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MPSDC : न मॉर्डगेज पर फैसला, न लीज रेंट तय, तीन दिन में फिर बदले एमडी

तन्वी पर्यटकों के लिए आई साइकिल का निजी काम में उपयोग लाने के विवाद से सुर्खियों में रहीं तन्वी को अब एमडी बनाया गया है।

Bhaskar News | Last Modified - May 02, 2018, 02:04 AM IST

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    भोपाल.मप्र स्टेट इलेक्ट्रॅानिक डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एमपीएसईडीसी) के प्रबंध निदेशक फिर बदल गए। मनीष रस्तोगी केवल तीन दिन ही इस कुर्सी पर रहे। अब तन्वी सुंद्रीयाल को जिम्मेदारी सौंपी दी है। हालांकि रस्तोगी बतौर प्रमुख सचिव सूचना और प्रोद्योगिकी विभाग के भी प्रमुख होंगे। इसका असर ये हो रहा है कि प्रदेश में 500 करोड़ रुपए के निवेश से विकसित किए जा रहे चार आईटी पार्क को लेकर होने वाले कई नीतिगत फैसले एक बार फिर अटक गए हैं। इनमें सबसे अहम आईटी पॉलिसी।

    आईटी पॉलिसी-2014 के तहत दी जाने वाली रियायतें खत्म हो चुकी हैं, क्योंकि सरकार आईटी पॉलिसी-2016 को मंजूरी दे चुकी है, लेकिन आईटी पॉलिसी का आदेश जारी नहीं हो पा रहा है, क्योंकि अलग-अलग एमडी की इस मसले पर राय अलग-अलग थी। आईटी पॉलिसी लागू न होने से निवेशकों को यह समझ नहीं आ रहा कि अगर वे आईटी पार्क में उद्योग लगाते हैं तो उन्हें कौन सी रियायत मिलेगी और कौन सी नहीं।

    एक माह में एमडी के पद पर रहे ये अफसर

    बी चंद्रशेखर :वे अप्रैल की शुरुआत में इस पद पर थे। उन्हें मतदाता सूची में फर्जी नाम जोड़ने के विवाद के चलते इस पद से हटाया गया।

    मनु श्रीवास्तव : सूचना प्रोद्योगिकी विभाग के प्रमुख सचिव थे। चंद्रशेखर के हटने के बाद उन्हें एमडी का अतिरिक्त प्रभार दिया गया।

    मनीष रस्तोगी : जब सूचना प्रोद्योगिकी विभाग का प्रमुख सचिव बनाया गया तो साथ में एमपीएसईडीसी के एमडी का प्रभार भी उन्हें दिया गया।

    तन्वी सुंद्रीयाल :पर्यटकों के लिए आई साइकिल का निजी काम में उपयोग लाने के विवाद से सुर्खियों में रहीं तन्वी को अब एमडी बनाया गया है।

    वे नीतिगत फैसले, जो अब तक अटके हुए हैं

    मॉर्डगेज : आईटी पॉलिसी-2016 में कहा गया है कि उद्यमी अगर आईटी पार्क में जमीन लेता है तो वह उसे बैंक में मॉर्डगेज करके लोन ले सकता है, लेकिन मनु श्रीवास्तव का कहना था कि आईटी पार्क की जमीन सरकारी है, इसे कैसे मॉर्डगेज किया जा सकता है।

    लीज :आईटी पॉलिसी-2014 में आईटी पार्क में जमीन लेने वालों को सालाना 1% लीजरेंट देना पड़ रहा था। आईटी पॉलिसी-2016 में इसे बढ़ाकर 2% कर दिया गया। मनु श्रीवास्तव ने इस पर यह कहकर आपत्ति ली कि यह लीजरेंट ज्यादा है इसे दोबारा 1% कर देना चाहिए।

    सब्सिडी :आईटी यूनिट लगाने वाले को 50% सब्सिडी दिए जाने का प्रावधान है। यह अधिकतम 25 लाख रुपए हो सकती है। मनु श्रीवास्तव का कहना है कि यह सब्सिडी कम है। इसे बढ़ाया जाना चाहिए, लेकिन मनीष रस्तोगी ने इस आपत्ति पर कोई राय नहीं दी।

    एफएमपीसीसीआई के अध्यक्ष डॉक्टर आरएस गोस्वामी ने बताया कि शहर में आईटी पार्क पर तेजी से काम होना जरूरी है। भेल के बाद यह भोपाल शहर को मिलने वाली सबसे बड़ी सौगात है। सरकार इस तरह बार-बार एमडी बदलती रहेगी तो नीतिगत मसलों पर कैसे फैसले हो पाएंगे।

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