भोपाल

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बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहे मदरसों को किया जाए बंद, मप्र बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सिफारिश

आयोग ने भोपाल सहित प्रदेश में बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहे मदरसों की बंद करने की सिफारिश की है।

Dainik Bhaskar

May 03, 2018, 02:00 AM IST
Report of Madhya Pradesh Child Rights Protection Commission on Madarsas

भोपाल. शहर में कई मदरसे बिना मान्यता लिए संचालित हो रहे हैं। न तो स्कूल शिक्षा से अनुमति ली गई अौर न ही मदरसा बोर्ड से। यही नहीं कई आवासीय मदरसे जेजे एक्ट का उल्लंघन करते पाए गए हैं। यह खुलासा हुआ है मप्र बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा किए गए मदरसों के औचक निरीक्षण में। आयोग ने भोपाल सहित प्रदेश में बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहे मदरसों की बंद करने की सिफारिश की है।


बाल आयोग के अध्यक्ष राघवेंद्र शर्मा ने बताया कि आयोग ने भोपाल सहित प्रदेश के कई मदरसों का निरीक्षण किया था, जिसमें भोपाल में पांच नंबर स्थित मदरसा सिद्दिकिया रियाजुल उलूम, अनवरूला उलूम समिति द्वारा संचालित मदरसा, श्याम नगर में मदरसा अनवरुल कुआर्न और नारियल खेड़ा स्थित जामिया शरिफिया लिल मोहसनात मदरसे का निरीक्षण किया गया। ये बिना मान्यता के चलते पाए गए। आयोग ने इस मामले में शासन से सिफारिश की है कि जो मदरसे बिना पंजीयन चल रहे हैं उन्हें बंद कर दिया जाए। आयोग का कहना है कि आवासीय मदरसों को जेजे एक्ट के तहत महिला सशक्तिकरण संचालनालय से मान्यता लेना होगी। धर्म की शिक्षा देने वाली संस्थाओं को करना होगा जेजे एक्ट का पालन करना होगा।

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Report of Madhya Pradesh Child Rights Protection Commission on Madarsas
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