--Advertisement--

सामाजिक सुरक्षा पेंशन घोटाला : 611 पेंशनर्स के अकाउंट में गड़बड़ी करने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार

फर्जी पतों की सिम प्राप्त करते थे। बैंक में खाता खुलवाते थे। उन खातों में फर्जी मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड करवाते थे।

Dainik Bhaskar

Apr 13, 2018, 02:53 AM IST
Social Security Pension Scandal

भोपाल. सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के पेंशनरों के डेटाबेस में छेड़छाड़ कर राशि दूसरे खातों में ट्रांसफर करने वाले तीन बदमाशों को सायबर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने 611 पेंशनर्स के खातों में छेड़छाड़ करके अपने 12 बैंक खातों के नंबर की एंट्री करके गड़बड़ी की थी। आरोपियों के खातों में 3.50 लाख रुपए ट्रांसफर हुए थे। मास्टर माइंड पहले भी शौचालय की राशि अपने खातों में जमा कराने के आरोप में गिरफ्तार हुआ था। पुलिस को एक और आरोपी की तलाश है।


उप संचालक सामाजिक न्याय एवं निशक्तजन कल्याण मनोज बाथम ने 24 मार्च को सायबर सेल में शिकायत की थी। शिकायत में बताया गया था कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन का वितरण पेंशन पोर्टल के माध्यम से होता है। किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा पेंशनर्स के डेटाबेस में परिवर्तन कर वैध खातों के स्थान पर अवैध खातों का उपयोग किया गया है। सायबर क्राइम पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी।

जांच में सामने आया कि कल्याण विभाग द्वारा वृद्धजनों, विधवा, परित्यक्त एवं दिव्यांगजन के लिए इंदिरा गांधी राष्ट्रीय निशक्त पेंशन, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, सामाजिक सुरक्षा पेंशन इत्यादि संचालित की जा रही है। इनका ऑनलाइन क्रियान्वयन एनआईसी मध्यप्रदेश के पेंशन पोर्टल के माध्यम से किया जा रहा है। पूर्व में पेंशनर्स को पेंशन के भुगतान में आने वाली कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए जून 2017 से उनको पेंशन का भुगतान (इलेक्‍ट्रॉनिक पेमेंट ऑर्डर) के माध्यम से सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया को अधिग्रहित कर सिंगल खाता राज्य स्तर पर खोलकर एनआईसी के सर्वर का इंट्रीगेशन बैंक सर्वर के साथ किया गया है।

समीक्षा के दौरान सामने आई गड़बड़ी
जनपद पंचायत व नगरीय निकायों द्वारा स्वीकृत प्रकरणों के आधार पर जनपद पंचायत व नगरीय निकायों की अनुशंसा के उपरांत प्रतिमाह पेंशन भुगतान राज्य स्तर से होता है, जिसके अंतर्गत एनआईसी द्वारा समस्त पेंशनर्स की एक सिंगल फाइल तैयार की जाती है। उक्त सिंगल फाइल की डिजिटल हस्ताक्षर कर एनआईसी सर्वर के माध्यम से सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के सर्वर पर भेजा जाता है। बैंक द्वारा पेंशन का भुगतान एनपीसीआई के माध्यम से सीधे पेंशनर्स के बचत खाते में होता है। वर्तमान में प्रदेश के 37 लाख से अधिक पेंशनर्स को प्रतिमाह पेंशन भुगतान सिंगल क्लिक के माध्यम से पेंशन पोर्टल से होता है। जनपद पंचायत द्वारा भौतिक सत्यापन के दौरान पेंशन योजनाओं की समीक्षा के दौरान सामने आया कि जनपद पंचायत के तीन हितग्राहियों के खाता नंबर माह जनवरी 2018 में बैंक ऑफ बड़ोदा के नाम से यूजर आईडी व पासवर्ड का उपयोग कर परिवर्तित किए गए हैं, जबकि दिसंबर 2017 की स्थिति में उपरोक्त 03 हितग्राहियों के बैंक खाता क्रमशः बैंक ऑफ इंडिया, भारतीय स्टेट बैंक व यूनियन बैंक में संचालित थे।

इसी प्रकार के अन्य प्रकरण क्रमशः अलीराजपुर, आगर मालवा, बड़वानी, बैतूल, बुरहानपुर, देवास, धार, डिंडोरी, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, राजग, रतलाम, सीधी, सिंगरौली, उज्जैन, विदिशा, अनूपपुर व नरसिंहपुर जिलों में भी हुए हैं। पेंशन पोर्टल पर बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा से पेंशन हितग्राहियों की सूची प्राप्त की गई । पेंशन पोर्टल से प्राप्त रिपोर्ट अनुसार 2,103 पेंशन हितग्राहियों के खाते बैंक ऑफ बड़ौदा की रीवा शाखा में संधारित पाए गए। हितग्राहियों की विस्तृत जानकारी के अनुसार 12 खाते 720 रिकार्ड में दर्ज होना पाया गया है। छानबीन में सामने आया कि बैंक आफ बड़ोदा, रीवा के 12 खातों में 3.50 लाख रुपए जमा हुए हैं। यह खाते त्योंथर रीवा के ग्राम मनिका निवासी कुलदीप पटेल और ग्राम झोटिया निवासी अशोक कुमार मांझी के थे। सायबर क्राइम पुलिस ने दोनों आरोपियों पर 10-10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था। सायबर क्राइम पुलिस अशोक मांझी, कुलदीप पटेल और मानसिंह को गिरफ्तार किया है।

ऐसे करते थे गड़बड़ी... फर्जी पतों की सिम खरीदते और बैंक अकाउंट खुलवाते
फर्जी पतों की सिम प्राप्त करते थे। बैंक में खाता खुलवाते थे। उन खातों में फर्जी मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड करवाते थे। समग्र पोर्टल में आईडी तथा पासवर्ड से प्रवेश प्राप्त कर हितग्राहियों के खाते बदल देते थे। सरकार जो पैसा हितग्राहियों को देना चाहती है वह पैसा इन खातों में चला जाना था। अशोक मांझी पूर्व में समग्र स्वच्छता मिशन के तहत शौचालय निर्माण करने पर हितग्राहियों को सरकार द्वारा ऑनलाइन भुगतान की राशि भी हड़प चुके है। उसने डाटा आपरेटर अमित केसरवानी के साथ मिलकर हितग्राहियों के खाते बदलकर फर्जी खाते डाल दिए थे जिससे पैसा उनके खातों में जमा होता था। सायबर सेल को अमित केसरवानी की तलाश है।

X
Social Security Pension Scandal
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..