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मृत पिता को तंत्र-मंत्र के सहारे जिंदा करवा रहा था सीनियर IPS, ऑफिसर ने कहा- डॉक्टरों के डेड घोषित करने के दूसरे दिन पिताजी में लौट आए थे प्राण

Dainik Bhaskar

Feb 14, 2019, 07:15 PM IST

मृत पिता की देखरेख में लगा रखे थे 2 जवान, बदबू आने से दोनों बीमार

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भोपाल. मध्यप्रदेश के एक सीनियर IPS अफसर पर एक महीने से घर में पिता का शव रखने का आरोप लगा है। बताया जा रहा है कि आईपीएस राजेंद्र कुमार मिश्रा के पिता की एक महीने पहले ही मौत हो चुकी है। लेकिन उन्हें जिंदा करने के लिए वे तंत्र-मंत्र और झाड़-फूंक का सहारा लेते रहे। धीरे-धीरे शव के सड़ने से बदबू पूरे बंगले में फैल गई। जिससे वहां सिक्युरिटी में लगे दो एसएएफ के जवान भी बीमार हो गए। बता दें कि राजधानी के एक निजी अस्पताल ने आईपीएस को डेथ सर्टिफिकेट भी जारी कर दिया है।

जानकारी के मुताबिक, आईपीएस राजेंद्र मिश्रा पीएचक्यू में पदस्थ हैं। वे भोपाल में 74 बंगला स्थित डी-7 में रहते हैं। 13 जनवरी को उनके 84 वर्षीय पिता कालूमणि मिश्रा को गंभीर हालत में यहां के बंसल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। जहां दूसरे ही दिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। डेथ सर्टिफिकेट जारी कर शव परिजनों को सौंप दिया गया। जिसके बाद आईपीएस राजेंद्र पिता के शव को लेकर घर आ गए और अंतिम संस्कार की तैयारी करने लगे। तभी परिजनों को कालूमणि के शव में कुछ हरकत दिखाई दी। जिसके बाद आईपीएस ने शव वाहन को यह कहकर लौटा दिया कि उनके पिता के प्राण वापस लौट आए हैं।

लेकिन बदबू ने खोल दिए राज

मिश्रा के बंगले पर एसएएफ के दो जवान ड्यूटी पर लगाए गए थे। कालूमणि के शव से उठती बदबू के चलते जवान संक्रमण का शिकार होकर बीमार हो गए। इन दोनों जवानों ने ही अपने साथियों को बताया था कि बंगले पर नीम-हकीमों के साथ तांत्रिक भी झाड़-फूंक करने आ रहे हैं। अब दोनों जवान गायब हैं।

आईपीएस का दावा- जिंदा हैं पिता

पिता की लाश घर में रखने के सवाल पर आईपीएस राजेंद्र मिश्रा का कहना है कि 13 जनवरी को पिताजी बंसल हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। उन्हें लंग्स इनफेक्शन था। 14 जनवरी की शाम डॉक्टरों ने हाथ खड़े कर दिए। इसके बाद पिता को घर ले आए। पिता जीवित हैं, उनका आयुर्वेदिक उपचार चल रहा है। घर पर डॉक्टर उपचार करने आ रहे हैं। हालत बहुत सीरियस है, इसलिए वे उन्हें दिल्ली-मुंबई किसी बड़े हॉस्पिटल में ले जाने में असमर्थ हूं।

आईपीएस राजेंद्र कुमार मिश्रा 13 जनवरी को पिता को लेकर बंसल हॉस्पिटल आए थे। 14 जनवरी की शाम उनकी मौत हो गई। जिसका हमने डेथ सर्टिफिकेट भी जारी किया है। - लोकेश झा, प्रबंधक बंसल हॉस्पिटल

अस्पताल लाने के अगले दिन 14 जनवरी को कालूमनी मिश्रा की डेथ हो गई थी। उन्हें मल्टीपल कॉम्प्लीकेशन थे। उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था। - डॉक्टर, अश्वनी मल्होत्रा

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