पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

राज्य में अब गाय का इलाज करवाने के लिए भी देना होगी फीस; शिवराज ने इसे शर्मनाक कदम बताया

एक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
मप्र में अब गायों का मुफ्त इलाज नहीं किया जाएगा।
  • पशु संजीवनी की मुफ्त सेवा बंद, मवेशी के इलाज के लिए देना होंगे 100 रुपए
  • पिछले साल 2 अक्टूबर को तत्कालीन शिवराज सरकार ने पशु संजीवनी योजना शुरू की थी

भोपाल. प्रदेश में अब गायों के इलाज के लिए पशुपालकों को फीस चुकाना होगी। सरकार ने पशु संजीवनी योजना के अंतर्गत दी जाने वाली मुफ्त सेवा बंद कर इसकी 100 रुपए फीस तय कर दी है। एक मवेशी के इलाज के लिए उसके मालिक को यह राशि अदा करना होगी। इधर,पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कमलनाथ सरकार इस कदम को शर्मनाक बताया है। उन्होंने कहा कि  मुफ्त पशु संजीवनी योजना में फीस का प्रावधान कर पशुपालकों,गौ माता व अन्य बेजुबान जानवरों के साथ भी अन्याय किया है। इलाज के अभाव में कई बेजुबान असमय मारे जाएंगे। 
 

ये भी पढ़ें
डिलीवरी ब्वॉय बन कवर्ड कैंपस में घुसे; बिल्डर के घर 21 लाख की चोरी
इस तरह से पशुओं के आधार पर इलाज की राशि की गणना होगी। अब तक घर पहुंच कर दी जाने वाली यह सेवा निशुल्क थी। फीस तय होने से पशुपालकों को इलाज किए गए पशुओं के हिसाब से रकम अदा करना हाेगी। इधर, विभाग के अधिकारियों की दलील है कि लोग मामूली समस्याओं के लिए कॉल करते थे इसलिए फीस रखी गई है। 
 

शिवराज सरकार ने शुरू की थी संजीवनी सेवा
पिछले साल 2 अक्टूबर को तत्कालीन भाजपा सरकार ने पशु संजीवनी योजना शुरू की थी। इसके तहत काल सेंटर के नंबर 1962 पर काल कर आकस्मिक और घर पहुंच पशु चिकित्सा सेवा शुरू की गई थी। पशु संजीवनी के नंबर पर कॉल करने पर वाहन से डाॅक्टर काल लगाने वाले व्यक्ति के घर पहुंचते थे और पशुओं का निशुल्क इलाज करते थे। प्रदेश में 313 पशु संजीवनी वाहन हैं जिन में डॉक्टर और उनके सहायक तैनात रहते हैं। कॉल आने पर वे जानवरों का इलाज करने जाते हैं। 
 

अब देना होगी फीस
पशुपालन विभाग ने 1962 पशु संजीवनी सेवा की फीस तय कर दी है। इसे एक नवंबर से प्रभावी भी कर दिया गया है। पशुपालकों के मुताबिक अब तक अगर उनके अगर पांच गाय-भैंस बीमार होती थी तो उनका डॉक्टर घर पहुंचकर मुफ्त इलाज करते थे। लेकिन अब उन्हें प्रति पशु 100 रुपए के हिसाब से फीस देना होगी। पांच जानवरों की फीस 500 रुपए हो जाएगी। खास बात यह है कि जिला रोगी पशु कल्याण समिति की रसीद बुक से शुल्क प्राप्ति की रसीद पशुपालक को दी जाएगी। 
 
 

पहले ही ध्यान नहीं अब और नही देंगे
इस संबंध में विभाग के ही कुछ अधिकारी सवाल खड़े कर रहे हैं। उनका मानना है कि प्रदेश में गायों को यूं ही छोड़ा जा रहा है। अब तक मुफ्त इलाज मिलता था तो फिर भी पशुपालक उन्हें रख लेते थे। अब अगर उन्हें इसकी फीस देना होगी तो गायों का ढंग से इलाज भी नहीं करवाएंगे। ऐसी स्थिति में गायों की स्थिति और खराब हो जाएगी। 
 

यह फीस की तय 
गाय,भैंस,घोड़ा आदि बड़े पशु - 100 रुपए प्रति पशु
भेड़,बकरी आदि छोटे पशु - 100 रुपए प्रति एक से दस पशु
कुत्ता - 100 रुपए प्रति पशु
कुक्कुट - 100 रुपए प्रति एक से 40 मुर्गी
टीकाकरण शुल्क - 100 रुपए एक से दस पशुओं के लिए
 
 

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- आज का दिन पारिवारिक व आर्थिक दोनों दृष्टि से शुभ फलदाई है। व्यक्तिगत कार्यों में सफलता मिलने से मानसिक शांति अनुभव करेंगे। कठिन से कठिन कार्य को आप अपने दृढ़ विश्वास से पूरा करने की क्षमता रखे...

और पढ़ें