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मेट्रो के लिए टेंडर इस माह, अगस्त में शुरू होगा काम, 4 साल में पहला चरण पूरा करने का टारगेट

दरअसल, 2009 से राजधानी में मेट्रो की बात चल रही है। लेकिन अब तक यह केवल कागजों पर ही दौड़ रही है।

Bhaskar News | Last Modified - May 16, 2018, 01:09 AM IST

  • मेट्रो के लिए टेंडर इस माह, अगस्त में शुरू होगा काम, 4 साल में पहला चरण पूरा करने का टारगेट

    भोपाल.विधानसभा चुनाव की सुगबुगाहट के साथ एक बार फिर मेट्रो ट्रेन की चर्चा शुरू हो गई है। एलिवेटेड मेट्रो रूट के लिए टेंडर इस महीने के अंत तक जारी हो सकता है। ऐसी स्थिति में अगस्त में काम शुरू हो जाएगा। इसके बाद अंडरग्राउंड रूट का टेंडर जारी होगा। यदि कोई अड़चन नहीं आई तो चार साल में पहले चरण का काम पूरा हो जाएगा। हालांकि अभी तक यूरोपियन इंवेस्टमेंट बैंक (ईआईबी) से लोन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है।


    ईआईबी ने लोन देने पर सैद्धांतिक सहमति दे दी है। राज्य सरकार ने बजट में 200 करोड़ का प्रावधान किया है। शुरुआत में इसी राशि से काम होगा, तब तक लोन स्वीकृत हो जाएगा। फिलहाल मेट्रो रेल कंपनी केंद्र सरकार के स्तर पर मंजूरी की औपचारिकता पूरी करने पर जोर दे रही है ताकि काम शुरू हो सके।


    2009 से कागजों में ही दौड़ रही है मेट्रो
    दरअसल, 2009 से राजधानी में मेट्रो की बात चल रही है। लेकिन अब तक यह केवल कागजों पर ही दौड़ रही है। पिछले साल सितंबर में जर्मनी की डीबी इंजीनियरिंग एंड कंसल्टिंग कंपनी को जनरल कंसलटेंट नियुक्त किया गया था। अगस्त में केंद्र सरकार ने मेट्रो प्रोजेक्ट को मंजूरी देने की पॉलिसी में बदलाव कर दिया था । अब मेट्रो को मंजूरी केवल आमदनी और खर्चे के आधार पर नहीं दी जाएगी। बल्कि प्रदूषण, ट्रैफिक, रोजगार आदि पर असर को भी देखा जाएगा। इसमें पीपीपी और टीओडी को भी शामिल किया गया है।

    6962.92 करोड़ में से 3501.97 करोड़ का लोन होगा

    यूरोपियन इंवेस्टमेंट बैंक भोपाल मेट्रो के पहले चरण के 6962.92 करोड़ में से 3501.97 करोड़ रुपए लोन देगा। 1167.33 करोड़ रुपए केंद्र सरकार देगी। 1853.62 करोड़ राज्य सरकार को देना होंगे। 440 करोड़ रुपए पीपीपी से जुटाए जाएंगे। लोन पर ब्याज व अन्य शर्तें अभी तय होना है।

    टीओडी नीति का भी इंतजार
    अब केंद्र सरकार ने मेट्रो के लिए ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी) जरूरी कर दिया है। ऐसे में इस पॉलिसी के लागू हुए बिना प्रोजेक्ट को केंद्र की मंजूरी नहीं मिलेगी। प्रदेश की टीओडी नीति पिछले तीन साल से तैयार है, लेकिन यह अभी तक लागू नहीं हो पाई है। पिछले साल सितंबर में मास्टर प्लान में टीओडी को शामिल करने के लिए एक संशोधन जारी हुआ था, लेकिन इसकी प्रक्रिया भी अभी तक पूरी नहीं हुई है।

    नगरीय प्रशासन के प्रमुख सचिव विवेक अग्रवाल ने बताया कि मई अंत तक मेट्रो रेल का पहला टेंडर जारी करने की कोशिश कर रहे हैं। यह एलिवेटेड रूट कंस्ट्रक्शन के लिए होगा। चरणबद्ध तरीके से काम करेंगे। कोशिश है कि अगस्त में काम शुरू कर हो जाए और चार साल में यह पूरा हो जाए।

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