मध्यप्रदेश / 24-25 अक्टूबर को वेतन देने के आदेश थे, लेकिन स्लो सर्वर ने अटका दी 1.30 लाख सरकारी कर्मचारियों की सैलरी

Slow server stuck salary of 1.30 lakh government employees
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Slow server stuck salary of 1.30 lakh government employees

  • शाम तक नियंत्रक माप तौल समेत कुछ विभागों में सैलरी बिल जनरेट हुए, शनिवार को बाकी के आने की उम्मीद

दैनिक भास्कर

Oct 26, 2019, 03:15 AM IST

भाेपाल. सरकारी आदेश के बावजूद प्रदेश के 1.30 लाख कर्मचारियों को धनतेरस पर अक्टूबर माह का वेतन नहीं मिल सका। क्योंकि, जिस आईएमएफएस सर्वर (इंटीग्रेडेट फाइनेंस मैनेजमेंट सिस्टम) के जरिए विभागों के कोषालयों में बिल जनरेट होते हैं, वह शुक्रवार दिनभर धीमा रहा। राज्य मंत्रालय में भी सिर्फ 50 फीसदी कर्मचारियों को ही वेतन मिल सका। विभागों के लेखापाल जब भी सर्वर पर विजिट करते तो वहां प्लीज वैट, याेर रिक्वेस्ट इज इन प्राेग्रेस, प्लीज डू नाॅट क्लिक अाॅन रीसेंड बटन आदि लिखा दिखता। शाम को जब सर्वर ने कुछ देर के लिए रफ्तार पकड़ी तो नापतौल समेत कुछ विभागों में बिल जनरेट हुए। ऐसे में शनिवार को बाकी 1.30 लाख कर्मचारियों का भी वेतन आने की संभावना है।


उल्लेखनीय है कि दीपावली को देखते हुए कर्मचारी संगठनों ने अक्टूबर का वेतन नवंबर के बजाय धनतेरस तक देने की मांग की थी। इस बाबत वे वित्त मंत्री से भी मिले थे। इसके बाद शासन ने 24-25 अक्टूबर को वेतन देने संबंधी जारी किए थे। 

 

 

कर्मचारी संगठन बोले- शाम तक किया इंतजार
राजपत्रित अधिकारी संघ के अध्यक्ष अशाेक शर्मा, तृतीय वर्ग संघ के अध्यक्ष अाेपी कटियार, स्टेनाेग्राफर्स संघ के उपाध्यक्ष अालाेक तिवारी ने बताया कि शाम तक इंतजार के बाद भी ज्यादातर जगह सैलरी तैयार नहीं हाे सकी। शिक्षक कांग्रेस के महासचिव सुभाष सक्सेना ने बताया कि प्रदेश भर के अध्यापकाें काे वेतन नहीं मिला। उज्जैन, हाेशंगाबाद, धार, झाबुअा, बैतूल सहित कई जिलाें में भी सैलरी नहीं मिली। मंत्रालयीन कर्मचारी संघ के कार्यकारी अध्यक्ष अारके पटेल का कहना है कि मंत्रालय में 50 फीसदी अधिकारियाेंं- कर्मचारियाें काे ही सैलरी मिली है।

 

ये भी वजह : बिल जनरेट होने में लगते हैं 3 दिन

सरकारी आदेश आने के बाद विभाग वेतन तैयार करने में जुट गए थे, लेकिन बिल जनरेट करने संबंधी पूरी प्रक्रिया में कम से कम तीन दिन का वक्त लगता है। यदि दफ्तर के किसी एक कर्मचारी के विवरण में जरा सी भी गलती हुई ताे उसे सुधारने में वक्त लग जाता है।

 

शासन ने कहा- 2.90 लाख को मिला वेतन  
देरशाम तक जब कई विभागों में वेतन नहीं बंटा तो शासन ने भी संचालनालय कोष एवं लेखा के सेंट्रल सर्वर के धीमी गति से कार्य करने की बात मानी। कहा गया कि वेतन भुगतान के लिए कम समय होने के कारण सर्वर की गति धीमी हुई। इससे 80 फीसदी से अधिक कर्मचारियों को ही वेतन मिल सका। बाकी 1.30 लाख कर्मचारियों को वेतन भुगतान की प्रक्रिया जारी है। इसकी मॉनिटरिंग के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। पेंशनरों को बैंकों द्वारा पेंशन का भुगतान किया जा रहा है।

 

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