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पहले लड़का काम न करे तो लॉ करा देते थे, अब दौर बदला

कॉम्पिटीशन में केएलई लॉ कॉलेज बेंगलुरु के स्टूडेंट्स रहे नंबर वन। सिटी रिपोर्टर | भोपाल सालों पहले जब कोई...

Dainik Bhaskar

Sep 10, 2018, 02:11 AM IST
Bhopal - पहले लड़का काम न करे तो लॉ करा देते थे, अब दौर बदला
कॉम्पिटीशन में केएलई लॉ कॉलेज बेंगलुरु के स्टूडेंट्स रहे नंबर वन।

सिटी रिपोर्टर | भोपाल

सालों पहले जब कोई लड़का कोई काम न करे तो घरवाले उसे लॉ करा देते थे। उस दौर में इस फील्ड में लड़कियां कम थीं। आज यह फील्ड बड़ी हो गई है और युवाओं का खुद ब खुद रुझान भी बढ़ा है। यह कहना है मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के जस्टिस जेके महेश्वरी का। जस्टिस महेश्वरी एनएलआईयू में आयोजित नेशनल लेवल क्लाइंट काउंसलिंग कॉम्पिटीशन के अंतिम दिन बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि स्टूडेंट्स को लिटिगेशन फील्ड पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। स्टूडेंट्स ज्यादा से ज्यादा लिटिगेशन फील्ड में पार्टिसिपेट करें।

जस्टिस महेश्वरी ने कहा- समाज में जब भी कोई डिसिजन सही समय पर आता है तो उस पर कोई भी व्यक्ति सवाल नही करता, क्योंकि वह हमेशा सही होता है। उन्होंने कहा- हमेशा अपने क्लाइंट का ध्यान रखना चाहिए। क्लाइंट की सहायता करने के साथ-साथ उसको समझाकर सही दिशा बतानी चाहिए।

इस दौरान लिंक लीगल इंडियन लॉ सर्विस के अतुल शर्मा ने कहा कि लॉ प्रैक्टिस करने का सही तरीका मूट कोर्ट है। उन्होंने कहा कि स्टूडेंट्स को क्लाइंट का एनालिसिस करना चाहिए। क्लाइंट किसलिए आया है यह जानना बहुत जरूरी है। गरीब हो या अमीर हमेशा अपने क्लाइंट को फैक्ट के आधार पर एडवाइज देना चाहिए। एनएलआईयू के डायरेक्टर प्रो वी विजयकुमार ने कहा कि कर्नाटक और तमिलनाडु से टीमों ने कॉम्पिटीशन में हिस्सा लिया था इसलिए मैं जज के पैनल में शामिल नहीं हुआ। सभी के साथ फेयर रहे, इसलिए यह जरूरी है।

यूएस-इंग्लैंड में कोर्ट प्रैक्टिस भी करते हैं जज: प्रोफेसर घयूर आलम ने कहा कि यूएस और इग्लैंड के जज कोर्ट प्रैक्टिस भी करते हैं। यूएस में रिटायर होने के बाद शिक्षक बनते हैं, प्रैक्टिस की डिटेल्स के बारे में स्टूडेंट्स को अवगत कराते हैं। इसलिए कोर्ट प्रैक्टिस होना जरूरी है। भारत में अधिकांश लॉ टीचर बिना प्रैक्टिस के हैं।

केएलई लॉ कॉलेज बेंगलुरु के स्टूडेंट्स रहे नंबर वन

कॉम्पिटीशन में केएलई लॉ कॉलेज बेंगलुरु के स्टूडेंट प्रीतम अलीवेरा और चैत्रा भट्ट ने पहला स्थान हासिल किया। वहीं एनयूजेएस लॉ कॉलेज कोलकाता की स्टूडेंट्स नम्रता राव और श्रेया मिश्रा ने दूसरा स्थान हासिल किया।

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