--Advertisement--

शहर का ट्रैफिक कंट्रोल करेगा आईटीएमएस, एंबुलेंस फंसी तो रेड सिग्नल को ग्रीन कर देगा ये सिस्टम

आईटीएमएस के जरिए सिर्फ चालानी कार्रवाई ही नहीं, अब ट्रैफिक भी मैनेज होगा।

Danik Bhaskar | Jul 02, 2018, 07:45 AM IST
गोविंदपुरा में आईटीएमएस का कं गोविंदपुरा में आईटीएमएस का कं

भोपाल. यदि किसी चौराहे पर रेड सिग्नल है और कोई एंबुलेंस ट्रैफिक में फंसी है तो इंटिग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) के तहत स्क्रीन पर देखकर सिग्नल को ग्रीन कर दिया जाएगा। ताकि मरीज को समय पर इलाज मिल सके। इसके अलावा ग्रीन कॉरिडोर बनाने और वीआईपी मूवमेंट में ट्रैफिक को आईटीएमएस के जरिए कंट्रोल किया जा सकेगा। इससे सिग्नल्स का सिंक्रोनाइजेशन आसान होगा। दरअसल, आईटीएमएस के जरिए अब कुछ ही दिनों में शहर का ट्रैफिक कंट्रोल किया जाएगा। अभी राजधानी के चौराहों पर लगे सिग्नल्स पहले से सेट की गई टाइमिंग के आधार पर संचालित होते हैं। इसमें कई बार ऐसी स्थिति बनती है कि सड़क पर ट्रैफिक न होने पर भी सिग्नल रेड रहता है और कई बार स्थिति इसके विपरीत होती है। इसे ठीक करने ट्रैफिक एक्चुएटेड सिग्नल्स लगाए जाएंगे।

ये फायदे होंगे-

ट्रैफिक डायवर्जन:.कंट्रोल रूम से होने वाले अनाउंसमेंट का उपयोग ट्रैफिक डायवर्जन को लागू करने के लिए भी किया जाएगा।
ग्रीन कॉरिडोर: दान किया गया ऑर्गन या मरीज को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने के लिए ट्रैफिक को आईटीएमएस के जरिए ही कंट्रोल किया जा सकेगा।
वीआईपी मूवमेंट: शहर में वीआईपी मूवमेंट के समय कारकेड के लिए भी आईटीएमएस का उपयोग किया जा सकेगा।

गोविंदपुरा में आईटीएमएस का कंट्रोल रूम

यहां से शहर के 27 स्थानों के ट्रैफिक पर नजर रखी जाती है। स्क्रीन पर यदि कोई वाहन चालक ट्रैफिक तोड़ता है तो यहां बैठे ऑपरेटर उसे अनाउंसमेंट कर चेतावनी देतेे हैं। इसके बाद भी यदि रूल्स तोड़े जाते हैं तो चालानी कार्रवाई होती है।

ऑफिस से सिग्नल कंट्रोलिंग
स्मार्ट सिटी चीफ इंजीनियर रामजी अवस्थी के मुताबिक, अगले चरण में सिग्नल्स का कंट्रोल आईटीएमएस के जरिए करने की प्लानिंग कर रहे हैं। इसके बाद ट्रैफिक का मैनेजमेंट और आसान हो जाएगा।