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‘माफ करो महाराज’ पर पूर्व मुख्यमंत्री बोले- अब भाजपा में शिवराज और महाराज एक हैं

एक वर्ष पहले
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शिवराज सिंह चौहान ने सिंधिया की बुआ यशोधरा राजे सिंधिया के साथ भोपाल में प्रेस काॅन्फ्रेंस की।
  • शिवराज सिंह चौहान ने किया ज्योतिरादित्य का भाजपा में स्वागत
  • ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 10 मार्च को कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था
  • सिंधिया के बाद समर्थक 22 विधायकों ने भी इस्तीफा देकर जताई थी निष्ठा

भोपाल. शिवराज सिंह चौहान ने ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा में शामिल होने का स्वागत किया है। सिंधिया ने बुधवार को भारतीय जनता पार्टी ज्वाइन कर ली है। भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलवाई। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता शिवराज सिंह चौहान ने भी उनको भारतीय जनता पार्टी में आने की बधाई दी है। ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक उनको 'महाराज' कहकर बुलाते हैं। शिवराज सिंह ने भी उनको इस नाम से ही ट्वीट कर बधाई दी। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा, ''स्वागत है महाराज, साथ हैं शिवराज''। 


शिवराज ने कहा- सिंधिया युवा, ऊर्जावान और कल्पनाशील मस्तिष्क के धनी हैं। वे वैसी परंपरा से आते हैं, जिसने राजनीति को सेवा का माध्यम माना है। 2018 में उत्साह से उन्होंने कांग्रेस के लिए मध्यप्रदेश में काम किया था, लेकिन कांग्रेस ने जनता से किये वादे नहीं निभाए। सिंधिया के साथ ही उनके समर्थक पार्टी के 22 विधायकों ने विधायकों के इस्तीफे से राज्य की कमलनाथ सरकार पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं. ऐसी अटकले हैं कि सिंधिया को राज्यसभा का टिकट दिया जा सकता है और उन्हें केंद्रीय मंत्री बनाया जा सकता है. कांग्रेस ने पार्टी विरोधी गतिविधि के कारण पार्टी के महासचिव एवं पूर्ववर्ती ग्वालियर राजघराने के वंशज ज्योतिरादित्य सिंधिया को पार्टी से निष्कासित कर दिया था।

सिंधिया ने पत्र लिखकर कहा था- आगे बढ़ने का समय आ गया है: कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को 9 मार्च को लिखे इस्तीफा पत्र में सिंधिया ने कहा कि उनके लिए आगे बढ़ने का समय आ गया है, क्योंकि इस पार्टी में रहते हुए अब वह देश के लोगों की सेवा करने में अक्षम हैं। सिंधिया के पिता माधव राव सिंधिया ने भी अपने राजनीतिक जीवन की शुरूआत 1971 में जनसंघ के सांसद के रूप में की थी और बाद में वह कांग्रेस में शामिल हो गए थे।

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