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भोपाल . नगर निगम ने केरवा में 10.50 एकड़ भूमि पर 203 पेड़ काटने की अनुमति जारी कर दी। अनुमति जारी होते ही यह पेड़ काट दिए गए। जिस जमीन पर यह अनुमति दी गई वह बाघ विचरण क्षेत्र में शामिल है। खास बात यह है कि इसी साल फरवरी में एनजीटी ने अपने एक आदेश में इस क्षेत्र में जंगल की मैपिंग करने के निर्देश दिए थे। मैपिंग के दौरान पेड़ों की कटाई की अनुमति नहीं दी जा सकती। इस बारे में शिकायत होने पर नगर निगम आयुक्त बी विजय दत्ता ने अनुमति निरस्त करते हुए अपर आयुक्त पवन सिंह और सहायक आयुक्त मनोज मौर्य को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। दो दिन के भीतर जवाब देने के निर्देश दिए। यही नहीं, जमीन मालिक राजेश पारसदासानी को भी तीन दिन के भीतर दस्तावेज पेश करने को कहा गया है। दस्तावेजों के परीक्षण के बाद पारसदासानी द्वारा जमा कराए गए 11.65 लाख रुपए जब्त कर नगर निगम यहां पौधरोपण करेगा।
सुबह ही 100 पेड़ काट दिए - सामाजिक कार्यकर्ता राशिद नूर खान ने बताया कि शुक्रवार को सुबह 11 बजे से देर रात तक 5-6 जेसीबी मशीन के साथ बड़ी संख्या में आए लोगों ने 100 से अधिक पेड़ काट दिए। उन्होंने वन विभाग के अफसरों से संपर्क किया तो अफसरों ने उन्हें निजी जमीन के मालिक रमेश पारदासानी को निगम द्वारा 203 पेड़ काटने की अनुमति जारी होने की जानकारी दी।
सीपीए ने नहीं दिया ध्यान - निगम आयुक्त बी विजय दत्ता ने मामला उनकी जानकारी में नहीं लाने पर अफसरों पर नाराजगी जताई। उधर, निगम के अपर आयुक्त पवन सिंह ने कहा कि आवेदक ने बाघ विचरण क्षेत्र और एनजीटी की रोक वाली जानकारी छुपाई और सीपीए ने भी ध्यान नहीं दिया। सीपीए के सीसीएफ (फाॅरेस्ट) संजय श्रीवास्तव ने प्रकरण की जानकारी होने से ही इनकार किया।
सीपीए ने स्थल निरीक्षण के बाद भी दे दी एनओसी - पेड़ों को काटने की अनुमति से पहले सीपीए की एनओसी ली जाती है। निगम ने पारदासानी का आवेदन सीपीए को फारवर्ड कर दिया। सीपीए ने निरीक्षण भी कराया और 11,65,800 रु. जमा कराने पर एनओसी जारी कर दी। इस एनओसी के आधार पर निगम ने पेड़ काटने की अनुमति दे दी।
नगर निगम से ली है सारी अनुमति - जमीन मालिक राजेश पारसदासानी ने कहा कि मेरे पास सारी अनुमति है, लेकिन कुछ लोग ब्लैकमेलिंग कर रहे हैं। पारसदासानी ने कहा कि सीपीए को आवेदन दिया था और निगम से अनुमति लेने के बाद ही पेड़ काटे हैं। हमारी जमीन का लैंडयूज सार्वजनिक- अर्ध सार्वजनिक है। हमने खेती में बाधा जैसी कोई बात आवेदन में नहीं लिखी थी।
...इधर सुझाव एक लाख पेड़ लगाए स्मार्ट सिटी कंपनी
राज्य आवास संघ के पूर्व चेयरमैन एएस सिंहदेव नगरीय आवास एवं विकास मंत्री जयवर्धन सिंह को पत्र लिख कर सुझाव दिया है कि स्मार्ट सिटी कंपनी को एबीडी एरिया, उसके आसपास और तालाबों के किनारे सब मिलाकर एक लाख पेड़ लगाना चाहिए। इसमें पचास हजार पेड़ तो फलदार होना चाहिए। सिंहदेव ने अखबारों में प्रकाशित खबरों के आधार पर लिखे पत्र में कहा है कि राजधानी बनाते समय भोपाल के टीटी नगर-शिवाजी नगर एरिया में अधिक पेड़ नहीं थे। यहां के जनप्रतिनिधियों और रहवासियों की जागरूकता से यहां हरियाली हुई। अब इसे नष्ट किया जा रहा है।
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