पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Mp
  • Bhopal
  • On Women's Day, Female Guest Made Mundan, Accused Congress Government Of Pretending To Honor Women

महिला दिवस पर ऐसी बेबसी; एक और महिला विद्वान ने कराया मुंडन, कहा- यदि हमारे साथ ऐसा ही बर्ताव करना था तो वचन क्यों दिया

एक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
महिला अतिथिविद्वान डॉ नीमा सिंह ने मुंडन कराती हुईं।
  • हालात इतने बदतर हो चुके है कि महिला दिवस के अवसर पर एक महिला अतिथिविद्वान डॉ नीमा सिंह ने मुंडन कराया

भोपाल। अतिथि विद्वान नियमितीकरण की मांग को लेकर शाहजहांनी पार्क में 10 दिसंबर से धरना दे रहे हैं। रविवार को धरनास्थल पर मौजूद हर व्यक्ति की आखें नम थीं। दरअसल, विश्व महिला दिवस के अवसर पर उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले शा. महाविद्यालय उमरिया पान कटनी की महिला अतिथि विद्वान डॉ. नीमा सिंह ने मुंडन कराकर विरोध दर्ज कराया।

डॉ. सिंह कॉलेजों में अतिथि विद्वान के तौर पर पिछले 10 साल से इकोनॉमिक्स पढ़ा रही हैं। उनका कहना है कि एक ओर जहां देश-दुनिया में महिला दिवस पर महिलाओं के सम्मान में विभिन्न कार्यक्रम हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर हमें अपने हक के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। शासन की शोषणकारी नीति के खिलाफ महिला होकर भी मुंडन कराना पड़ रहा है। इसके बाद भी सरकार ने अभी तक नियमितीकरण के लिए कोई पहल नहीं की है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि उनके साथ वर्तमान सरकार को यही बर्ताव करना था तो नियमित करने का वचन किया ही क्यों।


डॉ. सिंह ने बताया कि 2006 में पीएचडी की थी, लेकिन उस समय भर्ती नहीं निकली। इस बार एमपी-पीएससी की परीक्षा में शामिल होकर क्वालिफाइंग मार्क्स प्राप्त किए, लेकिन मेरिट में स्थान नहीं प्राप्त नहीं कर सके। आरक्षण सहित इसके कई कारण हैं। उच्च शिक्षा विभाग ने अतिथि विद्वानों से सालों काम कराया। लंबा अनुभव होने के बाद भी बाहर कर दिया। उन्होंने बताया कि कॉलेजों की हकीकत यही है कि पीएससी से चयनित नियमित असिस्टेंट प्रोफेसर्स की भी अतिथि विद्वान ही मदद कर रहे हैं। पिछले 26 सालों में भर्ती नहीं हुई तो उम्र के एेसे पड़ाव पर पहुंच गए वहां प्रतियोगिता में शामिल होना कठिन है।

अतिथि शिक्षकों ने निकाली अर्थी
इधर, स्कूलों के अतिथि शिक्षकों द्वारा 28 दिसंबर से सत्याग्रह किया जा रहा है। रविवार को उन्होंने सरकार की अर्थी निकाल कर विरोध दर्ज कराया। अतिथि शिक्षक समन्वयक समिति के संस्थापक पीडी खेरवार ने कहा कि जब तक अतिथि शिक्षकों के हित में निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका यह सत्याग्रह जारी रहेगा।

कई महिला अतिथिविद्वान करवा चुकी है अपना मुंडन
अतिथिविद्वान नियमितीकरण संघर्ष मोर्चा के संयोजक डॉ सुरजीत भदौरिया के अनुसार महिला मुंडन की घटना कोई नई नही है। पूर्व में भी हमारी बहनों ने अपने केशत्याग करके सरकार की संवेदनहीनता का मातम मनाया था। डॉ शाहीन खान एवं डॉ लक्सरी दास ने सरकार की अतिथिविद्वान विरोधी नीतियों से आहत होकर अपने केशत्याग दिए थे। जबकि महिला दिवस के अवसर पर कार्यरत अतिथिविद्वान अर्थशास्त्र डॉ नीमा सिंह ने अपने केशत्याग करके सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया है।

अगला मुंडन राजधानी दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के सामने होगा
अतिथिविद्वान नियमितीकरण  संघर्ष मोर्चा के मीडिया प्रभारी डॉ आशीष पांडेय के अनुसार अतिथिविद्वानों ने अब तक गाँधीवादी तरीके से शांतिपूर्वक अपनी मांगे सरकार के समक्ष रखी है। यहां तक कि महिला साथियों ने सरकारी नीतियों से तंग आकर व नियमितीकरण में हो रहे अनावश्यक विलंब के कारण अपने केश तक त्याग दिए। किन्तु सरकार इतनी निष्ठुर हो चुकी है कि तानाशाही पूर्वक अतिथिविद्वानों की मांगों को लगातार नज़रअंदाज़ किया जा रहा है। महिला अतिथि विद्वानों ने आज आह्वाहन किया है कि यदि सरकार ने वचनपत्र अनुसार हमारा नियमितीकरण का वादा नही निभाया तो हम दिल्ली को ओर कूच करेंगे व अपने आंदोलन को विस्तृत करते हुए अगला मुंडन दिल्ली में कांग्रेस पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी के सम्मुख  किया जाएगा।

खबरें और भी हैं...