मप्र / लॉक वाले एटीएम में औसतन रोज 2000 लोग भूल जाते हैं कार्ड

On an average, 2000 people forget cards in a locked ATM every day
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On an average, 2000 people forget cards in a locked ATM every day

  • बैंकों ने दी हिदायत...ग्राहक लेन-देन पूरा होने के बाद कम से कम 2-3 मिनट जरूर इंतजार करें अन्यथा हो सकते हैं धोखाधड़ी के शिकार

Dainik Bhaskar

Dec 03, 2019, 07:25 AM IST

भोपाल। एटीएम बदल गए हैं। अब आप एटीएम के कार्ड रीडर स्पेस में स्वैप करने के तुरंत बाद डेबिट कार्ड नहीं निकाल सकते। आपका कार्ड ट्रांजेक्शन पूरा होने तक लॉक हो जाता है। वह एटीएम से पैसा या स्लिप निकलने के बाद ही अनलॉक होता है। लेकिन राजधानी के लोग अभी इस नई तकनीक के अभ्यस्त नहीं हेा पाए हैं। यही वजह है कि कई लोग पैसा निकलते ही उसे जेब या पर्स में डालकर बाहर निकल जाते हैं। कार्ड के अनलॉक होने का इंतजार तक नहीं करते। नतीजतन कार्ड वहीं फंसा रह जाता है। एेसे में बैंक अफसर हिदायत दे रहे हैं कि ट्रांजेक्शन पूरा होने के बाद दो-तीन मिनट जरूर रुकें, इससे कार्ड भूलने और दुरुपयोग की आशंका कम हो सकती है।


एटीएम का मेंटेनेंस देखने वाली एजेंसियों की मानें तो रोजाना औसतन 2000 से अधिक डेबिट कार्ड उन्हें मिल रहे हैं। वे यह सारे कार्ड कैश देने वाली बैंक की शाखाओं में जाकर जमा करा देते हैं। वहां इनके वास्तविक ग्राहक की पहचान करना मुश्किल काम है। राजधानी में दिन के समय ज्यादातर एटीएम बिना गार्ड के होते हैं। ऐसे में बाद में पैसा निकालने आए ग्राहक यह कार्ड एटीएम कैबिन के पड़ोस में स्थित दुकानदारों को दे जाते हैं। इन दुकानदारों के पास यह कार्ड लंबे समय तक पड़े रहते हें। लेकिन यदा-कदा ही कोई ग्राहक कार्ड वापस लेने आता है। 


अवधपुरी में एक्सिस बैंक के एटीएम के पास फर्नीचर की दुकान चलाने वाले श्याम रजक ने बताया कि उनके पास 12 कार्ड अब भी पड़े हैं। वे इंतजार करते रहे कि कोई ग्राहक आकर अपना कार्ड मांगे। लेकिन अब वे ये सारे कार्ड एटीएम में कैश डालने आए कर्मचारियों को दे देंगे। बैंकों की मानें तो सबसे ज्यादा डेबिट कार्ड सुल्तानिया रोड स्थित एसबीआई की ब्रांच में पड़े हैं। एसबीआई के अधिकारी मदन किशोर जैन कहते हैं कि कार्ड छूट जाने की जानकारी लगते ही ग्राहक कार्ड को ब्लॉक करवा देते हैं। ऐसे में इन कार्ड का बैंक क्या करंे, उन्हें यह समझ नहीं आ रहा। 

  • 1000 एटीएम हैं पूरे शहर में
  • 800 से ज्यादा में लगा लॉकिंग सिस्टम

कार्ड लॉकिंग सिस्टम... क्लोनिंग कर होने वाली धोखाधड़ी को रोेकने के लिए आरबीआई की गाइडलाइन के तहत लगाया

एटीएम का कार्ड रीडर भी हो रहा खराब  - एटीएम में कार्ड रीडर में लॉकिंग सिस्टम भारतीय रिजर्व बैंक की गाइडलाइन के तहत लगाया जा रहा है। इसका उद्देश्य ग्राहकों के साथ कार्ड की क्लोनिंग करके होने वाली गड़बड़ियों को रोकना है। राजधानी में कुल 1000 एटीएम हैं। इनमें से 800 से अधिक एटीएम में अब तक ये कार्ड लॉकिंग सिस्टम लगाया जा चुका है। जानकार कहते हैं कि ग्राहकों को एटीएम में डेबिट कार्ड कार्ड रीडर में स्वैप करके तुरंत निकालने की आदत है। वे अभी भी यही कर रहे हैं। इससे न केवल उनका कार्ड डेमेज हा़े रहा है, बल्कि एटीएम का कार्ड रीडर स्पेस भी डैमेज हा़े रहा है।  

एटीएम में कार्ड भूलना खतरनाक, कोई भी कर सकता है दुरुपयोग
 इस तरह कार्ड भूलना बेहद घातक है। कई बार लोगों को एक या दो घंटे बाद पता चलता है कि वे एटीएम में कार्ड भूल आए हैं। इस बीच कोई भी उनके कार्ड का दुरुपयोग कर सकता है। लावारिस कार्ड को काली फिल्म के जरिए क्लोन करना बेहद अासान है। एसडी माहुरकर, फील्ड महाप्रबंधक, सेंट्रल बैंक, मप्र 

कार्डधारकों की वास्तविक बैंक शाखा का पता लगाना खासा मुश्किल
 हमारे कर्मचारियों को रोजाना एटीएम में इस तरह ग्राहकों के द्वारा छोड़े हुए कार्ड मिलते हैं। वे इन्हें एसबीआई की सुल्तानिया रोड स्थित ब्रांच में जमा करा देते हैं। उनके लिए भी कार्डधारकों की वास्तविक बैंक शाखा का पता लगाना खासा मुश्किल होता है। अनिल श्रीवास्तव, प्रबंधक, एफएसएस, मप्र

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