचन फार्म भरने का समय तीन बजे खत्म होते ही जीतू पटवारी ने राजकुमार पटेल को छोड़ दिया और फिर राजकुमार पटेल ने धीरे से जीतू से कुछ कहा और दोनों निर्वाचन कार्यालय से बाहर आ गए। और अंतत: राजकुमार पटेल अपना नामांकन नहीं भर पाए।

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