--Advertisement--

चुनावी चंदे के लिए एमपी में एक भी इलेक्टोरल बाॅन्ड नहीं बिका

एसबीआई की टीटी नगर ब्रांच ही इलेक्टोरल बॉन्ड बेचने के लिए अधिकृत

Danik Bhaskar | Jul 13, 2018, 04:39 AM IST
सिम्बोलिक इमेज सिम्बोलिक इमेज
  • राजनीतिक पार्टियों को चंदा देने के लिए देश में अप्रैल से अब तक 438 करोड़ रुपए के इलेक्टोरल बॉन्ड खरीदे गए, लेकिन मध्यप्रदेश में इसे रिस्पांस नहीं मिला। यहां बैंक में जितने बॉन्ड आए, सब वापस भेजने पड़े।

भोपाल. राजनैतिक पार्टियों को फंडिंग करने के लिए लाए गए इलेक्टोरल बाॅन्ड मध्यप्रदेश में किसी को रास नहीं आ रहे। लॉन्च करने के चार माह बाद भी किसी दानदाता ने एक भी इलेक्टोरल बाॅन्ड नहीं खरीदा। सरकार ने भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की टीटी नगर स्थित मैन ब्रांच को इसको लिए अधिकृत किया है। इन बाॅन्ड की वैधता केवल 15 दिन होती है। यानी खरीदने के 15 दिन के भीतर ही इसे भुनाना जरूरी है। अन्यथा ये बेकार हो जाते हैं। इसलिए सरकार हर माह इसकी खरीद की तिथि जारी करती है।

जितने बॉण्ड आ रहे, वापस जा रहे: अब तक चार बार इसकी तिथि आ चुकी है। लेकिन बताया जा रहा है कि हर बार जितने बॉन्ड आ रहे हैं उतने ही वापस जा रहे हैं। सरकार का अनुमान था कि मप्र में इस साल विधानसभा चुनाव होने हैं। इसलिए यहां बॉन्ड की बिक्री तेजी से बढ़ेगी। इसलिए मप्र देश के कुछ चुनिंदा राज्यों में शामिल है, जहां यह बॉन्ड उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इलेक्टोरल बाॅन्ड न बिकने से राजनैतिक पार्टियां ज्यादा परेशान नहीं दिख रहीं।

छोटे-मोटे दुकानदार 40 साल से पार्टी के लिए फंडिंग करते आ रहे : भाजपा

सत्ताधारी भाजपा का कहना है कि छोटे-मोटे दुकानदार 40 साल से पार्टी के लिए फंडिंग करते आ रहे हैं। वे पार्टी की रसीद पर 500 से 1000 रुपए की छोटी-छोटी राशि दान करते हैं। यह काम अभी भी जारी है। यूनियन बजट-2017 में इलेक्टोरल बाॅन्ड की घोषणा की गई थी। इसकी बिक्री 1 मार्च-2018 से प्रारंभ की थी। सबसे पहले यह मुंबई, दिल्ली,चेन्नई और कोलकाता में भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की मेन ब्रांच के जरिये उपलब्ध कराए गए।

चार माह में 40 दिन खुला रहा बॉन्ड की बिक्री के लिए बैंक काउंटर: भोपाल के सामाजिक कार्यकर्ता चंद्रशेखर गौर की एक आरटीआई के जवाब में भारतीय स्टेट बैंक (एसबीअाई) ने बताया कि मार्च, अप्रैल और मई के माह में एसबीआई की शाखाओं के जरिए-417 बॉन्ड खरीदे गए। इनका मूल्य 438 करोड़ रुपए था। कई बॉन्ड का मूल्य एक करोड़ रुपए से ज्यादा था। इस दौरान भी भोपाल में कोई बॉन्ड खरीदने नहीं गया।

कब आए बिक्री स्लॉट

- 2 अप्रैल से 10 अप्रैल तक

-1 मई से 10 मई तक

-1 जून से 10 जून तक

-2 जुलाई से 11 जुलाई तक

आगे कब आ सकते हैं स्लॉट- 1 अगस्त को संभावित, बैंक इसकी जानकारी प्रसार माध्यमों के जरिए ये देंगे।

कहां-कितने बिके बॉन्ड

मुंबई- 206

नई दिल्ली-72

बेंगलुरू -41

कोलकाता-40

चेन्नई -14

गांधीनगर -11

*(बाॅन्ड की वैधता 15 दिन, समय सीमा में कराना होता है कैश )

बॉन्ड का सिस्टम नया है, लोग पार्टी से रसीद लेकर सीधे चंदा दे रहे हैं : इलेक्टोरल बॉन्ड का सिस्टम नया है। लाेगों को समझ नहीं आ रहा। वे पार्टी की रसीद कटाकर सीधे फंडिंग कर रहे हैं। छोटे-मोटे दुकानदार छोड़िए बड़े डॉक्टर और सीए भी बॉन्ड की जगह दूसरे माध्यम से फंडिंग करना पसंद करते हैं। -दीपक विजयवर्गीय, मुख्य प्रवक्ता,भाजपा, मप्र