मप्र / 50 साल बाद जेल के कैदियों की ड्रेस में होगा बदलाव



Prison inmates will change in dress after 50 years
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Prison inmates will change in dress after 50 years

  • प्रदेश की जेलों में अभी भी चल रहे हैं ब्रिटिश शासनकाल में बनाए गए कई नियम

Dainik Bhaskar

Aug 19, 2019, 02:59 AM IST

भोपाल . जल्द ही प्रदेश की जेलों में बंद कैदियों को अंग्रेजों के जमाने से चले आ रहे नियमों से मुक्ति मिलने वाली है। कैदियों की ड्रेस तो बदलेगी ही साथ ही उनके बिस्तर का साइज भी बड़ा होगा। प्रदेशभर में स्थापित जेलों में भौगोलिक स्थिति के हिसाब से ड्रेस तय की जाएगी। सरकार ने इसके लिए एक कमेटी बनाई है।

 

कमेटी को सितंबर के पहले सप्ताह में अपनी रिपोर्ट देनी है। इसके बाद जल्द ही इस पर अमल किए जाने की संभावना है। प्रदेश सहित पूरे देश की जेलों में ब्रिटिश शासनकाल में बनाए गए कई नियम अभी भी चल रहे हैं। प्रदेश सरकार द्वारा 1968 में जेल मैनुअल तैयार किया गया था। कैदियों के पहनावे और बिस्तर में यह बदलाव पांच दशक बाद किया जा रहा है।

 

बिस्तर... दो फीट चौड़ी दरी को और आधा फीट तक चौड़ा किया जाएगा

 

कैदियों को मिल रहीं ये सुविधाएं : मौजूदा वक्त में जेल मैनुअल के तहत सजायाफ्ता कैदियों को साल में दो जोड़ी कपड़े दिए जाते हैं। दस साल से ज्यादा सजा वाले कैदियों को काला कुर्ता दिया जाता है। जेल में कपड़े सुखाने की कोई व्यवस्था नहीं होने से गीले कपड़ों के कारण कई बार कैदी बीमार हो जाते हैं। कैदियों को सोने के लिए मात्र दो फीट चौड़ी और छह फीट लंबी एक दरी, दो चादर और तीन कंबल दिए जाते हैं। ठंड से बचने के लिए कैदियों को एक हाफ जैकेट मिलती है। खाने के लिए एक थाली, कटोरी और चम्मच दी जाती है।

 

पावर लूम से बनाए जाएंगे कपड़े : कैदियों को पहले हेंडलूम के कपड़े दिए जाते थे। 1980 में पावर लूम के कपड़े दिए जाने लगे। अभी उज्जैन, भोपाल, सतना, सागर आदि जेलों में कैदियों को नए पावर लूम के कपड़े दिए जा रहे हैं। इन सेमी आटोमैटिक पावर लूम से तैयार होने वाले कपड़ों की क्वालिटी बेहतर है। इनमें एक ही प्रकार का धागा इस्तेमाल किया जाता है। नए पावर लूम के कपड़े पतले और आरामदायक होते हैं। दो फीट चौड़ी दरी को आधा फीट तक और चौड़ा किया जाएगा। इसके अलावा कंबल भी नए पावर लूम से आरामदायक और नरम बनाए जाएंगे।

 

अस्पताल में कैदियों की अलग ड्रेस... जेल अस्पताल में भर्ती कैदियों को अलग ड्रेस दी जाएगी। महिला बंदियों की ड्रेस में भी बदलाव होगा। भौगोलिक स्थिति के हिसाब से ड्रेस तय की जा रही है।

 

कैदियों की ड्रेस और बिस्तर में होगा सुधार : अभी तक कैदी सूती कुर्ता-पायजामा और सिर पर टोपी लगाए नजर आते हैं। कैदी जो कपड़े पहनते हैं वो काफी मोटे होते हैं। कमेटी उनके कपड़ों का रंग और क्वालिटी में भी सुधार करेगी। इतना ही नहीं कैदियों का बिस्तर भी काफी छोटा है। उन्हें बेहतर बिस्तर मुहैया कराने पर विचार चल रहा है। इस वक्त कैदियों को 2 बाय 6 की एक टाट पट्टी सोने के लिए मिलती है। इसे अब बड़ा किया जाएगा। - संजय चौधरी, जेल महानिदेशक

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