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  • The country is most in need of harmony and non violence today, Gandhiji even sacrificed his life for this: Kamal Nath

भोपाल / देश को आज सद्भाव और अहिंसा की सबसे ज्यादा जरूरत, गांधी जी ने इसके लिए अपने प्राणों का बलिदान तक दे दिया: कमलनाथ

कमलनाथ ने बुधवार को मुख्यमंत्री निवास पर 'गांधी संदेश पद यात्रा' किताब का विमोचन किया। कमलनाथ ने बुधवार को मुख्यमंत्री निवास पर 'गांधी संदेश पद यात्रा' किताब का विमोचन किया।
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कमलनाथ ने बुधवार को मुख्यमंत्री निवास पर 'गांधी संदेश पद यात्रा' किताब का विमोचन किया।कमलनाथ ने बुधवार को मुख्यमंत्री निवास पर 'गांधी संदेश पद यात्रा' किताब का विमोचन किया।

  • कमलनाथ ने बुधवार को 'गांधी संदेश पद यात्रा' किताब का विमोचन किया
  • उन्होंने कहा- देश-दुनिया में शांति के लिए अहिंसा ही एक मात्र विकल्प

दैनिक भास्कर

Jan 29, 2020, 08:57 PM IST

भोपाल. मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा है कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने सत्य और अहिंसा का जो मार्ग दिखाया है, वही एक मात्र विकल्प है, जो हमारे देश और दुनिया में शांति कायम कर सकता है। कमलनाथ बुधवार को मुख्यमंत्री निवास पर 'गांधी संदेश पद यात्रा' पुस्तक का विमोचन कर रहे थे। उन्होंने कहा कि देश की वर्तमान और भावी पीढ़ी को गांधी जी के विचारों से अवगत कराना ही आज की सबसे बड़ी जरूरत है। विभिन्न संस्कृतियों, भाषाओं और धर्म पर आधारित हमारे देश की यह विशेषता बनी रहे, एक दूसरे के प्रति सम्मान का भाव रहे, इसके लिए हर भारतीय को प्रयास करना चाहिए। 

कमलनाथ ने कहा कि हमारे देश का संविधान पूरी दुनिया में सबसे महान संविधान है। यह सर्व धर्म समभाव और समानता पर आधारित है। कई देशों ने हमारे संविधान को अपनाया है। यह संविधान अक्षुण्ण रहे, यह हम सभी का कर्तव्य है।

इससे पहले, कमलनाथ ने शहीद दिवस की पूर्व संध्या पर अपने संदेश में कहा कि सद्भाव और अहिंसा की आज भारत को सबसे ज्यादा जरूरत है। गांधी जी ने इसके लिए अपने प्राणों तक का बलिदान दे दिया। अब हमारा कर्तव्य है कि देश को बांटने की कोशिशों को नाकामयाब करें। उन्होंने कहा कि यही एकमात्र विकल्प है जो देश को एक सूत्र में पिरोए रख सकता है और यही हमारी उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

25 दिसंबर को जबलपुर से शुरू हुई थी यात्रा 

महात्मा गांधी के 150वीं जंयती वर्ष के मौके पर 'गांधी संदेश पद यात्रा' जबलपुर से 25 दिसंबर को शुरू हुई। इसका समापन मुख्यमंत्री कमलनाथ ने 6 जनवरी को छिंदवाड़ा में किया। समापन अवसर पर हुए कार्यक्रम में 25 हजार स्कूली बच्चों ने महात्मा गांधी के प्रिय भजन 'वैष्णनव जन को तैने कहिए' को सामूहिक रूप से गाया, जो एक वर्ल्ड रिकॉर्ड बना है।

गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के साउथ एशिया हेड आलोक कुमार ने मुख्यमंत्री को इस रिकॉर्ड का प्रमाण-पत्र प्रदान किया। दुर्गेश पटेल के नेतृत्व में 70 पद यात्रियों ने गांवों और स्कूलों में जाकर गांधी जी के संदेश को पहुंचाया। पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधारोपण भी किया। 

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