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जीएमसी में बैठक के बाद निकले डॉक्टरों को पुलिस ने जबरन रोका; धरने पर बैठे डॉक्टर

एक वर्ष पहले
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भोपाल में डॉक्टरों की रैली को रोकने के लिए पुलिस ने दिखाई सख्ती।
  • मेडिकल कॉलेज के गेट पर धरने पर बैठे डॉक्टर, कहा- पुलिस ने हमें कैद कर लिया है
  • प्रमुख सचिव शिवशेखर शुक्ला ने कहा था प्रदेश में एस्मा लागू है, सभी संभागायुक्तों को लिखा था पत्र

भोपाल. प्रदेश के 13 मेडिकल कॉलेज के दो हजार से ज्यादा डॉक्टर्स भोपाल पहुंचे हैं, जहां पुलिस ने उन्हें रैली शुरू होने से पहले ही गांधी मेडिकल कॉलेज के बाहर रोक दिया है। इस दौरान डॉक्टरों और पुलिस के बीच धक्कामुक्की भी हुई। डॉक्टर जीएमसी के गेट पर धरने पर बैठ गए हैं। उनका कहना है कि हमें कुछ नहीं चाहिए, अब हमें सीएम से मिलना है। 
 
डॉक्टरों की योजना के मुताबिक, 14 सूत्रीय मांगों के समर्थन में प्रदेशभर के दो हजार से ज्यादा मेडिकल टीचर्स मंगलवार को इकबाल मैदान पर इकट्‌ठे होने थे, इसके बाद वहां से मुख्यमंत्री निवास तक रैली निकालनी थी, लेकिन पुलिस और प्रशासन ने डॉक्टरों को ऐसा करने से रोक दिया। 
 
असल में, प्रदेश भर से आए डॉक्टर गांधी मेडिकल कॉलेज के ऑडिटोरियम में जुटे और बैठक की। इसके बाद डॉक्टरों ने रैली निकाली, लेकिन पहले से मौजूद डीआइजी इरशाद वली और कलेक्टर तरुण पिथौड़े के निर्देश पर पुलिस ने डॉक्टरों को जीएमसी के बाहर ही रोक दिया। इस दौरान डॉक्टर प्रदर्शन करने और उग्र हो गए, इससे पुलिस और डॉक्टरों के बीच धक्कामुक्की भी हुई। इस दौरान एक महिला डॉक्टर दब गईं और मामूली चोंटे आई हैं। पुलिस ने वाटर कैनन मंगाए हैं और डॉक्टरों अब निकलने नहीं दिया जा रहा है।
 

धरने पर बैठे डॉक्टर, बोले- कुछ नहीं चाहिए 
डॉक्टरों ने कहा कि पुलिस हमें हमारे अस्पताल से नहीं निकलने दे रही है। कुछ डॉक्टर पुलिस को चकमा देकर बाहर निकले, लेकिन पुलिस उन्हें रोकने के लिए मेन गेट पर बैरियर लगा दिया। इसके बाद डॉक्टर्स गांधी मेडिकल कालेज के बाहर धरने पर बैठ गए। डॉक्टरों ने कहा कि सरकार अस्पताल बन्द कराना चाहती है। लाठी-डंडे गोली से आंदोलन दबने वाला नहीं है। सरकार हमें एस्मा का डर न दिखाए। हमें 18 घंटे खड़े रहकर सर्जरी करने की आदत है। हम हटेंगे नहीं। अब हमें कुछ नहीं चाहिए। बस सीएम कमलनाथ से मुलाकात हो। 
 

प्रमुख सचिव ने कहा था एस्मा लागू है 
चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव शिवशेखर शुक्ला ने हिदायत दी है कि 24 जुलाई से प्रदेश में एस्मा लागू है। ऐसे में डॉक्टर्स भोपाल में एकत्रित होते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए सभी 13 जिलों के संभागायुक्त को पत्र लिख दिया गया है। इसमें डॉक्टर्स के खिलाफ जुर्माना लगाने और जेल भेजने तक का प्रावधान है। 
 
मेडिकल डॉक्टर्स एसोसिएशन को रैली की अनुमति सोमवार सुबह सिटी एसडीएम राजेश श्रीवास्तव ने दी थी, लेकिन शाम को इसे कैंसिल कर दिया गया। इधर एसोसिएशन की सेंट्रल कमेटी के अध्यक्ष डॉ सुनील अग्रवाल का कहना है कि मांगें नहीं मानी गई तो डॉक्टर 30 सितंबर को सामूहिक इस्तीफा देंगे।

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