सुधार की पहल / ट्रैफिक पुलिस के प्रैक्टिकल पर निर्माण एजेंसी करेगी सड़कों के तिराहे और चौराहों में सुधार

Dainik Bhaskar

Mar 14, 2019, 12:27 PM IST


new traffic plan for bhopal
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भोपाल।  शहर के ट्रैफिक के हालत सुधारने और एक्सीडेंट को काम करने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने अच्छी पहल शुरू की है। अब कागजों की जगह प्रैक्टिकल करके सड़कों, तिराहों और चौराहों को सुधारा जाएगा। शुरुआत शहर के सबसे बड़े ब्लैक स्पॉट कहे जाने वाले पुलिस कंट्रोल रूम तिराहे से की है। बुधवार की सुबह ट्रैफिक पुलिस के साथ पीडब्ल्यूडी की टीम ने रोशनपुरा चौराहा से लेकर पीएचक्यू तिराहे तक के रास्ते का निरीक्षण किया। इसके बाद पूरा रोड का एक स्कैच तैयार किया गया। ट्रैफिक पुलिस ड्रोन से मैपिंग करने के बाद 7 से लेकर 10 दिन तक इस रास्ते पर सर्वे करेगी। इसी रिपोर्ट पर निर्माण एजेंसी जरूरी निर्माण कार्य करेगी।


ट्रैफिक पुलिस ग्राफिक के आधार पर पूरे रास्ते की ड्रोन मैपिंग कराएगी। इसके आधार पर इस रास्ते पर जरूरत के अनुसार अस्थायी स्टॉपर, जेब्रा लाइन, सिग्नल, कट पाइंट और टर्निंग बनाई जाएगी। इसके लिए लगातार 7 से लेकर 10 दिन तक ट्रैफिक पुलिस सर्वे करेगी। इसमें वाहनों की संख्या, समय, डिवाइडर की लंबाई, कट पॉइंट, सिग्नल के बीच की दूरी, टर्निंग और ट्रैफिक से जुड़े अन्य सभी तरह के पैरामीटर की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इस रिपोर्ट को रोड निर्माण एजेंसी पीडब्ल्यूडी  विभाग को पुलिस सौंप देगी।  इस आधार पर इस रास्ते का सुधार किया जाएगा।


अब तक होता था यह : ट्रैफिक पुलिस थाना पुलिस की रिपोर्ट पर ज्यादा एक्सीडेंट वाले स्थानों काे चिह्नित करती थी। एक्सीडेंट के लिए जिम्मेदार कारणों की रिपोर्ट बनाकर संबंधित निर्माण एजेंसी को दे देती थी। निर्माण एजेंसी ट्रैफिक पुलिस की अनुशंसा मानने के लिए बाध्य नहीं होती है। ऐसे में निर्माण एजेंसी अपनी सहूलियत के मुताबिक निर्माण कार्य करती थी। इससे ट्रैफिक सुधार के सुझाव सिर्फ कागजों में ही सिमट कर रह जाते थे।


तीन साल 13 हादसे, 9 की मौत: रोशनपुरा चौराहे से पीएचक्यू तिराहे तक 3.3 किमी की दूरी है। यह शहर का सबसे बड़ा एक्सीडेंटल जोन है।  यहां पर बीते तीन साल में 13 खतरनाक एक्सीडेंट हुए, जिनमें 9 लोगों की मौत हो चुकी है। वर्ष 2018 में सबसे ज्यादा 6 एक्सीडेंट में 5 लोगों की मौत हुई।


यह करना जरूरी: भारत में ट्रैफिक सुधार के लिए हाल ही में काम होना शुरू हुए हैं। भोपाल ट्रैफिक पुलिस की ट्रैफिक को सुधारने की पहल बहुत अच्छी है। मेरा सुझाव है कि इंडियन रोड कांग्रेस की गाइडलाइन के अनुसार सर्वे किया जाना चाहिए। इसमें ट्रैफिक पुलिस को रोड इंजीनियर के ऐसे एक्सपर्ट लेना चाहिए, जो सिर्फ इसी पर काम करते रहे हों। इसके साथ ही वह स्वतंत्र होना चाहिए। तभी सड़क की सुरक्षा के सभी बिंदुओं पर पूरी तरह काम हो सकेगा। फिर भी ट्रैफिक पुलिस की यह पहल बहुत अच्छी है। कम से कम सभी विभाग पहली बार एक साथ तो आएंगे।

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