कैंसर पीड़ित मरीज की चल रही थी सांस, लेकिन परिजनों को लगा हो गई मौत, गुस्से में इमरजेंसी यूनिट के कांच फोड़े

Bhaskar News Network

May 18, 2019, 07:00 AM IST

Bhopal News - हमीदिया अस्पताल में जूनियर डाॅक्टर अाैर मरीजों के परिजनों के बीच इलाज को लेकर हुई कहासुनी के बाद गुस्साए परिजनों...

Bhopal News - mp news cancer sufferers were breathing but family members were killed angry glasses of emergency unit
हमीदिया अस्पताल में जूनियर डाॅक्टर अाैर मरीजों के परिजनों के बीच इलाज को लेकर हुई कहासुनी के बाद गुस्साए परिजनों ने शुक्रवार शाम को इमरजेंसी यूनिट में तोड़फोड़ कर दी। इसकी शिकायत जूनियर डॉक्टर्स ने कोहेफिजा थाने में की है। फिलहाल देर रात इस मामले में कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है।

दरअसल, पुराने शहर में रहने वाले 40 साल तस्लीम उल्ला खान को चार दिन पहले इलाज के लिए हमीदिया अस्पताल लाया गया था। इसके बाद उनकी खून की जांच कराई गई थी। जांच के बाद उन्हें कैंसर होने की पुष्टि हुई थी। शुक्रवार दोपहर में कुछ और जांच कराने के लिए उन्हें हमीदिया अस्पताल लाया गया। इसके बाद परिजन उनको घर से ले गए थे। लेकिन घर पर अचानक तबीयत बिगड़ने पर परिजन तस्लीम को लेकर हमीदिया अस्पताल की इमरजेंसी यूनिट में पहुंचे। यहां पर ड्यूटी पर तैनात सीएमओ ने उनकी जांच की। साथ ही उनसे रैफर अस्पताल के पेपर मांगे। इस पर परिजनों ने ड्यूटी डॉक्टर से कहा कि उनके पास कोई पेपर उपलब्ध नहीं है। मरीज की तबीयत ज्यादा खराब है। इसलिए तत्काल इलाज दें। इस पर डॉक्टर ने उनको मेडिकल वार्ड-2 में उसको ले जाने की सलाह दी। जिस पर परिजन बिफर गए और बोले कि यहीं पर इलाज करो।

इसको लेकर मरीज के परिजन और ड्यूटी डॉक्टर में कहासुनी शुरू हो गई। इस पर ड्यूटी डॉक्टर गुप्ता ने कहा कि मरीज को वेंटिलेटर की जरूरत है इसलिए मेडिकल वार्ड-2 में ही जाना होगा। जैसे ही मरीज को मेडिकल वार्ड-2 में शिफ्ट किया जाने लगा। इस दौरान परिजनों को लगा कि मरीज की सांस बंद हो गई है। इस दौरान तस्लीम के साथ आए परिजन वसीम और अमरीन ने गुस्से में इमरजेंसी में लगे कांच में तोड़फोड़ कर दी। इस बाद डॉक्टर्स ने डाॅयल-100 को बुलाया। देर रात कोहेफिजा पुलिस जांच के लिए हमीदिया अस्पताल पहुंची।

परिजन बिफर गए, बोले- यहीं इलाज करो...इतना कहते ही विवाद हो गया शुरू

यह तस्वीर हमीदिया की इमरजेंसी यूनिट की है। मरीज के परिजनों ने यहां के कांच फोड़ डाले।

हेल्थ रिपोर्टर | भोपाल

हमीदिया अस्पताल में जूनियर डाॅक्टर अाैर मरीजों के परिजनों के बीच इलाज को लेकर हुई कहासुनी के बाद गुस्साए परिजनों ने शुक्रवार शाम को इमरजेंसी यूनिट में तोड़फोड़ कर दी। इसकी शिकायत जूनियर डॉक्टर्स ने कोहेफिजा थाने में की है। फिलहाल देर रात इस मामले में कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है।

दरअसल, पुराने शहर में रहने वाले 40 साल तस्लीम उल्ला खान को चार दिन पहले इलाज के लिए हमीदिया अस्पताल लाया गया था। इसके बाद उनकी खून की जांच कराई गई थी। जांच के बाद उन्हें कैंसर होने की पुष्टि हुई थी। शुक्रवार दोपहर में कुछ और जांच कराने के लिए उन्हें हमीदिया अस्पताल लाया गया। इसके बाद परिजन उनको घर से ले गए थे। लेकिन घर पर अचानक तबीयत बिगड़ने पर परिजन तस्लीम को लेकर हमीदिया अस्पताल की इमरजेंसी यूनिट में पहुंचे। यहां पर ड्यूटी पर तैनात सीएमओ ने उनकी जांच की। साथ ही उनसे रैफर अस्पताल के पेपर मांगे। इस पर परिजनों ने ड्यूटी डॉक्टर से कहा कि उनके पास कोई पेपर उपलब्ध नहीं है। मरीज की तबीयत ज्यादा खराब है। इसलिए तत्काल इलाज दें। इस पर डॉक्टर ने उनको मेडिकल वार्ड-2 में उसको ले जाने की सलाह दी। जिस पर परिजन बिफर गए और बोले कि यहीं पर इलाज करो।

इसको लेकर मरीज के परिजन और ड्यूटी डॉक्टर में कहासुनी शुरू हो गई। इस पर ड्यूटी डॉक्टर गुप्ता ने कहा कि मरीज को वेंटिलेटर की जरूरत है इसलिए मेडिकल वार्ड-2 में ही जाना होगा। जैसे ही मरीज को मेडिकल वार्ड-2 में शिफ्ट किया जाने लगा। इस दौरान परिजनों को लगा कि मरीज की सांस बंद हो गई है। इस दौरान तस्लीम के साथ आए परिजन वसीम और अमरीन ने गुस्से में इमरजेंसी में लगे कांच में तोड़फोड़ कर दी। इस बाद डॉक्टर्स ने डाॅयल-100 को बुलाया। देर रात कोहेफिजा पुलिस जांच के लिए हमीदिया अस्पताल पहुंची।

डॉक्टर ने चैक किया तो चल रही थी सांस

इमरजेंसी में ड्यूटी पर तैनात सीएमओ मोहित गुप्ता ने बताया कि तस्लीम उल्ला खान को चेक किया तो उनकी सांस चल रही थी। उनको तत्काल मेडिकल वार्ड-2 में शिफ्ट किया गया। जहां पर उनका इलाज जारी है। उन्होंने बताया कि इमरजेंसी में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग की जांच पुलिस ने की है। इसमें तस्लीम के परिजनों द्वारा कांच तोड़ने और डॉक्टरों के साथ बदसलूकी करने का रिकॉर्ड दर्ज है।

जूडा का तर्क- मरीजों के साथ नहीं की मारपीट... मप्र जूनियर डाक्टर्स एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सचेत सक्सेना ने बताया कि हमीदिया अस्पताल में बुधवार को मरीजों के साथ मारपीट की घटना में जूनियर डॉक्टर अमन काे जबरन फंसाया गया है। जिस वक्त यह घटना घटित हुई उस वक्त डॉ. अमन मौके पर मौजूद नहीं थे। बल्कि जो जूनियर डॉक्टर मौके पर मौजूद थे, उनको उल्टा मरीज के परिजनों ने पीटा था। इसकी शिकायत जूडा द्वारा कोहेफिजा थाने में की गई है।

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