मप्र / नेशनल लॉ इंस्टीट्यूट यूनिवर्सिटी जनवरी से सायबर लॉ में कराएगी पीजी डिप्लोमा



National Law Institute University
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National Law Institute University

  • पहले सत्र में देशभर से 1000 पुलिस ऑफिसर, ज्यूडिशियल ऑफिसर और अन्य विभागों के अधिकारियों को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य
  • एनएलआईयू, नेशनल ई-गवर्नेंस डिवीजन, इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय में हुआ एमओयू
  • प्रोग्राम में यह रहेगा...सायबर लॉ और डिजिटल साक्ष्य से संबंधित प्रशिक्षण, सायबर क्राइम की जांच से जुड़ीं सावधानियां पढ़ाएंगे

Dainik Bhaskar

Sep 30, 2019, 04:03 PM IST

भोपाल। देश में बढ़ते साइबर क्राइम के मद्देनजर सायबर लॉ के एक्सपर्ट तैयार करने के लिए नेशनल लॉ इंस्टीट्यूट यूनिवर्सिटी (एनएलआईयू) भोपाल पीजी डिप्लोमा कोर्स शुरू करने जा रही है। जनवरी से यह कोर्स शुरू हो जाएगा। पहले चरण में देशभर में 1 हजार सीट रहेंगी। इसके तहत पुलिस अफसर, ज्यूडिशियल ऑफिसर एवं अन्य विभागों के अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।

 

इसके लिए एनएलआईयू एवं नेशनल ई-गवर्नेंस डिवीजन, इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय भारत सरकार में सायबर लॉ पर ऑनलाइन ट्रेनिंग प्रोग्राम के लिए समझौता हुआ है।

 

यह ऑनलाइन कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम ऑन सायबर लॉ, क्राइम इंवेस्टिेगेशन एंड डिजिटल फॉरेंसिक विषय पर पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा कराएगा। 26 सितंबर को हुए इस एमओयू पर अजय प्रकाश साहनी सचिव, इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय भारत सरकार की उपस्थिति में प्रो. वी विजयकुमार कुलपति एनएलआईयू भोपाल एवं एमएस राव प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी, डिजिटल इंडिया कॉरपोरेशन ने हस्ताक्षर किए हैं।


इसकी जानकारी देंगे: इस प्रोग्राम के माध्यम से सायबर लॉ और डिजिटल साक्ष्य से संबंधित प्रशिक्षण, सायबर क्राइम की जांच में शामिल कदमों के अनुक्रम और उनसे जुड़ी सावधानियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी जाएगी। इसके तहत डिजिटल साक्ष्य की जांच, दस्तावेजीकरण, पैकेजिंग और परिवहन में उपयोग किए जाने वाले जांच उपकरणों, हैशिंग, पंचनामा, सर्वर, कंप्यूटर को जब्त करने की मानक प्रक्रिया और सबूत संग्रह के बारे में पढ़ाई कराई जाएगी। भारतीय नियामक प्रावधानों और इलेक्ट्रॉनिक सबूत, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और सबूत के रूप में इसे पेश करते समय की चुनौतियों से संबंधित मामलों अधिक महत्व दिया जाएगा।

 

छात्रों को भी देंगे एडमिशन: इसके लिए सिलेबस पर कार्य किया जा रहा है। अगर इस बार ही पूरा कोर्स तैयार होता है, तो इसी सत्र से इसमें छात्रों को भी एडमिशन दिया जाएगा। इसके लिए पटियाला, बैंगलोर और दिल्ली में लैब भी तैयार हैं।

 

कोर्स तैयार करवा रहे हैं। काफी कुछ काम हो चुका है। अगर इसी सत्र में मटेरियल तैयार हो जाता है, तो इसे छात्रों के लिए खोल देंगे। यह एक क्रांतिकारी कदम है। इससे सायबर अपराध से जुड़े मामलों को हल करने में काफी मदद मिलेगी।

प्रो. वी विजय कुमार, कुलपति, एनएलआईयू

 

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