क्राइम / तस्करी कर मुंबई से ला रहे थे 23 किलो चांदी, दो गिरफ्तार

कारगो कुरियर कंपनी की आड़ में सोने-चांदी की तस्करी करने वाले दो गुर्गे चैकिंग के दौरान गोविंदपुरा पुलिस के हत्थे चढ़ गए। कारगो कुरियर कंपनी की आड़ में सोने-चांदी की तस्करी करने वाले दो गुर्गे चैकिंग के दौरान गोविंदपुरा पुलिस के हत्थे चढ़ गए।
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कारगो कुरियर कंपनी की आड़ में सोने-चांदी की तस्करी करने वाले दो गुर्गे चैकिंग के दौरान गोविंदपुरा पुलिस के हत्थे चढ़ गए।कारगो कुरियर कंपनी की आड़ में सोने-चांदी की तस्करी करने वाले दो गुर्गे चैकिंग के दौरान गोविंदपुरा पुलिस के हत्थे चढ़ गए।

  • कारगो कुरियर कंपनी की आड़ में चल रहा था खेल, पुलिस को हवाला का भी शक

Dainik Bhaskar

Jan 03, 2020, 03:19 AM IST

भोपाल | कारगो कुरियर कंपनी की आड़ में सोने-चांदी की तस्करी करने वाले दो गुर्गे चैकिंग के दौरान गोविंदपुरा पुलिस के हत्थे चढ़ गए। आरोपी 23 किलो 400 ग्राम चांदी (तीन सिल्ली) और 348 ग्राम सोना (45 टुकड़े) मुंबई पहुंचाने जा रहे थे। उनके पास से 9 लाख 61 हजार रुपए नकद भी पुलिस ने जब्त किए हैं। आरोपियों के पकड़े जाने के बाद कुछ ज्वेलर्स भी गोविंदपुरा थाने पहुंचे थे, लेकिन वे भी जब्त माल से संबंधित कोई कागजात नहीं सौंप पाए।

ऐसे में पुलिस इसे टैक्स चोरी, तस्करी और हवाला से भी जोड़कर देख रही है। पुलिस ने इसकी जानकारी इनकम टैक्स विभाग को दी है।  जानकारी के मुताबिक आईएसबीटी के सामने बुधवार रात करीब 11 बजे गोविंदपुरा पुलिस ने स्कूटी क्रमांक एमपी 04 एसके 0348 को चेकिंग के लिए रोका।  

टीआई अशोक सिंह परिहार के अनुसार पुलिसकर्मियों के स्कूटी सवार संदिग्धों से गाड़ी के दस्तावेज मांगे गए, तो वे जल्दी से चालान बनाने की बात करने लगे। उनके व्यवहार के कारण संदेह होने पर गाड़ी पर रखे बैग की तलाशी ली। इसमें सोना-चांदी और नकदी मिली। युवकों की पहचान चाणक्यपुरी चौराहा ऐशबाग निवासी सतेन्द्र सिंह भदौरिया (35), लकी कुशवाह (20) के रूप में हुई है। दोनों आरोपियों के पास सोने-चांदी और नकदी संबंधी कोई कागजात नहीं मिले। उन्होंने खुद को कारगो कुरियर कंपनी में नौकरी करना बताया। यह कंपनी महेंद्र तोमर नाम का एक व्यक्ति चलाता है। पुलिस ने महेंद्र से भी पूछताछ की है। टीआई परिहार के अनुसार कुछ ज्वेलर्स भी आए थे। उन्होंने बताया कि माल उनका है, लेकिन उनके पास कोई दस्तावेज नहीं थे। 

मुंबई में जेवर बनने के बाद लाते थे भोपाल
जांच में सामने आया है कि भोपाल के ज्वेलर्स ब्लैक में खरीदे गए सोने-चांदी को गलाकर मुंबई भेजते थे। इसके बाद मुंबई में जेवर बनने के बाद उन्हें कारगो कुरियर कंपनी के माध्यम से भोपाल लाया जाता था। हालांकि इसे टैक्स चोरी के रूप में देखा जा रहा है।

कस्टम ड्यूटी बढ़ने के बाद से तीसरी बड़ी जब्ती
केंद्र सरकार ने आम बजट 2019-20 में जब से सोना-चांदी पर कस्टम ड्यूटी 10% से बढ़ाकर 12.5% की है, तब से सोना और चांदी के दाम में 3000 से 4000 रुपए का अंतर आ गया है। साथ ही इसकी तस्करी के मामले भी तेजी से बढ़े हैं। यह तस्करी अलग-अलग चैनल्स के जरिए की जा रही है। एक साल पहले ही मुंबई सोना लेने जा रही एक कार 4 करोड़ रुपए के कैश के साथ पकड़ाई थी। इसके बाद दो बार हवाई मार्ग के जरिए सोना लाते लोग पकड़े गए थे।

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