सियासी फ्लैश बैक / राजकपूर के दोस्त थे गीतकार विट्‌ठलभाई, 1977 के चुनाव में उतरे तो मुंबई से आई प्रचार सामग्री



राजकपूर के साथ विट्‌ठलभाई। राजकपूर के साथ विट्‌ठलभाई।
strong Bollywood connections of politicians
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राजकपूर के साथ विट्‌ठलभाई।राजकपूर के साथ विट्‌ठलभाई।
strong Bollywood connections of politicians

  • गांधी और कपूर परिवार के करीबी विट्‌ठलभाई द्वारा सागर क्षेत्र में 80 के दशक में लगवाए गए हैंडपंप आज भी काम कर रहे हैं 
  • जननेता होने के बावजूद उनके एक सियासी डायलॉग ने सियासी कॅरियर को चोट पहुंचाई थी
  • ‘सत्ता को पैर के अंगूठे के नीचे और सरस्वती को माथे पर रखता हूं’ जैसे बयानों से करना पड़ा था विरोध का सामना

Dainik Bhaskar

Sep 15, 2019, 10:30 AM IST

सागर (राजकुमार प्रजापति). राजनेताओं का बॉलीवुड कनेक्शन आजादी के बाद से अब तक मजबूत है। बॉलीवुड सितारों की मदद से प्रत्याशियों की जीत की राह आसान हो जाती है। ऐसे ही एक राजनेता थे स्व. विठ्ठलभाई पटेल। मूलत: वह गीतकार थे, तो इसका फायदा उन्हें सियासत में भी मिला। उनके आग्रह पर शो-मैन राजकपूर ने अपनी फिल्म ‘तीसरी कसम’ की शूटिंग सागर जिले के खिमलासा में की थी। वे यहां हर समय विट्‌ठलभाई के साथ रहते थे।

 

1977 में जब वे दमोह-पन्ना लोकसभा सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव में उतरे तो उनके चुनाव प्रचार की सामग्री मुंबई से बोरों में भरकर आई थी। पटेल का राजनीति में गांधी परिवार और फिल्म जगत में कपूर परिवार से नजदीकी संबंध रहा है। उनके साथ 56 साल साथ रहे इतवारी वार्ड निवासी 78 वर्षीय हेमचंद जैन बताते हैं कि विट्‌ठलभाई के लिए मुंबई से उनके करीबी कलाकारों ने प्रचार सामग्री भिजवाई थी।

 

उनके पक्ष में चुनाव प्रचार के लिए पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने संजय गांधी को दमोह भेजा था। उस समय तत्कालीन मुख्यमंत्री श्यामाचरण शुक्ल ने उनके लिए पार्टी से फंड देने की पेशकश की थी,, लेकिन उन्होंने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया थ।  मध्यप्रदेश सरकार में 1982 से 1989 तक वे मंत्री रहे।  

 

विट्‌ठलभाई के करीबी वरिष्ठ कांग्रेस नेता महेश तिवारी बताते हैं कि एक कार्यक्रम में विट्‌ठलभाई ने मंत्री रहते कह दिया था कि मैं सत्ता को पैर के अंगूठे के नीचे दबाकर और सरस्वती को माथे पर सजाकर रखता हूं। इस बयान को लेकर पार्टी में उन्हें आंतरिक विरोध झेलना पड़ा। राजनीति में वे मां के इच्छा पर आए। विद्याचरण शुक्ल ने उनकी मां से बात कर उन्हें कांग्रेस ज्वाइन कराई थी।

 

सूखे में पहली बार ट्रेन से आया था पानी : 80 के दशक में सागर में सूखा पड़ा था। उस समय पहली बार ट्रेन से पानी आया था। उस वक्त तत्कालीन पंचायत व ग्रामीण विकास मंत्री विट्‌ठलभाई ने शहर में 50 से ज्यादा हैंडपंप खुदवाए थे। उनकेे पुत्र संजय पटेल ने सागर में एक हैंडपंप लोकार्पण का फोटो दिखाते हुए बताया कि उस समय तत्कालीन मुख्यमंत्री मोतीलाल बोरा और कांग्रेस नेत्री मार्गेट अल्वा सागर आईं थीं।

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