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भास्कर खास / काॅलेज का बैडमिंटन कोर्ट लोगों के लिए नहीं खोला तो कलेक्टर ने प्राचार्य का वेतन रोका

सुरभि गुप्ता कलेक्टर सुरभि गुप्ता कलेक्टर
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सुरभि गुप्ता कलेक्टरसुरभि गुप्ता कलेक्टर

  • तीन माह से 7 लोगों को नहीं मिला वेतन, शासन तक पहुंचा मामला

Dainik Bhaskar

Feb 14, 2020, 07:30 AM IST

भोपाल . प्रदेश में कलेक्टरों के तल्ख रवैये का मामला थमता नजर नहीं आ रहा है। ताजा मामला अलीराजपुर कलेक्टर सुरभि गुप्ता का है। जिले के पीजी काॅलेज में यूजीसी और काॅलेज की जनभागीदारी से 77 लाख रुपए की लागत का एक इनडोर गेम्स हाॅल तैयार हुआ है। इसमें बैडमिंटन खेलने के लिए वूडन कोर्ट भी है। कलेक्टर ने प्राचार्य को फरमान सुना दिया कि इस हाॅल को आम जनता के लिए खोल दिया जाए। साथ ही इसे खेल एवं युवक कल्याण विभाग को सौंप दिया जाए।

प्राचार्य ने इससे इनकार किया तो कलेक्टर ने प्राचार्य और प्रभारी प्राचार्य का वेतन रोकने के निर्देश जिला कोषालय अधिकारी को दे दिए। बताया जा रहा है कि इस गेम्स हाॅल से जुड़े सात लोगों का वेतन तीन माह से जारी नहीं किया गया। हाल ही में 11 फरवरी को जब तीसरे महीने का भी वेतन नहीं मिला तो प्राचार्य व प्रभारी प्राचार्य ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी उच्च शिक्षा आयुक्त को दे दी। गौरतलब है कि कुछ समय पहले छतरपुर कलेक्टर मोहित बुंदस ने सर्दी के समय छुट्टी कम करने के साथ ही बच्चों और शिक्षकों को स्कूल में बैठा दिया था। 

इन लोगों का वेतन रोका

प्रभारी प्राचार्य डाॅ. अल्पना बारिया, डाॅ. एसएल देवड़ा, डाॅ. भूपेंद्र तिवारी, डाॅ. उर्मिला डाॅगी, यूजीसी प्रभारी प्रो. एनएस भाटी, प्रो. मीना सोलंकी और डाॅ. रमेश भिंडे।

प्राचार्य स्पष्टीकरण नहीं दे पाईं, इसलिए रोका वेतन

कलेक्टर सुरभि गुप्ता का कहना है कि पीडब्ल्यूडी की पीआईयू यूनिट ने इनडोर गेम्स हाॅल बना दिया है। पीआईयू उसे हैंडओवर करने को तैयार है, लेकिन प्राचार्य नहीं ले रहीं। उनसे इस बारे में स्पष्टीकरण मांगा तो वे कुछ नहीं कह पाईं। इसलिए उनका वेतन रोकने के लिए कहा। जहां तक आम लोगों के लिए इनडोर गेम्स हाॅल खोलने और बाकी छह लोगों की सैलरी रोकने का सवाल है तो एेसा नहीं कहा। किसी ने वेतन रोका है तो यह गलत है।

कलेक्टर ने हाॅल न देने पर वेतन रोक दिया : प्राचार्य

प्रभारी प्राचार्य डाॅ. अल्पना बारिया ने कहा कि होम लोन की किस्तें भरनी हैं। बीमा पॉलिसी का प्रीमियम देना है। लेकिन तीन माह का वेतन सिर्फ इसलिए नहीं दिया गया कि हाॅल सुपुर्द नहीं किया। अभी पीआईयू को 40 लाख 52 हजार रुपए का भुगतान बाकी है। इसके लिए यूजीसी को लिखा है। इससे पहले हैंडओवर कैसे लें। यह स्थिति कलेक्टर  को बताई, लेकिन उन्होंने कोषालय अधिकारी से वेतन रोकने के लिए कह दिया। यह भी कहा कि जब तक इनडोर गेम्स हाॅल आम नागरिकों और खेल विभाग को उपलब्ध नहीं करवाओगे, तब तक वेतन नहीं निकलेगा।

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