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व्यापमं महाघोटाला : 5 माह से फरार पीपुल्स के विजयवर्गीय सरेंडर के लिए स्ट्रेचर पर पहुंचे कोर्ट

इससे पहले विजयवर्गीय की ओर से कोर्ट में सरेंडर करने की अर्जी लगाई गई थी, जिसमें उन्हें गंभीर रूप से बीमार बताया गया था।

Dainik Bhaskar

May 01, 2018, 11:53 PM IST
Peoples Group Medical Collage Chairman Suresh Vijayvargiya Surrendered In Vyapam Scam

भोपाल. व्यापमं महाघोटाले की पीएमटी-2012 में गड़बड़ी मामले के आरोपी पीपुल्स मेडिकल काॅलेज के चेयरमैन सुरेश एन. विजयवर्गीय मंगलवार को सरेंडर के लिए स्ट्रेचर पर सीबीआई कोर्ट में पहुंचे। कोर्ट में स्ट्रेचर पर सरेंडर कर दिया। सीबीआई जज बीपी पांडे ने विजयवर्गीय को 15 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। इससे पहले विजयवर्गीय की ओर से कोर्ट में सरेंडर करने की अर्जी लगाई गई थी, जिसमें उन्हें गंभीर रूप से बीमार बताया गया था। साथ ही इलाज भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में चलने की जानकारी दी गई थी।

अस्पताल से हिरासत में लेने की अर्जी को नकारा
सीबीआई के वकील सतीश दिनकर ने बताया कि आरोपी की ओर से कोर्ट में धारा 44 के तहत सरेंडर करने का जो आवेदन पेश किया था, उसे अदालत ने विधि अनुसार नहीं हाेने के कारण अमान्य कर दिया। आवेदन में मांग की गई थी कि उन्हें अस्पताल से ही न्यायिक हिरासत में लिया जाए। इस पर सीबीआई के विशेष लाेक अभियोजक सतीश दिनकर ने आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा था कि जब तक आरोपी स्वयं कोर्ट में हाजिर नहीं होता है, तब उसका सरेंडर नहीं माना जाए। कोर्ट ने सीबीआई की ओर से पैरवी कर रहे दिनकर की दलील को मानते हुए आरोपी के वकील को विजयवर्गीय को अदालत में पेश करने को कहा था।

ईसीजी और ईको की रिपोर्ट नार्मल आई
बीएमएचआरसी के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. विवेक त्रिपाठी ने बताया कि सोमवार देर रात सुरेश विजयवर्गीय सीने में दर्द की शिकायत लेकर भर्ती हुए थे। उन्हें सीसीयू में रखा था। यहां उनकी ईसीजी अौर ईको जांच की गई। दोनों ही रिपोर्ट नार्मल आई थी। लेकिन वह लगातार सीने में दर्द की शिकायत कर रहे थे। मंगलवार को दोपहर बाद वह खुद की मर्जी से अस्पताल से चले गए, उस समय उनकी सेहत स्थिर थी।

सीबीआई कोर्ट की सुनवाई दोपहर 3:15 बजे
इधर सीबीआई जज ने आरोपी के वकील को कहा कि आप आरोपी को सरेंडर करे इसके बाद ही सुनवाई की जायेगी। यह खबर विजयवर्गीय के परिजनों को मिली तो उन्होंने पीपुल्स अस्पताल की एंबुलेंस में स्ट्रेचर पर आक्सीजन सपोर्ट पर लेकर कोर्ट रवाना हो गये। परिजन इतनी जल्दी में थे कि उन्होंने मरीज को अस्पताल से डिस्चार्ज कराना भी मुनासिब नहीं समझा। वे बिना डाक्टर से अनुमति लिये मरीज को लेकर कोर्ट पहुंच गये। सीबीआई को भी इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी मिल चुकी थी। अभियुक्त के परिजनों को आशंका थी कि कहीं सीबीआई अस्पताल न पहुंच जाये।

एंबुलेंस पर एक दर्जन से ज्यादा लोग तैनात थे
पीपुल्स मेडिकल कालेज की जो एम्बुलेंस सुरेश विजयवर्गीय को लेकर अदालत पहुंची थी उसमें दो डाक्टरों के साथ एक दर्जन से ज्यादा लोग मौजूद थे। अदालत के पिछले प्रवेश द्वार से एंबुलेंस कोर्ट परिसर में पहुंची और इसके बाद गेट नंबर 7 से स्ट्रेचर पर लेकर आरोपी को कोर्ट रूम तक पहुंच गये। इस दौरान विजयवर्गीय के दामाद मयंक विश्नोई सहित परिजन कोर्ट रूम के बाहर बैठे रहे।

अदालत के आदेश की अनदेखी कर पीपुल्स की एंबुलेंस से जेल ले गये आरोपी को
न्यायाधीश भागवत प्रसाद पांडे ने सुरेश विजयवर्गीय को हिरासत में लेकर जेल भेजने के आदेश दिये। अदालत ने लिखा कि आरोपी को विधि अनुसार आवश्यक उपचार कराया जाये। अदालत के जेल भेजने के आदेश के बाद जेल पुलिस अदालत पहुंची लेकिन तब तक आरोपी के साथ लाेगों ने न्यायालय के आदेश की अनदेखी करते हुए उन्हें वापस एंबुलेंस में ले गये, उस समय तक जेल स्टॉफ को जेल वारंट भी नहीं मिला था। इसके बाद कोर्ट मुंशी ने जाकर एंबुलेंस के पास मौजूद लोगों से कहा कि कोर्ट बुला रहीं है। इसके बाद आरोपी के साथ आये कुछ लोग कोर्ट रूम में आकर बाबू से बहस करने लगे। बाबू का कहना था कि प्राइवेट गाड़ी से जेल ले जाने के संबंध में कोई आदेश नहीं हुआ है। इसके करीब एक घंटे तक चले नाटकीय घटनाक्रम के बाद एंबुलेंस में एक पुलिस सिपाही को बिठाकर आरोपी को केंद्रीय जेल रवाना कर दिया गया।

सोमवार रात 10:25 बजे सीने में दर्द की शिकायत पर बीएमएचआरसी में हुए भर्ती
पांच माह से फरार चल रहे विजयवर्गीय सोमवार रात 10:25 बजे सीने में दर्द होने की शिकायत लेकर भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर पहुंचे। संस्थान के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. विवेक त्रिपाठी ने मेडिकल जांच के बाद उन्हें सीसीयू में भर्ती कर दिया।

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