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यौन शोषण / आश्रम की 13 बच्चियां और बोलीं- शाम 6 बजे के बाद छत पर ले जाकर करते थे गलत हरकत



संचालक एमपी अवस्थी-  हॉस्टल में रहता था और बच्चियों से गलत हरकत करता था। संचालक एमपी अवस्थी- हॉस्टल में रहता था और बच्चियों से गलत हरकत करता था।
आया  मीता मिश्रा-  हॉस्टल में रहकर बच्चियों से मारपीट करती थी। आया मीता मिश्रा- हॉस्टल में रहकर बच्चियों से मारपीट करती थी।
अाया का पति-  विजय मिश्रा हॉस्टल में ही रहता था। बच्चियों से गलत हरकत करता था। अाया का पति- विजय मिश्रा हॉस्टल में ही रहता था। बच्चियों से गलत हरकत करता था।
शिक्षक राकेश चौधरी- मीता का मुंहबोला भाई। बैरागढ़ के शास. स्कूल में शिक्षक है। शिक्षक राकेश चौधरी- मीता का मुंहबोला भाई। बैरागढ़ के शास. स्कूल में शिक्षक है।
  • सामाजिक न्याय विभाग की टीम ने जांच के बाद दर्ज कराई एफआईआर
  • बैरागढ़ कलां स्थित साईं विकलांग आश्रम व छात्रावास का मामला
Danik Bhaskar | Sep 16, 2018, 04:59 AM IST

भोपाल.  बैरागढ़ कलां स्थित साईं विकलांग अनाथ छात्रावास में रहने वाली 13 और नाबालिग छात्राओं ने हॉस्टल संचालक समेत तीन लोगों पर यौन शोषण के आरोप लगाए हैं। शुक्रवार को छात्रावास पहुंची सामाजिक न्याय विभाग की जांच टीम के सामने डरी-सहमी नाबालिगों ने इशारों में आपबीती बताई। बच्चियों को शाम छह बजे के बाद हाॅस्टल की छत पर ले जाया जाता था और ज्यादती की जाती थी। विरोध करने पर बाथरूम में बंद करके पीटते थे। 


इससे पहले शुक्रवार को 6 मूक-बधिरों ने आश्रम संचालक के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। सामाजिक न्याय विभाग की ओर से जांच दल ने बच्चियों से साइन लैंग्वेज जानने वाली शिक्षिका से बयान दिलवाए। इसके बाद संयुक्त संचालक सामजिकजन एवं निशक्त जनकल्याण मनोज तिवारी ने छेड़छाड़ और पॉक्सो एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज कराया है। पुलिस ने अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 

बयानों की वीडियो रिकॉर्डिंग

  1. बच्चाें को बंद कर हॉस्टल में लगाया ताला

    भास्कर टीम मौके पर पहुंची तो बच्चों को अंदर बंद कर ताला लगा दिया गया। मामला दर्ज होने के बाद सामाजिक न्याय विभाग के अधिकारी हॉस्टल में आए और यहां रहने वाले सभी बच्चों की लिस्ट बनाकर ले गए।

  2. दर्ज कराए बयान

    एएसपी जोन 4 नीरज सोनी ने बताया कि टीटी नगर थाने में शून्य पर मामला दर्ज कराने के बाद पीड़ितों ने शनिवार शाम खजूरी थाने में अपने बयान दर्ज कराए।

  3. सामाजिक न्याय विभाग की टीम के सामने बच्चियों के गंभीर आरोप

    सामाजिक न्याय विभाग की टीम ने बच्चियों से दो घंटे बातचीत कर रिपोर्ट तैयार की। इनमें उप संचालक विमला राय, संयुक्त संचालक रजनी शुक्ला और अधिकारी प्रभा सोमवंशी शामिल थीं।

    हॉस्टल में 42 लड़के और 58 लड़कियां हैं। इसमें से 13 बच्चियों ने अवस्थी, उसके भाई और आया मीता के पति के खिलाफ छेड़छाड़ और यौन शोषण की बात कही है। उनके आरोप हैं कि उनसे छेड़छाड़ की जाती है। झाड़ू-पोंछा कराया जाता है। कई बच्चियों के साथ ज्यादती की गई। वह कमरे में बुलाकर पैर दबवाते हैं। गलत जगह छूते हैं। शाम 6 बजे कर्मचारियों के जाने के बाद एक-एक छात्रा को छत पर ले जाते हैं। विरोध करने पर बाथरूम में बंद कर पीटते हैं।

    14 वर्षीय नाबालिग ने बताया कि अवस्थी सर, उसके भाई और मीता के पति उनके साथ ज्यादती करते थे। कक्षा छठवीं में पढ़ने वाली 15 वर्षीय नाबालिग का कहना था कि उसके साथ दो लोगों अवस्थी और महिला कर्मचारी के पति ने शारीरिक शोषण किया।

    - सभी बच्चियों को एक लाइन में निर्वस्त्र खड़ा कर मीता का पति पानी के पाइप से नहलाता था। उस दौरान अवस्थी सर बैठकर हमें देखते थे।

  4. छेड़छाड़ और पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज कराई एफआईआर

    विभाग की टीम को बच्चियों ने यौन शोषण की बात बताई थी। रिपोर्ट के आधार पर मैंने संयुक्त संचालक मनोज तिवारी को खजूरी थाने में छेड़छाड़ और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कराने के निर्देश दिए थे। एफआईआर भी दर्ज करा दी गई। -कृष्णगोपाल तिवारी, डायरेक्टर सामाजिक न्याय विभाग

  5. दो ज्वाइंट डायरेक्टर को नोटिस, तीसरे के निलंबन का प्रस्ताव

    आश्रम एवं छात्रावास की हर महीने सामाजिक न्याय विभाग के अफसरों द्वारा जांच की जाती थी। एक साल में 8 मर्तबा जांच की गई, लेकिन यौन शोषण का कोई मामला सामने नहीं आया। इसी महीने 1 सितंबर को भी हॉस्टल का निरीक्षण किया था। तब भी किसी स्टूडेंट ने कोई शिकायत नहीं की। ठीक 13 दिन बाद मूक-बधिर छात्राओं से रेप और छेड़खानी का आरोप संस्था प्रमुख पर लगने से हॉस्टल के निरीक्षणों की जांच रिपोर्ट पर सवाल उठने लगे हैं।

  6. निरीक्षण पर सवाल

    शुक्रवार को प्रमुख सचिव अशोक शाह के निर्देश पर जब हॉस्टल का दोबारा निरीक्षण कराया गया, तो सांई विकलांग आश्रम एवं छात्रावास में रह रही 16 स्टूडेंट्स ने यौन शोषण और प्रताड़ना की शिकायत की। इससे बीते एक साल में हॉस्टल की निरीक्षण रिपोर्ट की विश्वसनीयता संदेह के दायरे में अा गई है। इधर, डायरेक्टर सामाजिक न्याय विभाग कृष्ण गोपाल तिवारी ने बताया कि घटना के मामले में सीधे तौर पर जिम्मेदार ज्वाइंट डायरेक्टर मनोज तिवारी के निलंबन का प्रस्ताव शासन को भेजा है।