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मध्यप्रदेश / इक्का-दुक्का को छोड़ बाकी ब्यूरोक्रेट्स बेटिकट

Dainik Bhaskar

Nov 11, 2018, 03:05 AM IST


Political parties did not  given more ticket burocrate  in election
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Political parties did not  given more ticket burocrate  in election

  • सपाक्स ने भी नहीं दी तवज्जो, कांग्रेस में भी अनदेखी; करीब एक दर्जन अधिकारी विभिन्न दलों से जुड़े

राहुल शर्मा, भोपाल . प्रदेश में राजनीतिक दलों ने विधानसभा चुनाव में ब्यूरोक्रेट्स पर ज्यादा भरोसा नहीं जताया। भाजपा-कांग्रेस की तो बात छोड़ दें, सपाक्स ने भी इक्का-दुक्का अधिकारियों को ही टिकट दिए। इस पार्टी में बड़ी संख्या में सेवानिवृत्त अधिकारी शामिल हैं।

 

पिछले कुछ समय में करीब एक दर्जन अफसरों ने राजनीतिक दलों का दामन थामा। इनमें से बर्खास्त आईएएस शशि कर्णावत,  सेवानिवृत्त आईएएस अजीता वाजपेयी पांडे, डीएस राय, वीके बाथम, अखिलेंदु अरजरिया, एमएस भिलाला आदि कांग्रेस में शामिल हुए। लेकिन, इनमें से किसी को भी टिकट नहीं मिला। 

 

सपाक्स में रिटायर्ड अधिकारी ज्यादा, दो-चार को ही दिया टिकट : सपाक्स रिटायर्ड अधिकारियों की पार्टी मानी जाती है। इसके मुखिया हीरालाल त्रिवेदी और उपाध्यक्ष वीणा घाणेकर पूर्व आईएएस हैं। रिटायर्ड अाईपीएस विजय वाते उपाध्यक्ष हैं। इनमें से कोई भी चुनाव मैदान में नहीं है।

पशुपालन विभाग की नौकरी छोड़ देने वाले डॉ. केएस तोमर के भी दिमनी से चुनाव लड़ने के कयास थे, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। हालांकि भोपाल की दक्षिण पश्चिम सीट से स्वास्थ्य विभाग के पूर्व संचालक डॉ. कांतिलाल साहू और रिटा. ज्वाइंट कलेक्टर पीके मंजुरे और कर्नल केशरी सिंह को नरेला से टिकट मिला है।

 

ये अधिकारी सियासी दलों से जुड़े : भाजपा ने भी किसी रिटायर्ड अधिकारी को प्रत्याशी नहीं बनाया। मुख्यमंत्री के ओएसडी रहे आईएएस एसएन रूपला के बारे में चर्चा थी कि उन्हें भाजपा सुसनेर से टिकट दे सकती है लेकिन यहां से फिर से मुरलीधर पाटीदार को मैदान में उतार दिया।

 

श्योपुर से निर्दलीय प्रत्याशी बने सोलंकी  : रिटा. आईएएस और पूर्व कलेक्टर पन्नालाल सोलंकी भाजपा से टिकट की जुगाड़ में थे। वे श्योपुर से दावेदारी कर रहे थे। लेकिन उन्हें तवज्जो नहीं मिली। उन्होने निर्दलीय पर्चा भर दिया। सोलंकी को कुपोषण के मामले में श्याेपुर कलेक्टर पद से हटाया था।

 

 

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