संदीप की शहादत / गोली लगने पर संदीप ने पत्नी को फोन पर कहा- चिंता मत करना, जल्दी बात करूंगा



Sandeep Yadav's body reached bhopal who martyred in Anantnag
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Sandeep Yadav's body reached bhopal who martyred in Anantnag

  • परिवार को यही मालूम है कि श्रीनगर में चल रहा इलाज
  • पिता को जानकारी न लगे, इसलिए उनके घर सुबह अखबार भी नहीं पहुंचने दिया पर भीड़ देख कर भांप गए

Dainik Bhaskar

Jun 14, 2019, 01:55 AM IST

सोनकच्छ (कुलदीप जाजू). जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में देश के लिए बुधवार को प्राण न्योछावर कर चुके देवास जिले के सीआरपीएफ जवान संदीप यादव की पत्नी ज्योति को गुरुवार रात तक तो यही मालूम था कि उनके पति का गोली लगने के बाद श्रीनगर के अस्पताल में इलाज चल रहा है। गोलीबारी में घायल हुए संदीप ने पत्नी ज्योति को फोन पर कहा कि गोली लगी है, चिंता मत करना, जल्दी बात करूंगा। बाद में जब भी पत्नी ने बात की तो उन्हें श्रीनगर के अस्पताल में भर्ती बताया गया। ज्योति अपने मायके सामगी गांव में हैं, जिन्हें गुरुवार को दिनभर कुलाला गांव में शहीद की अंत्येष्टि के लिए चली तैयारियों की जानकारी नहीं थी, उन्हें तो रात तक यही मालूम था कि संदीप श्रीनगर के अस्पताल में भर्ती हैं।

 

यह बात भास्कर को गांव के ही सेना से रिटायर्ड मनोहरलाल चौधरी ने बताई है। बुधवार रात तक पिता कांतिलाल यादव अपने रोजमर्रा की तरह काम कर रहे थे। रात में ग्रामीणों को सूचना मिल गई थी लेकिन उन्होंने पिता को पता नहीं चलने दिया। गुरुवार को गांव के लोगों ने उनके घर अखबार नहीं पहुंचने दिया। गांव के चौराहे पर लोग बैठे हुए थे। इस बात को पिता भांप गए व उन्होंने पेपर की मांग कर ली। तब उन्हें घटना के बारे में पता चला। मायके में शहीद की पत्नी को गुरुवार रात तक भी सूचना नहीं भेजी गई। 

 

गांव से 3 जवान सेना में, एक सीआईएसएफ व एक सीआरपीएफ में, पहली शहादत :
गांव के संतोष यादव, पोपसिंह यादव, रोहन मनोहर चौधरी सेना में जबकि सीआईएसएफ में जगदीश चौधरी, सीआरपीएफ में शेरसिंह यादव हैं। गांव का पहला जवान संदीप यादव शहीद हुआ है। मनोहरलाल चौधरी वर्तमान में सरकारी शिक्षक है। चौधरी सबसे पहले गांव में सेना में जाने वाले व्यक्ति हैं। इसके बाद हिमरत यादव, इमरत यादव व विष्णु चौधरी ने भारतीय सेना में अपनी सेवा दी व रिटायर्ड हुए हैं।

 

घटना के घंटेभर पहले दोस्त ने संदीप से की थी फोन पर बात :
संदीप अपने मित्र जितेंद्र यादव से अक्सर बात करते थे। जितेंद्र ने काफी दिनों से संदीप से बात नहीं की थी। जितेंद्र ने गांव के मोबाइल रिचार्ज की दुकान से रिचार्ज करवाकर संदीप को दोपहर 3 बजे फोन किया। संदीप ने फोन उठाया व उससे बात की। संदीप ने उसके हालचाल जाने व पूछा गांव में सब ठीकठाक है। 

 

सीआरपीएफ अधिकारी ने ली जानकारी :
भोपाल सीआरपीएफ के असिस्टेंट कमांडेंट जितेंद्र राय गांव पहुंचे। यहां वे शहीद संदीप के पिता से मिले। राय ने अंतिम संस्कार स्थल देखा। घर को बाहर से जाकर देखा व अंतिम यात्रा के रास्ते का निरीक्षण किया। सीआरपीएफ के नियमों के मुताबिक उन्होंने पिता से अंतिम संस्कार की विधि के बारे में जानकारी ली। स्थानीय प्रशासन द्वारा की जा रही व्यवस्था को भी देखा। राय उक्त जानकारी से अपने उच्चाधिकारियों को अवगत कराएंगे। उन्होंने भास्कर से चर्चा के दौरान इतना ही कहा कि हमारे नियमों के अनुरूप जानकारी ले रहे हैं। अंतिम यात्रा में डीआईजी शामिल होंगे अधिक जानकारी वे ही दे सकेंगे।

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