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आरोपी मोबाइल एप से ही यूएस करतेे थे कॉल

पांच हजार अमेरिकियों को ठगने वाले आरोपियों से जब्त दस्तावेेजों और कंप्यूटर का डाटा सायबर सेल खंगालने में जुटी...

Danik Bhaskar | Sep 10, 2018, 03:20 AM IST
पांच हजार अमेरिकियों को ठगने वाले आरोपियों से जब्त दस्तावेेजों और कंप्यूटर का डाटा सायबर सेल खंगालने में जुटी हुई है। इसके बाद ही जांच टीम आगे की कार्रवाई तय कर पाएगी। हालांकि अब तक यह तय नहीं हो सका है कि अब इसके बाद क्या होगा? इससे यह सवाल उठ रहा है कि आखिर अमेरिका में बैठे आरोपियों तक कैसे पहुंचा जा सकेगा? क्या पुलिस सरकार के मध्यम से इंटरपोल या यूएस सरकार से संपर्क करेगी? पुलिस की जांच अब किस तरह काम करेगी? क्या इस तरह के और भी कॉल सेंटर संचालित हो रहे हैं? हालांकि सायबर सेल के अधिकारी अब इस मामले को विवेचना के हिस्सा बताते हुए ज्यादा जानकारी देने से बचते नजर आ रहे हैं। सायबर सेल सोमवार को अभिषेक को कोर्ट में पेश कर देगी। वह दस सितंबर तक पुलिस रिमांड पर है।

पिपलानी में ही निकला दूसरा कॉल सेंटर

इससे पहले एटीएस ने वर्ष 2017 में पिपलानी इलाके से एक फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा किया था। पकड़े गए आरोपी पाकिस्तान के आतंकी संगठन के संपर्क में थे। करीब डेढ़ साल बाद दूसरा फर्जी कॉल सेंटर भी पिपलानी इलाके में ही पकड़ा गया। ऐसे में पुलिस की गश्त को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

ऑडी खरीदना चाहता था अभिषेक

एसपी सायबर सेल राजेश सिंह भदौरिया ने बताया कि आरोपी अमेरिका में फोन कॉल मोबाइल एप से करते थे। इनके माध्यम से कॉल करने पर कॉलर का नंबर उसकी मर्जी के मुताबिक ही दिखता था। ऐसे में पीड़ित कॉल पर अविश्वास नहीं कर पाता था। इसी का आरोपी फायदा उठाते थे। एसपी भदौरिया ने बताया कि अभिषेक ऑडी कार खरीदना चाहता था। अभिषेक का कहना है कि एक फर्जी कॉल सेंटर चलाने वाले ने चार साल में ही इसी काम से ऑडी कार खरीद ली थी। उसे भी लगा था कि वह भी जल्द ही अपने पैसों से एक आराम दायक लाइफ हासिल कर लेगा।