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मानसून / राज्य में तेज हवाओं के साथ उमस का असर, राजधानी समेत 38 जिलों में पड़ सकती हैं बौछारें



Sweat with strong winds in the state may fall in 38 districts, including the capital
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Sweat with strong winds in the state may fall in 38 districts, including the capital

  • प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में सुबह से बादल छाए, अगले हफ्ते भर अच्छी बारिश की संभावना नहीं 
  • अब प्रदेश के प्रदेश के छह जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई 

Jul 12, 2019, 03:06 PM IST

भोपाल. राज्य के अधिकांश हिस्सों में शुक्रवार की सुबह से बादल छाए हुए हैं, साथ ही तेज हवाएं चल रही हैं। जिससे उमस का असर कम है। बीते 24 घंटों के दौरान राज्य के कुछ ही स्थानों पर बूंदाबांदी हुई, वहीं बाकी स्थानों पर मौसम साफ होने से उमस का प्रभाव बना हुआ है। 

 

मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि आगामी 24 घंटों में राज्य में बारिश हो सकती है। उमस का असर कम रहेगा, लेकिन तापमान में बढ़ोत्तरी हो सकती है। शुक्रवार को भोपाल कान्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस, इंदौर का 24.4 डिग्री, ग्वालियर का 27.6 डिग्री और जबलपुर का न्यूनतम तापमान 26.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

 

गरज-चमक के साथ बारिश : सागर, पन्ना, टीकमगढ़, दमोह, छतरपुर, रीवा, सतना, सिंगरौली, उमरिया, अनूपपुर, शहडोल और डिंडोरी जिलों में कहीं-कहीं गरज-बरस के साथ बारिश होने की संभावना है। वहीं, भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, मंडला, बालाघाट, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा और कटनी समेत 38 जिलों में बौछारें पड़ने की संभावना है। 

 

अब भोपाल में हफ्तेभर तेज बारिश नहीं
इस बार जुलाई में अब तक मानसून भले ही मेहरबान रहा हो, लेकिन दो-तीन दिन बाद यह हिमालय की तराई में जा सकता है। इसका असर यह होगा कि अगले एक हफ्ते तक भोपाल समेत प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में तेज बारिश नहीं होगी। लोकल सिस्टम के कारण छिटपुट बौछारें पड़ने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञ एसके नायक ने बताया कि अब मध्य भारत में बारिश में कमी आ सकती है। 14 जुलाई के आसपास मानसून ट्रफ के हिमालय की तराई में जाने की संभावना है। 

 

अब तक प्रदेश में इतनी बारिश : वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक एके शुक्ला ने बताया कि प्रदेश में अब तक मानसून सक्रिय रहने से सामान्य 212.8 मिमी से 25 फीसदी ज्यादा 265.3 मिमी बारिश हो चुकी है। भोपाल में सामान्य 223.1 मिमी से 30 फीसदी अधिक 289.8 मिमी बारिश हो चुकी है। 

 

6 जिलों में सामान्य से कम बारिश  
राज्य के 14 जिलों में सामान्य से अत्यधिक बारिश, 15 जिलों में सामान्य से ज्यादा और 14 जिलों में सामान्य बारिश तथा दर्ज की गई है।  मानसून के दौरान शुक्रवार तक मध्य प्रदेश के 6  जिलों में होशंगाबाद, बैतूल, छिंदवाड़ा, बालाघाट, सीधी एवं गुना जिले में सामान्य से कम बारिश हुई। 

 

इन 14 जिलों में अत्यधिक बारिश : राज्य के मुरैना, भिंड, ग्वालियर, दतिया, शिवपुरी, नीमच, मंदसौर, रतलाम झाबुआ, इंदौर, उज्जैन, खंडवा, दमोह एवं उमरिया जिलों में अत्यधिक वर्षा दर्ज की गई है। वहीं 14 जिलों में खरगोन, बुरहानपुर, देवास, हरदा, विदिशा, सागर, छतरपुर, पन्ना, सतना, कटनी, शहडोल, अनूपपुर, डिंडोरी एवं सिवनी जिलों में सामान्य बारिश रिकॉर्ड की गई है।

 

जबकि 15 जिलों में अलीराजपुर, धार, बड़वानी, श्योपुरकलां, राजगढ़, आगर मालवा, सहजपुर, सीहोर, भोपाल, नरसिंगपुर, जबलपुर, मंडला, टीकमगढ़, रीवा, सिंगरौली जिलों में सामान्य से अधिक दर्ज की गई है। 

 

ग्वालियर में आगे सात दिन अच्छी बारिश की उम्मीद नहीं 
शहर में 8 दिन से हो रही बारिश का सिलसिला गुरुवार को थम गया। बारिश थमते ही उमस भरी गर्मी ने फिर से बेचैनी बढ़ाना शुरू कर दिया है। गुरुवार को बादल भी छाए रहे। लेकिन बादलों को नमी नहीं मिलने से बारिश नहीं हो सकी। इसका कारण पूर्वी उत्तर के प्रदेश के ऊपर बना मानसून सिस्टम का बिहार की तरफ सिस्टम होना है। अब यह सिस्टम पूर्व उत्तर प्रदेश व बिहार के ऊपर सक्रिय है, जिससे वहां बारिश हो रही है। हालांकि मानसून सीजन में शहर में अब तक 279.7 मिमी बारिश हो चुकी है। जबकि अब तक औसत बारिश का कोटा 148 मिमी है। 

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